अजीब भेड़चाल चलती है हमारे बाजार में। धारा के साथ बहना लोगों की आदत हो गई है। निफ्टी जब 4800 पर चला गया था तो एक भी शख्स ऐसा नहीं था जो कहता कि यह फिर से 5300 तक जाएगा, वह भी इसी सेटलमेंट में। लेकिन ऐसा हो गया। निफ्टी एक तरह से नए शिखर पर पहुंच गया है जबकि बीएसई सेंसेक्स 18,000 को पार करने से ज़रा-सा चूक गया। तो, अब पूरा बाजार एक ही रागऔरऔर भी

शायद आपको नहीं पता होगा कि एलनेट टेक्नोलॉजीज तमिलनाडु सरकार की कंपनी है। इसमें तमिलनाडु सरकारी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एलकॉट (इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु लिमिटेड) की 51.48 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है। इसके शेयर में इधर जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। कारण यह है कि कंपनी की सालाना आमसभा (एजीएम) 21 जुलाई को है जिसमें तीन बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। एक, यह तारामनी में अपनी 800 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बेच सकतीऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की एजीएम के एजेंडा के बारे में कल एक ऐसी अफवाह उड़ाई गई, जो सचमुच बेहद चौंकानेवाली थी। बड़ी अजीब बात है कि प्रबंधन कुछ तय करे या न करे, बाजार के खिलाड़ी उससे पहले ही मनगढ़ंत एजेंडा तय कर देते हैं। आज सुबह हमारी मीटिंग में इस पर चर्चा हुई और पाया गया कि आरआईएल के बारे में उड़ाई गई बात एकदम असंभव है। यह उसी तरह की शरारत थी जैसी हमने कलऔरऔर भी

मैं कोई भी नए स्टॉक्स लेने से पहले इंतजार करूंगा कि बाजार रोलओवर के दौर से गुजरकर थोड़ा स्थायित्व हासिल कर ले। हालांकि मेरी नजर में अभी कम से कम दर्जन भर शेयर ऐसे हैं जिनमें अच्छी खबरें आ रही हैं ओर वे हमारे स्ट्रीट कॉल सेक्शन में शामिल हो सकते हैं। मैंने अधिग्रहण के बारे में शिवालिक बाईमेटल के प्रबंधन की तरफ से आया खंडन पढ़ा। अच्छा है। मैं कंपनी के प्रबंधन में होता तो मैंनेऔरऔर भी

बाजार में अगले कुछ कारोबारी सत्रों को लेकर हमारी धारणा तेजी की नहीं है। इसलिए हमने कुछ पुरानी कॉल्स को छोड़कर, जिन्हें थोड़ा समय चाहिए, बाकी सारी बकाया कॉल्स रोक दी हैं। कारण, हम बाजार में दोबारा घुसने के लिए माकूल वक्त का इंतजार करना चाहते हैं। प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) का संशोधित मसौदा बाजार के लिए वाकई बुरा है क्योंकि एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) शेयरों के सौदों पर टैक्स देना नहीं पसंद करेंगे। अभी तक एफआईआईऔरऔर भी

शेयर बाजार बढ़त पर है। निफ्टी 4800 से 5200 अंक पर आ गया है और अब सारा कुछ उसी तरह हो गया है जैसी मैंने उम्मीद जताई थी। मैं स्वभाव से अपनी स्थिति बदलने में काफी धीमा रुख रखता हूं और इसलिए चाहता हूं कि बाजार का गुबार थोड़ा और ठंडा पड़ जाए। मैंने संस्थागत निवेशकों की अपनी डेस्क को अब सलाह दे दी है कि वे हर बढ़त पर मुनाफा वसूली करें और वे ऐसा करऔरऔर भी

हम बार-बार यही दोहरा रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत स्थिति में है और हम अभी बुल मार्केट या तेजी के दौर से गुजर रहे हैं। इसी दिशा में आज अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फिच ने भारत की रेटिंग बढ़ा दी। बाजार का रुख भी बराबर हमारी सोच की तस्दीक कर रहा है। निफ्टी आज 77.70 अंक की बढ़त के साथ 5197.05 के स्तर पर पहुंच गया। आप खुद ही देख लें कि यह 5200 अंक के एकदमऔरऔर भी

निफ्टी आज 5130 अंक के उस चौराहे से होकर गुजरा, जहां से एक तरफ तेजी की राह और दूसरी तरफ मंदी की राह निकलती है। 5140 या 5150 के ऊपर गया तो यह 5500 की मंजिल पकड़ लेगा। हालांकि मंदड़िये अब भी अड़े हुए हैं और शॉर्ट सौदों से बाज नहीं आ रहे। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बी ग्रुप के शेयर बहुत-बहुत तेजी से बढ़ेंगे। आप अपनी मर्जी से जब चाहें, इन्हें खरीद सकते हैं। लेकिनऔरऔर भी

असम में इस बार चाय की फसल खराब रही है। पैदावार लगभग 25 फीसदी घट गई है। ऐसे में चाय की कीमतें बढ़ सकती हैं जिसका सकारात्मक असर चाय कंपनियों के शेयरों पर पड़ सकता है। इसलिए अभी चाय कंपनियों पर खास नजर रखने की जरूरत है। मैकलियॉड रसेल के शेयरों में सुबह से ही बढ़त का सिलसिला दिख रहा है। बीएसई में यह शेयर अभी तक 2.45 फीसदी बढ़कर 175.55 रुपए पर कारोबार कर रहा है।औरऔर भी

ट्रेडरों से लेकर निवेशक तक सभी यूरो, हंगरी, ग्रीस और पिग्स (पुर्तगाल, आयरलैंड, ग्रीस व स्पेन का संक्षिप्त नाम) का हल्ला मचा रहे थे। लेकिन बाजार ने उन्हें ठेंगा दिखा दिया, गलत साबित कर दिया। लेहमान के समय यही लोग कार्ड घोटाले की बात कर रहे थे। उसके बाद इन पर मुद्रास्फीति और ब्याज दरों का भूत सवार हो गया। लेकिन क्या आज सचमुच कोई मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की बात कर रहा है? बाजार को डरानेऔरऔर भी