जहां सारे कुएं में भांग पड़ी हो, वहां समझदारी की बात करना बेवकूफी है। हमारे शेयर बाजार का यही हाल है। ऑपरेटर, म्यूचुअल फंड और एफआईआई अंदर की खबरों पर काम करते हैं। बाजार इतना छिछला व छिछोरा है कि इनकी खरीद की खबर भी अंदर की खबर बन जाती है। खिलाड़ी लोग इन्हीं खबरों के आधार पर खेल करते हैं। कुछ हैं जो इन्हें कहीं न कहीं फुसफुसा देते हैं। ऐसे लोग गिने-चुने हैं। कुछ हैंऔरऔर भी

हमारे शेयर बाजार और शेयरों का हाल निराला है। ठीक जिस दिन रेजिन निर्माता कंपनी भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स के खिलाफ उसके आम शेयरधारकों ने कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) में धांधली व वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज कराया और सीएलबी ने अंतरिम राहत के तौर पर प्रवर्तकों की सहयोगी कंपनी जागृति रेजिंस का नाम कंपनी रजिस्ट्रार, मुंबई के रिकॉर्ड से निकाल देने को कहा, उसी दिन भंसाली इंजीनियरिंग का शेयर बीएसई में 15.95 फीसदी और एनएसई में 16.45औरऔर भी

पर्यावरण मंत्रालय की एक विशेषज्ञ आकलन समिति (ईएसी) ने पुणे के पास 2000 हेक्टेयर में बन रही लवासा की पर्वतीय नगर परियोजना के पहले चरण के लिए सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश की है। लवासा परियोजना हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) की है। इसके लिए उसने लवासा कॉरपोरेशन नाम की सब्सिडियरी बना रखी है। एचसीसी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अजित गुलाबचंद ने शुक्रवार को मुंबई में शेयरधारकों की सालाना आमसभा (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 37वीं सालाना आमसभा (एजीएम) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उसकी तारीफ के पुल बांध दिए। सब बता डाला कि कितनी बड़ी कंपनी है, बराबर किस शानदार रफ्तार से हर मोर्चे पर बढ़ी है, वर्तमान कितना दमदार है और भविष्य कितना शानदार होगा। मुंबई के न्यू मरीन लाइंस के बिड़ला सभागार में जुटे शेयरधारकों ने तालियां भी बजाईं। लेकिन बाजार को मुकेश अंबानी के वाग्जाल में कुछ दम नहीं नजर आया। कंपनी का शेयर गुरुवारऔरऔर भी

बाजार पलटकर उठा। सुबह-सुबह सेंसेक्स 18,672.65 और निफ्टी 5604.95 तक चला गया। निफ्टी का यूं 5600 के स्तर को पार करना बड़ी बात थी। लेकिन दोपहर बारह बजे के बाद बाजार अपनी बढ़त को बनाए नहीं रख। माना जा रहा था कि निफ्टी के 5580 के ऊपर पहुंचते ही टेक्निकल एनालिस्ट और बाजार के पंटर भाई लोग लांग होने या खरीद की भंगिमा अपनाने जा रहे हैं। लेकिन शर्त यही है कि निफ्टी को इससे ऊपर बंदऔरऔर भी

वेदांत समूह द्वारा केयर्न एनर्जी को अधिग्रहण करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी, जबकि इस सौदे को पूरा करने की निर्धारित अंतिम तारीख 20 मई को समाप्त हो रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, “वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी जिसमें केयर्न एनर्जी द्वारा केयर्न इंडिया में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी वेदांत समूह को बेचने पर चर्चाऔरऔर भी

मूलभूत रूप से मजबूत कंपनियों के शेयर बढ़ते ही हैं। हमने इसी कॉलम में 1 जुलाई 2010 को वी-गार्ड इंडस्ट्रीज की चर्चा की थी। तब उसका भाव 102 रुपए था। नौ महीनों में यह बढ़कर 190 रुपए पर पहुंच गया है। इस बीच 11 नवंबर 2010 को यह 215 रुपए की ऊंचाई भी छू चुका है। रिटर्न की गणना आप खुद कर लीजिए। इसलिए बाजार से चुन-चुनकर मजबूत शेयर पकड़ते रहना चाहिए। वक्त के साथ वे अच्छाऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने माना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य जिंसों की कीमतों में तेजी से देश पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। मंगलवार को राजधानी दिल्ली में उद्योग संगठन फिक्की की 83वीं सालाना आमसभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा, ‘‘दुनिया के बाजार में जिंसों की कीमतों से देश में महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीयऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी, जिसके शेयरधारकों की संख्या 35.62 लाख से थोड़ी ज्यादा है। ऐसी कंपनी की सालाना आमसभा को जब देश का सबसे अमीर शख्स सामने-सामने संबोधित कर रहा हो तो उद्योग जगत व निवेश की दुनिया का शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो उससे सुनना नहीं चाहेगा। वह भी तब, जब दो भाइयों के बीच पिछले पांच साल से चली आ रही जंग के खात्मे का एलान हो चुका है। जी हां, ऐसेऔरऔर भी