भारत व अमेरिका समेत दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-20 के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) को और धन दिए जाने पर विचार किया ताकि वह खासतौर पर दिवालियापन के संकट का सामना कर रहे यूरोपीय देशों के लिए अधिक ऋण सहायता दे सके। ब्रिटेन ने वित्त मंत्री जार्ज आस्बोर्न ने गुरुवार यहां इन नेताओं की बैठक के बाद कहा कि चीन जैसे देशों ने इन प्रस्तावों में रुचि दिखाई। पर उन्होंने यह नहीं बतायाऔरऔर भी

दुनिया में छा रही आर्थिक मंदी से स्‍थायी रूप से उबरने के लिए रोजगार का मुद्दा विकास की हर रणनीति में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए। इसके बिना मंदी से मुक्ति संभव नहीं है। यह बात केंद्रीय श्रम व रोज़गार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को पेरिस में जी-20 देशों के श्रम मंत्रियों के सम्‍मेलन में कही। इस सम्‍मेलन में जी-20 देशों के श्रम मंत्री वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद से बेरोज़गार की समस्‍या से निपटनेऔरऔर भी

आज का दिन शेयर बाजार में कत्लोगारद का दिन है। अमेरिका का संकट सारी दुनिया पर हावी है। मध्य-पूर्व के बाजारों में कुवैत में 2.51 फीसदी से लेकर इस्राइल की 6.59 फीसदी गिरावट ने झांकी दिखा दी है कि भारत व एशिया के बाजारों में क्या हो सकता है। हमारे पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में शेयर सूचकांक रविवार को बाजार खुले होने पर 2.2 फीसदी गिर चुका है। सेंसेक्स शुक्रवार को 2.19 फीसदी गिरकर 17,305.87 पर बंद हुआऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बैंकिंग गोपनीयता को समाप्त करने और ट्रांसफर प्राइसिंग के दुरूपयोग या परस्पर सम्बद्ध फर्मों के बीच अंतराष्ट्रीय सौंदों के बिलों में घपलेबाजी को रोकने के लिए सभी देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री का आरोप है कि बैंकों की गोपनीयता और सौदों में भुगतान के बिलों में हेराफेरी कर के विकासशील देशों के दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है। मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में सोमवारऔरऔर भी

संरक्षणवाद का विरोध करते हुए भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत वैश्विक व्यापार को खोलने के लिए दोहा दौर की वार्ताओं को संतोषजनक अंजाम तक पहुंचाने की वकालत की। शुक्रवार को दक्षिण कोरियो की राजधानी सोल में जी-20 शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सभी देशों के प्रमुख इन वार्ताओं को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं से कहा कि वेऔरऔर भी

दुनिया के 20 प्रमुख देशों के समूह जी-20 की बैठक जब शुरू हो रही हो, अमेरिका व यूरोप समेत तमाम विकसित देशों की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई हों, प्रमुख मुद्राओं में युद्ध की स्थिति आ गई हो, तमाम केंद्रीय बैंक व बड़े निवेशक सुरक्षा के लिए सोने की तरफ भाग रहे हों, ठीक उस वक्त विश्व बैंक भी सोने की अहमियत बताने लगे तो किसी का भी चौंकना स्वाभाविक है। लेकिन विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जॉयलिक नेऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले हफ्ते होनेवाली भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के आर्थिक पहलू पर केंद्रित रहेगी क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इसे सबसे महत्वपूर्ण उभरते हुए द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के तौर पर देखता है। ह्वाइट हाउस में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फोरमैन ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह असल में अमेरिका के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय रूप से सबसे महत्वपूर्ण और उभरते हुए आर्थिक संबंध हैं। हम जी-20 के परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ काफीऔरऔर भी