ए ग्रुप के शेयर अब थोड़ा आराम करेंगे और इनमें से वही विशेष शेयर चलेंगे जिनमें कोई नया समाचार आएगा। बाजार के स्टार परफॉर्मर होंगे अब बी ग्रुप के शेयर। गिलैंडर्स, गल्फ ऑयल और विमप्लास्ट जैसे शेयरों में वोल्यूम का धमाका हो सकता है। हो सकता है जब साल भर बाद इन शेयरों के मूल्य कई गुना हो जाएं तब आप वीआईपी की तरह बात करेंगे और एफआईआई खरीदार होंगे। इस समय तो ऑपरेटरों ने इनके बाजारऔरऔर भी

ब्याज दरें नहीं बढ़ीं तो जैसी कि उम्मीद थी, बाजार एक नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है। अब यह पक्का है कि निफ्टी 5500 और 5700 का स्तर छू लेगा। ए ग्रुप के शेयरों में वापसी तुलनात्मक रूप से धीमी रहेगी। आप ही देखिए कि जीटीएल इंफ्रा में इतनी बड़ी खबर आने के बावजूद शेयर 54.40 तक जाने के बाद 47 रुपए के आसपास बंद हुआ। हालांकि इस स्टॉक में दीर्घकालीन संभावना अब भी बरकरार है।औरऔर भी

तेल कीमतों पर नियंत्रण हटाने के सरकारी फैसले के बावजूद बाजार गिर कर बंद हुआ। हालांकि सभी तेल कंपनियों के शेयर 10-15 फीसदी बढ़ गए। मीडिया में आई खबर के मुताबिक खुफिया विभाग (आईबी) ने इसी हफ्ते ऑयल स्टॉक्स पर बिग बुल्स की गिरफ्त की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजी थी। फिर भी इसी हफ्ते में तेल मूल्यों से नियंत्रण हटाने का फैसला हो गया। इसका मतलब यह हुआ कि सरकार ने बिना इसका इंतजार किएऔरऔर भी

आखिरकार रोलओवर जाते-जाते थोड़ी तकलीफ दे ही गया। हालांकि निफ्टी खुद को 5300 के स्तर पर टिकाए रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसमें दम नहीं दिख रहा। वैसे तो हमने कल ही शॉर्ट कॉल (बेचने की सलाह) हटा दी थी, लेकिन निफ्टी के 5140 पर जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के मद्देनजर हमने कुछ ऐसी लांग कॉल (खरीदने की सलाह) दी हैं जिन्हें सबसे ज्यादा रक्षात्मक माना जाता है। जोऔरऔर भी

रोलओवर में केवल एक दिन बचा है। चूंकि बाजार (निफ्टी) ने खुद को 5300 के स्तर पर जमा लिया है, इसलिए लगता है कि नए सेटलमेंट में यह धमाके के साथ 5800 की ओर बढ़ सकता है। आईएफसीआई अभी के लिए प्यारा स्टॉक रहेगा। इस्पात, सेंचुरी व एस्सार ऑयल में गदर मचेगी और मेटल स्टॉक्स में फिर से रैली शुरू होगी। अभी तक हमने साबित कर दिया है कि निफ्टी में हमारी कॉल सबसे बेहतर रही हैंऔरऔर भी

गिरावट का आखिरी दौर अब निपट रहा है। इसके बाद निफ्टी कभी भी 5000 का स्तर नहीं छू सकता है। अब निफ्टी के 7000 तक पहुंचने की यात्रा शुरू हो चुकी है। अभी की गिरावट की बडी वजह रोलओवर है। क्या करें रोलओवर की अपनी अहमियत है और उससे गुजरने की अपनी तकलीफ भी। सब पाने के चक्कर में कुछ भी नहीं मिलता। इसलिए मेरा कहना है कि हमें बी ग्रुप के शेयरों पर केंद्रित करना चाहिएऔरऔर भी

अजीब भेड़चाल चलती है हमारे बाजार में। धारा के साथ बहना लोगों की आदत हो गई है। निफ्टी जब 4800 पर चला गया था तो एक भी शख्स ऐसा नहीं था जो कहता कि यह फिर से 5300 तक जाएगा, वह भी इसी सेटलमेंट में। लेकिन ऐसा हो गया। निफ्टी एक तरह से नए शिखर पर पहुंच गया है जबकि बीएसई सेंसेक्स 18,000 को पार करने से ज़रा-सा चूक गया। तो, अब पूरा बाजार एक ही रागऔरऔर भी

शायद आपको नहीं पता होगा कि एलनेट टेक्नोलॉजीज तमिलनाडु सरकार की कंपनी है। इसमें तमिलनाडु सरकारी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एलकॉट (इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु लिमिटेड) की 51.48 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है। इसके शेयर में इधर जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। कारण यह है कि कंपनी की सालाना आमसभा (एजीएम) 21 जुलाई को है जिसमें तीन बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। एक, यह तारामनी में अपनी 800 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बेच सकतीऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की एजीएम के एजेंडा के बारे में कल एक ऐसी अफवाह उड़ाई गई, जो सचमुच बेहद चौंकानेवाली थी। बड़ी अजीब बात है कि प्रबंधन कुछ तय करे या न करे, बाजार के खिलाड़ी उससे पहले ही मनगढ़ंत एजेंडा तय कर देते हैं। आज सुबह हमारी मीटिंग में इस पर चर्चा हुई और पाया गया कि आरआईएल के बारे में उड़ाई गई बात एकदम असंभव है। यह उसी तरह की शरारत थी जैसी हमने कलऔरऔर भी

मैं कोई भी नए स्टॉक्स लेने से पहले इंतजार करूंगा कि बाजार रोलओवर के दौर से गुजरकर थोड़ा स्थायित्व हासिल कर ले। हालांकि मेरी नजर में अभी कम से कम दर्जन भर शेयर ऐसे हैं जिनमें अच्छी खबरें आ रही हैं ओर वे हमारे स्ट्रीट कॉल सेक्शन में शामिल हो सकते हैं। मैंने अधिग्रहण के बारे में शिवालिक बाईमेटल के प्रबंधन की तरफ से आया खंडन पढ़ा। अच्छा है। मैं कंपनी के प्रबंधन में होता तो मैंनेऔरऔर भी