कहावत है कि चिंता से चतुराई घट जाती है। लेकिन ब्रिटेन के सनी डाउनस्टेट मेडिकल सेंटर के एक ताजा शोध से पता चला है कि बुद्धिमत्ता और चिंता में बड़ा करीबी रिश्ता है। उच्च बुद्धिमत्ता और चिंता से मस्तिष्क में कोलीन नामक रसायन का क्षरण समान गति से होता है। इसलिए यह कहना गलत है कि चिंता नकारात्मक और बुद्धिमानी सकारात्मक है। दोनों असल में सिक्के का एक ही पहलू हैं। शोध से यह भी पता चलाऔरऔर भी

भले ही मार्च में ओएनजीसी के 5 फीसदी शेयरों की नीलामी में केंद्र सरकार की काफी फजीहत हुई हो, लेकिन चालू वित्त वर्ष 2012-13 में 30,000 करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह मुख्य रूप से नीलामी का ही तरीका अपनाएगी। वित्त मंत्रालय में विनिवेश विभाग के प्रमुख, मोहम्मद हलीम खान ने सोमवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत के दौरान कहा, “जब आप एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) लाते हैं तो संबंधित कंपनीऔरऔर भी

इस साल संसद के शीत सत्र के अंत तक सभी राज्यों में चल रही मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना) के कामकाज का ऑडिट संसद के सामने रख दिया जाएगा। यह ऑडिट भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की तरफ से किया जाएगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में सीएजी से मुलाकात के बाद यह घोषणा की। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए श्री रमेश ने कहा कि अक्तूबर केऔरऔर भी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जयप्रकाश एसोसिएट्स को 1380 मेगावॉट बिजली परियोजना के लिए जिले की करछना तहसील के छह गांवों में मिली 416 हेक्टेयर का आवंटन रद्द कर दिया, जबकि बारा तहसील में 1980 मेगावॉट बिजली परियोजना के लिए पांच गावों में 831 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को खारिज करने से मना कर दिया। हाईकोर्ट का यह फैसला बीते हफ्ते शुक्रवार को आया है। लेकिन राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों की रोशनी में इसे बहुत अहम माना जाऔरऔर भी

पश्चिमी देशों में अनिश्चित आर्थिक स्थिति भारत के सेवा क्षेत्र के लिए फायदे का सौदा साबित हुई है। बीते वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी की अवधि में देश के सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह 62 फीसदी बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवा क्षेत्र में 2011-12 के पहले दस महीनों में 4.83 अरब डॉलर का विदेशी पूंजी निवेश हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.98औरऔर भी

बीते शुक्रवार को इनफोसिस ने जो किया, वही इस शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा किए जाने का अंदेशा है। इनफोसिस को पहले लगी 12.6 फीसदी चोट के ऊपर करीब 1.5 फीसदी का फटका आज और लग गया। शेयर 25 अगस्त 2011 को हासिल 2169 रुपए के न्यूनतम स्तर से थोड़ा ही दूर, 2339.35 पर बंद हुआ। अब बाजार में चर्चा चल निकली है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का लाभ चौथी तिमाही में उम्मीद से लगभग 7 फीसदी कमऔरऔर भी

मार्च में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के 6.70 फीसदी रहने का भरोसा था। लेकिन वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च में मुद्रास्फीति की दर 6.89 फीसदी रही है। फरवरी महीने में इसकी दर 6.95 फीसदी थी। इस तरह इसमें कमी तो आई है। लेकिन जितनी उम्मीद थी, उतनी नहीं। फिर भी भरोसा है कि रिजर्व बैंक सालाना मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में चौथाई फीसदी कमी करऔरऔर भी

जुआरी इंडस्ट्रीज 1967 में बनी के के बिड़ला समूह की कंपनी है। वो समूह जो हिंदुस्तान टाइम्स व मिंट जैसे अखबार भी निकालता है। इसके बारे में हमने सबसे पहले इसी जगह 6 जनवरी 2011 को लिखा था। तब इसका दस रुपए का शेयर 690 रुपए के आसपास चल रहा था। करीब तीन महीने में यह लगभग 6 फीसदी बढ़कर 15 अप्रैल 2011 को 730 रुपए के शिखर पर पहुंच गया। लेकिन इस समय दस रुपए अंकितऔरऔर भी

विज्ञान का सीधा-सा नियम है कि काम का निर्धारण इससे होता है जो कोई चीज चली कि नहीं। सीढ़ी चढ़कर वहीं उतर आओ तो थक जाने के बावजूद विज्ञान की नज़र में किया गया काम शून्य है। इसलिए सार्थक मेहनत का ही मोल है।और भीऔर भी