आउटसोर्सिंग में भारत का दबदबा बरकरार

व्यापक दक्षता आधार और पहले शुरुआत करने का लाभ भारत को आज भी आउटसोर्सिंग क्षेत्र में मिल रहा है और यह दुनिया की कई प्रमुख कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है। यह बात ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म ए टी केयर्नी की रिपोर्ट में कही गई है।

ए टी केयर्नी के वैश्विक सेवा स्थल सूचकांक (जीएसएलआई) 2011, सूची में भारत, चीन और मलयेशिया क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। ये तीनों देश वर्ष 2003 में सूचकांक शुरू होने से ही इस स्थान पर कायम हैं जो इनके स्थायित्व बनाए रखने की क्षमता, बेहतर दक्षता वाले लोगों की उपस्थिति और लागत लाभ को प्रदर्शित करता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है और भारतीय किसी भी प्रकार की आउटसोर्सिंग गतिविधि को अंजाम देने में सक्षम हैं। तीव्र गति से सेवा देने और बेहतर दक्षता आधार के बदौलत भारत अब भी आईटी सेवा बाजार में अपना दबदबा बनाए हुए है। उद्योग के सभी आयामों की प्रतिस्पर्धा में भारत ने अपनी अग्रणी स्थिति को साबित किया है और यह सभी अपतटीय सेवाओं के मामले में नेतृत्व की भूमिका में उभरा है।

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