किसी समय हमारे किसान देसी खाद का ही इस्तेमाल करते थे। लेकिन रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते और पशुपालन के घटते चलन ने इसे खत्म कर दिया। इस समय देश में कुल कृषियोग्‍य भूमि के 3% से कम भाग में जैव-उर्वरकों का उपयोग होता है। वह भी पहले से बढ़ने के बाद। जैव-उर्वरकों का कुल उत्‍पादन वित्‍त वर्ष 2008-09, 2009-10 और 2010-11 में क्रमशः 25,065 टन, 20,040 टन और 37,998 टन रहा है। सरकार इधर राष्ट्रीय कृषि विकासऔरऔर भी

विदेश में बसे भारतीयों ने बीते वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान देश में 56 अरब डॉलर की रकम भेजी है। यह इससे पिछले साल की तुलना में दो अरब डॉलर अधिक है। प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में खाड़ी क्षेत्र के मिशन प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में 2010-11 में 55.9 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा विदेश में बसे भारतीयों नेऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कुल मिलाकर 2126 करोड़ रुपए मूल्य के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 18 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। जिन कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है उनमें डिश टीवी व एमसीएक्स शामिल है, जबकि यूनिटेक वायरलेस के आवेदन को कैबिनेट के पास विचार के लिए भेज दिया गया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की सिफारिशों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इसकेऔरऔर भी

फ्रांस और जर्मनी ने तय किया है कि कर्ज संकट से निबटने में यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) की भूमिका पर वे खुली बहस नहीं करेंगे। यूरोपीय केंद्रीय बैंक की भूमिका को लेकर यूरो क्षेत्र के दोनों देशों में गंभीर मतभेद रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोजी और जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने इटली के नए प्रधानमंत्री मारियो मोंटी के साथ बातचीत के बाद कहा कि उन्हें स्वतंत्र केंद्रीय बैंक पर भरोसा है और यूरोपीय संघ कीऔरऔर भी

सरकार ने देश के बाहर और भीतर बेहिसाब धन व आय से अधिक सम्पत्ति का अनुमान लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके पड़नेवाले असर का पता लगाने के लिए एक अध्ययन शुरू किया गया है। इसकी रिपोर्ट सितंबर 2012 तक मिल जाएगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने वित्त संबंधी स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर यह अध्ययन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यहऔरऔर भी

फैसला भारत सरकार। देश में सड़क से लेकर संसद तक विरोध। लेकिन अमेरिका में स्वागत। वॉशिंगटन से जारी बयान में आधिकारिक तौर पर दलाली का काम करनेवाली अमेरिका-भारत बिजनेस परिषद ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी किए जाने का स्वागत किया है। उसने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुरुवार रात को लिए गए इस फैसले को ‘साहसिक’ बताया है और कहाऔरऔर भी

सेटलमेट का पहला दिन और इससे ज्यादा सन्निपात से भरा कोई और दिन हो ही नहीं सकता था। वोलैटिलिटी को दिखानेवाला इंडिया वीआईएक्स 4.18 फीसदी बढ़कर 29.12 पर जा पहुंचा। निफ्टी ऊपर में 4767.30 तक तो नीचे में 4693.10 तक। सांसें इतनी ऊपर-नीचे! हालांकि बाजार में थोड़ी-बहुत खरीद चालू हो चुकी है। फिर भी बाजार के उस्तादों ने बीते सेटलमेंट में जो गोटें सेट की हैं, उनके हिसाब से दिसंबर तक की लंबी अवधि के पचड़े मेंऔरऔर भी

हर चमकनेवाली चीज सोना नहीं होती। है तो यह कहावत, लेकिन चमक के पीछे के सच को समझने में काफी मदद करती है। राजेश एक्सपोर्ट्स की चमक का भी कुछ ऐसा ही मामला है। अभी दस दिन पहले ही उसने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। साल भर पहले की तुलना में बिक्री 14.43 फीसदी बढ़कर 5767.03 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 45.21 फीसदी बढ़कर 107.08 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी की अधिकांश आय निर्यात सेऔरऔर भी

ज़िंदगी हमारी अपनी है। पर धरती हम साझा करते हैं। हवा-धूप साझा करते हैं। दुनिया साझा करते हैं। देश साझा करते हैं। प्रशासन व राजनीतिक तंत्र साझा करते हैं। जो साझा है, उसकी भी तो फिक्र जरूरी है।  और भीऔर भी