बाजार पर आज कम से कम दोपहर तक हाउसिंग लोन घोटाले का असर छाया रहेगा। लेकिन लंबे निवेश की चाह में लगे लोगों के लिए यह घोटाला कोई ऐसा मसला नहीं है जिससे डरकर भाग लिया जाए। गिरावट के ऐसे मौके तो अच्छे शेयरों को सस्ते में पकड़ने के लिए ही होते हैं। ऐसा ही सस्ता शेयर है टेक्नोफैब इंजीनियरिंग का। उसे कल ही 30 करोड़ रुपए का नया ऑर्डर मिला है। इससे ठीक पंद्रह दिन पहलेऔरऔर भी

गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड (बीएसई – 532734, एनएसई – GPIL) बी ग्रुप की कंपनी है। किसी सूचकांक में शामिल नहीं तो शेयर बाजार में मची हायतौबा से बाहर है। बाजार गिरे या बढ़े, उस पर फर्क जरूर पड़ता है, लेकिन ज्यादा नहीं। जैसे कल सेंसेक्स 1.33 फीसदी गिर गया, जबकि उसमें आई गिरावट 0.58 फीसदी ही रही। उसमें सेंसेक्स जैसा भारी उतार-चढ़ाव भी नहीं है। वह 193.25 से 198.95 रुपए के सीमित दायरे में सुकून सेऔरऔर भी

बहुत से निवेशक अभी तक मार्क टू मार्केट के दबाव और विशेषज्ञों की सलाहों के आगे घुटने टेक चुके हैं और बाजार से बहुत कुछ बेच-बाच कर निकल गए हैं। ब्रोकर उन्हें अब भी समझा रहे हैं कि हर बढ़त उनके लिए राहत का मौका है और ऐसे हर मौके पर उन्हें बेचकर निकल लेना चाहिए। अच्छा है क्योंकि आपका इम्तिहान चल रहा है। अब, ऐसा तो नहीं हो सकता कि आप हर बार उम्मीद करें किऔरऔर भी

रामको इंडस्ट्रीज बड़ी पुश्तैनी किस्म की कंपनी है। उसके संस्थापक चंदन का तिलक धारण करनेवाले पीएसी रामासामी राजा है। कंपनी ने अपना पहला एस्बेस्टस शीट प्लांट 1967 में तमिलनाडु के आराक्कोणम में लगाया। दूसरा शीट प्लांट करूर (कर्णाटक) में 1974 में और तीसरा प्लांट माक्सी (मध्य प्रदेश) में 1987 में लगाया। इससे पहले माक्सी में ही उसने 1983 में 5 मीटर लंबी और 80 मिमी से लेकर 1000 मिमी व्यास वाली एस्बेस्टस सीमेंट प्रेशर पाइप बनाने काऔरऔर भी

मैंगलोर केमिकल्स एंट फर्टिलाइजर्स का शेयर इसी 3 नवंबर को 52 हफ्ते के शिखर 48.25 रुपए पर जा पहुंचा था। उसके बाद से ढलान पर है। कल बीएसई (कोड – 530011) में 1.28 फीसदी की गिरावट के साथ 42.40 रुपए और एनएसई (MANGCHEFER) में 1.40 फीसदी की गिरावट के साथ 42.35 रुपए पर बंद हुआ है। जहां बीएसई में इसके 7.64 लाख शेयरों का, वहीं एनएसई में 10.44 लाख शेयरों का कारोबार हुआ है। यह अच्छी कंपनीऔरऔर भी

लॉयड इलेक्ट्रिक (बीएसई कोड – 517518, एनएसई कोड – LLOYDELENG) का शेयर सतह से उठने लगा है। पिछले एक महीने में यह 15 फीसदी बढ़ चुका है। 8 अक्टूबर को यह 71.50 रुपए पर बंद हुआ था। कल 9 नवंबर को यह (5.72 फीसदी बढ़कर) 82.25 रुपए पर बंद हुआ है। जल्दी ही इसके 120 रुपए से ऊपर पहुंच जाने के आसार हैं। हालांकि दूसरी तिमाही के उसके नतीजे बहुत खास नहीं रहे हैं। सितंबर 2010 मेंऔरऔर भी

मंत्रों की शक्ति मैं नहीं जानता। आवाहन नहीं जानता। वंदना भी नहीं जानता। लेकिन बताते हैं कि दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी की विशिष्ट कृपा पाने के लिए इस मंत्र का जाप करते हैं तो आप सबकी तरफ से हम भी कहते हैं, “ऊँ महालक्ष्मये च विदमहे विष्णु पत्न्ये च धीमहि तन्नो लक्ष्मिः प्रचोदयात्। ऊँ शांतिः शांतिः शांतिः।” मैं तो मां लक्ष्मी से यही मांगता हूं कि वे अर्थकाम की टीम को इतना सक्षम व समर्थऔरऔर भी

जिंदल सॉ बीएसई के ए ग्रुप और बीएई-200 सूचकांक में शामिल है। इसलिए कैश सेगमेंट के साथ ही उसमें डेरिवेटिव सौदे (फ्यूचर एंड ऑप्शन) भी होते हैं। उसके अक्टूबर सीरीज के फ्यूचर्स में वोल्यूम एक करोड़ शेयरों के पार जा चुका है, जबकि नवंबर सीरीज के फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट एक ही सत्र में 103 फीसदी बढ़ गया है। इससे साफ पता चलता है कि इस स्टॉक में बड़े लोग घुस रहे हैं। शुक्रवार को कंपनी काऔरऔर भी

बाजार में निवेश का निर्णय कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है। जैसे, अगर हम इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट (बीएसई कोड – 532832, एनएसई कोड – IBREALEST) का मामला लें तो इसका प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) और पी/ई अनुपात इसमें कतई निवेश की इजाजत नहीं देता। इसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 1.12 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 2.07 फीसदी बढ़कर 209.65 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह उसका पी/ई अनुपात निकलता है 187.36। इतनेऔरऔर भी

डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स का शेयर पिछले एक महीने के दौरान ऊपर में 84 और नीचे में 71.10 रुपए तक गया है। थोड़ा और पीछे जाएं तो करीब पौने दो महीने पहले 23 अगस्त को उसने 91.10 रुपए पर पिछले 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर हासिल किया है। उसका सबसे कम भाव 60 रुपए का रहा है जो उसने इसी साल 31 मार्च को हासिल किया था। लेकिन जानते हैं इस शेयर की बुक वैल्यू कितनी है? 174.70औरऔर भी