बुद्धिमान हैं तभी तो चिंतित हैं जनाब!

कहावत है कि चिंता से चतुराई घट जाती है। लेकिन ब्रिटेन के सनी डाउनस्टेट मेडिकल सेंटर के एक ताजा शोध से पता चला है कि बुद्धिमत्ता और चिंता में बड़ा करीबी रिश्ता है। उच्च बुद्धिमत्ता और चिंता से मस्तिष्क में कोलीन नामक रसायन का क्षरण समान गति से होता है। इसलिए यह कहना गलत है कि चिंता नकारात्मक और बुद्धिमानी सकारात्मक है। दोनों असल में सिक्के का एक ही पहलू हैं। शोध से यह भी पता चला कि खास तरह के डिस-ऑर्डर के शिकार अधिक आईक्यू वाले लोग अधिक चिंता भी करते हैं।

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