कभी हिंदुस्तान यूनिलीवर की किरकिरी बन चुके कर्सनभाई पटेल ने अपनी कंपनी निरमा लिमिटेड (बीएसई कोड – 500308, एनएसई कोड – NIRMA) को शेयर बाजार से डीलिस्ट कराने का फैसला कर लिया है। कंपनी की तरफ से आधिकारिक सूचना मिलते ही यह शेयर कल 52 हफ्ते के शिखर 264.85 रुपए पर जा पहुंचा। हालांकि बंद हुआ 7.15 फीसदी की बढ़त के साथ 240.50 रुपए पर। तेजी के पीछे भागनेवाले निवेशक हो सकता है इसे लपकने की कोशिशऔरऔर भी

आपको 8000 अंक पर 15,000 के लक्ष्य के साथ खरीद की कॉल, इसके बाद फिर 15,000 अंक पर 20,000 के लक्ष्य के साथ खरीद की कॉल और फिर इसके बाद जब धन का प्रवाह अलग रंग दिखा रहा हो तब बिक्री की कॉल देने के लिए बड़ा कलेजा और बूता चाहिए। कलेजे के साथ आपको अपने ऊपर भरोसा व विश्वास होना चाहिए। साथ ही साथ इसके लिए बाजार की समझ भी जरूरी है। ब्रोकरों को तो हमेशाऔरऔर भी

ग्रेन्यूल्स इंडिया के बारे में तकनीकी विश्लेषक बताते हैं कि उसमें लंबी व मध्यम अवधि (तीन महीने से लेकर साल भर) का ‘बुलिश’ रुख है और यह बढ़कर 121 रुपए तक जा सकता है। कल यह 1.97 फीसदी बढ़कर 103.30 रुपए पर बंद हुआ है। ग्रेन्यूल्स इंडिया हैदराबाद स्थित दवा कंपनी है। पहले कंपनियों को दवाओं के अवयव (एपीआई) और फॉर्मूलेशन के मध्यवर्ती उत्पाद (पीएफआई) ही बनाकर सप्लाई करती थी। अब पूरी तरह तैयार दवाएं भी बनानेऔरऔर भी

मैं अपनी पुरानी राय पर कायम हूं और उसमें कोई तब्दीली नहीं आई है। यह भी तय मान लें कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अपनी राय नहीं बदलूंगा क्योंकि ऐसा करना मुझे कतई मंजूर नहीं। इस महीने 77,000 करोड़ रुपए के आईपीओ आने हैं। ऐसे में बाजार में करेक्शन न आए, ऐसा कैसे हो सकता है? अभी तो कोल इंडिया की वजह से बाजार में रवानगी बची हुई है। इसके आईपीओ का मूल्य मंगलवार, 12औरऔर भी

सार्वजनिक अस्पतालों को चलाने के लिए सरकार को सब्सिडी देनी पड़ती है, जबकि निजी अस्पताल महंगे होने के बावजूद लोगों से पटे रहते हैं और करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं। यह मानसिकता और पद्धति का सवाल है। ब्रिटेन में सब्सिडी चलती है तो हेल्थकेयर सिस्टम पिटा पड़ा है। जर्मन में स्वास्थ्य बीमा चलता है तो हेल्थकेयर सिस्टम चकाचक है। भारत में सब घालमेल है। लेकिन ‘जान है तो जहान है’ और परिजनों के लिए कुछ भी करनेवालेऔरऔर भी

स्कूटर्स इंडिया भारत सरकार की बीमार कंपनी है। केवल बीएसई (कोड – 505141) में लिस्टेड है। कभी लैम्ब्रेटा व विजय सुपर मॉडल के स्कूटर बनाती थी। अब थ्री ह्वीलर और उसके इंजिन व पार्ट-पुर्जे बनाती है। निजी क्षेत्र की किसी कंपनी को बेचने या उसके साथ संयुक्त उद्यम बनाने से ही इसका उद्धार हो सकता है। ऊंचे से ऊंचे स्तर से ऐसी बिक्री या गठबंधन का संकेत देकर इसके शेयर को उठाने की कोशिशें हो चुकी हैं।औरऔर भी

मैंने साफ-साफ कहा था कि निफ्टी 6000 से लेकर 6100 के बीच डोलेगा और यही हो रहा है। आज एक करोड़ से ज्यादा निफ्टी बढ़ाकर अगले सेटलमेंट में ले जाए गए। यह निश्चित रूप से डेरिवेटिव सौदों में हाल का सबसे बड़ा वोल्यूम होगा। कल बाजार 6100 या उसके आसपास बंद होगा। आज यह 5991 अंक पर बंद हुआ है। यानी कल इसमें 100 अंक या इससे ज्यादा की वृद्धि होगी। इसकी सीधी वजह यह है किऔरऔर भी

आईडीबीआई बैंक (बीएसई कोड – 500116, एनएसई कोड – IDBI) में निवेश के बारे में हम पिछले दो महीने से लिख रहे है। चक्री चमत्कार कॉलम में इसे खरीदने की सलाह बराबर दी जाती रही है। 7 जून को जब हमने खुलकर इसे खरीदने को कहा था, तब इसका भाव था 111.90 रुपए। और, यह बढ़ते-बढ़ते कल 52 हफ्ते की चोटी 147.30 रुपए पर पहुंच गया। हालांकि बंद हुआ 146.50 रुपए पर। असल में 1 सितंबर कोऔरऔर भी

रोल्टा इंडिया (बीएसई कोड – 500366, एनएसई कोड – ROLTA) में कुछ खेल चल रहा है। जहां उसमें औसत कारोबार 2.66 लाख शेयरों का रहता था, वहीं कल बीएसई में उसके 14.51 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई। हालांकि इसमें से 3.85 लाख (26.56 फीसदी) शेयर ही डिलीवरी के लिए थे यानी 83.46 फीसदी सौदे दिन के दिन में ही काट लिए गए। एनएसई में भी कल इसके 43.91 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं जबकि एक दिनऔरऔर भी

जेबीएफ इंडस्ट्रीज (बीएसई कोड – 514034, एनएसई कोड – JBFIND) ने जून 2010 की तिमाही में अकेले दम पर 850.25 करोड़ रुपए की आय पर 31.64 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। अगर उसकी सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात की सब्सिडियरी कंपनियों का भी कारोबार शामिल कर दें तो इस दौरान उसकी समेकित आय 1414.47 रुपए और शुद्ध लाभ 54.86 करोड़ रुपए रहा है। बिक्री की तुलना में उसका लाभ नहीं बढ़ा है। कंपनी का ठीकऔरऔर भी