बिग बी अमिताभ बच्चन जिसके बारे में विज्ञापन करते हैं कि बिनानी सीमेंट सदियों के लिए, वह कंपनी अब शेयर बाजार से रुखसत होने की तैयारी में है। उसकी प्रवर्तक कंपनी बिनानी इंडस्ट्रीज ने कंपनी की पूरी पब्लिक होल्डिंग खरीद कर इसे डीलिस्ट करने का फैसला कर लिया है। बिनानी सीमेंट का निदेशक बोर्ड बुधवार, 6 अक्टूबर को अपनी बैठक में इस फैसले को पास कर चुका है। अब कंपनी के शेयरों के बीएसई और एनएसई सेऔरऔर भी

ऑर्किड नहीं आर्किडप्लाई इंडस्ट्रीज नाम है उसका। उसके शेयर एनएसई (कोड – ARCHIDPLY) और बीएसई (कोड – 532994) में लिस्टेड हैं। बी ग्रुप के इस शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपए है। उसकी मौजूदा बुक वैल्यू 48.38 रुपए है, जबकि शेयर का भाव चल रहा है 32.90 रुपए। कल ही बीएसई में इसमें 3.79 फीसदी और एनएसई में 2.52 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। मोटी-सी बात है कि कोई शेयर अगर अपनी बुक वैल्यू सेऔरऔर भी

वेदांता समूह की कंपनी सेसा गोवा का शेयर इस साल अप्रैल में 490 रुपए के ऊपर चला गया था। 8 अप्रैल को उसने 494.30 रुपए पर 52 हफ्ते का सर्वोच्च स्तर हासिल किया था। अभी 340 रुपए के आसपास डोल रहा है। अगस्त में वेदांता समूह द्वारा केयर्न एनर्जी की 20 फीसदी हिस्सेदारी सेसा गोवा के खाते से खरीदने की घोषणा हुई तो अचानक इसके शेयर घटकर 312 रुपए पर आ गए थे। 9 सितंबर को तोऔरऔर भी

सार्वजनिक अस्पतालों को चलाने के लिए सरकार को सब्सिडी देनी पड़ती है, जबकि निजी अस्पताल महंगे होने के बावजूद लोगों से पटे रहते हैं और करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं। यह मानसिकता और पद्धति का सवाल है। ब्रिटेन में सब्सिडी चलती है तो हेल्थकेयर सिस्टम पिटा पड़ा है। जर्मन में स्वास्थ्य बीमा चलता है तो हेल्थकेयर सिस्टम चकाचक है। भारत में सब घालमेल है। लेकिन ‘जान है तो जहान है’ और परिजनों के लिए कुछ भी करनेवालेऔरऔर भी

निफ्टी गुरुवार को इस सेटलमेंट की समाप्ति से पहले 6290 तक जा सकता है क्योंकि तमाम शॉर्ट सौदे अभी कटने बाकी हैं। जबरदस्त रिकवरी का सेटलमेंट रहा है यह। इसमें निफ्टी 5400 से उठकर 6100 तक पहुंचा है। इसलिए तेजड़िए अपना सारा दम निफ्टी को 6290 तक ले जाने में लगा देंगे। निफ्टी में इससे पहले का उच्चतम स्तर 6337 का रहा है। हालांकि करेक्शन का होना तय है, लेकिन अगले सेटलमेंट से पहले ऐसा नहीं होगा।औरऔर भी

एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज गुरुवार को अपने खिलाफ सुनाए गए सेबी के आदेश पर अगले कदम की उधेड़बुन में लगा है। इस बीच शुक्रवार को सेबी चेयरमैन सी बी भावे ने इस बाबत पूछे गए सवाल पर कहा कि हर किसी को तय नियमों का पालन करना पड़ेगा। लेकिन एमसीएक्स-एसएक्स लगातार इक्विटी ट्रेडिंग की इजाजत न मिलने को सेबी द्वारा एनएसई को बचाने की कोशिश बताता रहा है। जवाब में एनएसई भी उसे नीचा दिखाने से बाज नहींऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) बढ़ते-बढ़ते फिर गिरने लगा। कल बीएसई सेंसेक्स 80.71 अंक गिरा तो इसमें तकरीबन आधा, 49.51 फीसदी योगदान रिलांयस का रहा। कितनी विचित्र बात है कि मंगलवार 21 सितंबर को जब सेंसेक्स ने करीब 32 महीने बाद 20,000 आंकड़ा पार किया, उसी दिन से रिलायंस में गिरावट का नया सिलसिला शुरू हुआ है। तरह-तरह की थ्योरी पेश की जा रही है कि निवेशक आरईएल ने निकलकर ओएनजीसी की तरफ जा रहे हैं। दुनिया में भरऔरऔर भी

आईडीबीआई बैंक (बीएसई कोड – 500116, एनएसई कोड – IDBI) में निवेश के बारे में हम पिछले दो महीने से लिख रहे है। चक्री चमत्कार कॉलम में इसे खरीदने की सलाह बराबर दी जाती रही है। 7 जून को जब हमने खुलकर इसे खरीदने को कहा था, तब इसका भाव था 111.90 रुपए। और, यह बढ़ते-बढ़ते कल 52 हफ्ते की चोटी 147.30 रुपए पर पहुंच गया। हालांकि बंद हुआ 146.50 रुपए पर। असल में 1 सितंबर कोऔरऔर भी

रोल्टा इंडिया (बीएसई कोड – 500366, एनएसई कोड – ROLTA) में कुछ खेल चल रहा है। जहां उसमें औसत कारोबार 2.66 लाख शेयरों का रहता था, वहीं कल बीएसई में उसके 14.51 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई। हालांकि इसमें से 3.85 लाख (26.56 फीसदी) शेयर ही डिलीवरी के लिए थे यानी 83.46 फीसदी सौदे दिन के दिन में ही काट लिए गए। एनएसई में भी कल इसके 43.91 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं जबकि एक दिनऔरऔर भी

देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) ने मोबाइल पर शेयरों की ट्रेडिंग शुरू करने में सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) से बाजी मार ली है। उसने मंगलवार पर मोबाइल आधारित ट्रेडिंग की शुरुआत कर दी और पहले ही दिन तीस प्रमुख ब्रोकर फर्मों ने उसकी सेवा को अपना लिया है। इसमें शेयरखान, जेएम फाइनेंशियल, एनाम सिक्यूरिटीज, एसटीसीआई कैपिटल, एसएमसी ग्लोबल, एंजेल ब्रोकिंग, मारवाड़ी शेयर्स, मोतीलाल ओसवाल, ज़ेन सिक्यूरिटीज, जेपी कैपिटल,औरऔर भी