विकास कर्मनाशा, कृषि का बेड़ा गरक!
देश में आर्थिक विकास की उलटबांसी चल रही है। खुद सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में कृषि में हमारी 44.1% श्रमशक्ति को रोजगार मिला हुआ था और मैन्यूफैक्चरिंग में 12.1% को। वित्त वर्ष 2021-22 तक विकास की ऐसी कर्मनाशा बही कि कृषि में लगी श्रमशक्ति बढ़कर 45.5% और मैन्यूफैक्चरिंग में घटकर 11.6% हो गई। श्रमशक्ति से बाहर निकलकर देखें तो देश की 60-70% आबादी अब भी किसी न किसी रूप में कृषि पर निर्भरऔरऔर भी
