भ्रष्टाचार के खिलाफ जनभावनाओं का प्रतीक बन चुके प्रख्यात सामाजिक अण्णा हजारे ने कहा है कि उनका योगगुरु बाबा रामदेव के साथ कोई मतभेद नहीं है। कल रामदेव ने लोकपाल विधेयक के लिए बनी संयुक्त समिति में पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण दोनों के रखे जाने पर आपत्ति उठाई थी। रामदेव के प्रतिनिधि एस के तिजारावाला ने उलाहना देते हुए कहा था – पिता मुखिया, बेटा सदस्य और केजरीवाल की सीट काऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए जागरूक नागरिकों और मंत्रियों की दस सदस्यीय समिति गठित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। शनिवार को बाकायदा राजपत्र में इसे अधिसूचित कर देने के बाद देश के दूसरे गांधी बन चुके सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने मंगलवार से जारी अपना आमरण अनशन तोड़ दिया। राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर 73 वर्षीय हजारे ने अपने हजारों उत्साही समर्थकों के बीच सरकार की ओर सेऔरऔर भी

अण्णा हजारे के समर्थन में देश भर से भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए उठ रही आवाज का साथ हिंदी के उन साहित्यकारों व बुद्धिजीवियों ने भी दिया है जो अमूमन गोष्ठियों व सेमिनारों में जुगाली करते रहते हैं। उनका कहना है कि लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनने वाली समिति में जनता के बीच से 50 फीसदी लोग होने चाहिए। जानेमाने आलोचक डॉ. नामवर सिंह ने कहा, ‘‘अण्णा हजारे की जन लोकपाल संबंधी मांग बहुतऔरऔर भी

भ्रष्टाचार के खिलाफ अण्णा हजारे के आमरण अनशन को मिल रहा जन-समर्थन तीन दिनों में रंग लाने लगा है। दो दिन पहले तक इस अनशन को अनावश्यक व असामयिक बतानेवाली कांग्रेस के स्वर बदल गए हैं और यूपीए सरकार लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए संयुक्त समिति बनाने को तैयार हो गई है। वह इस पर भी तैयार है कि नया लोकपाल विधेयक संसद के आनेवाले मानसून सत्र में पेश कर दिया जाएगा। लेकिन वहऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अण्णा हजारे का खुला पत्र। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आंदोलन पर कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार की प्रतिकूल टिप्पणियों ने सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे को आहत कर दिया है। इसके बाद उन्होंने बुधवार, 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम दो पन्नों का एक खुला पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री ने गुजारिश की है कि वे आंदोलन में दोष निकालने और इसके पीछे किसी साजिश के संदेह से बचें। उनका कहना है किऔरऔर भी

कृषि मंत्री शरद पवार ने अण्णा हजारे के खुलकर सच बोलने के बाद भ्रष्टाचार पर बने मंत्रियों के समूह (जीओएम) से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन हजारे का कहना है कि पवार को मंत्री पद से भी इस्तीफा दे देना चाहिए। पवार के इस्तीफे की खबर मिलने के बाद हजारे ने कहा, “जब वे मुख्यमंत्री थे, तब मैने पद्मश्री लौटा दिया था। मंत्रियों के समूह से पवार के इस्तीफा दे देने से हमारी समस्या सुलझी नहीं है।औरऔर भी

72 साल के अण्णा हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम में किसी जवान से भी ज्यादा जोशीले नजर आ रहे हैं। उनका आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी है। कल कांग्रेस ने उनके अनशन को गैरजरूरी और असामयिक करार दिया था। इस पर हजारे का कहना है कि कांग्रेस देश के लोगों को ऐसा कहकर गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा, “यह आंदोलन अनावश्यक क्यों है और कैसे यह असामयिक है? 42 सालों से देश को इसऔरऔर भी

पूरे देश में अपनी निष्ठा और ईमानदारी के लिए मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे भ्रष्टाचार निरोधी लोकपाल विधेयक का स्वरूप तय करने में सामाजिक संगठनों को शामिल किए जाने और इनकी तरफ से तैयार किए गए जन लोकपाल विधेयक को स्वीकार करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। हजारे आज, मंगलवार को सुबह नौ बजे महात्मा गांधी की समाधि राजघाट गए। उसके बाद वे इंडिया गेट तक जाने के बाद जंतर-मंतर आ गए औरऔरऔर भी

कृषि मंत्री शरद पवार ने खेल मंत्री अजय माकन, सूचना प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी व पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा लेकर वित्त मंत्रालय तक के एतराज के बावजूद आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) को भारत में खेले गए सभी विश्व कप मैचों पर टैक्स में छूट दिला दी है। इससे आईसीसी को कम से कम 45 करोड़ रुपए का फायदा होगा। पवार ने गुरुवार को कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास करवा लिया। इसमें उनकी पार्टी एनसीपी के सदस्य औरऔरऔर भी

चुनाव भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है – यह कहना है खुद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी का। हालांकि यह सच देश का हर नागरिक जानता है। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के मुंह से इस बात के निकलने का अलग महत्व है। वैसे यह उनकी विवशता को भी दिखाता है कि सब कुछ जानते हुए की वे कुछ नहीं कर सकते। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्लीऔरऔर भी