निर्धारित समय के भीतर आवंटित कपास का निर्यात करने में विफल रहने वाले कपास निर्यातकों को भविष्य में आवंटन से वंचित रखा जा सकता है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कहा है कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्यात करने से चूकने वाले कपास निर्यातकों के खिलाफ दंड की कार्रवाई भी शुरू करेगा। कपास की किल्लत के चलते कोटा के जरिए कपास के सीमित निर्यात की अनुमति दी गई है। शुरुआत में कोटा आवंटन 55 लाखऔरऔर भी

तीन माह तक लगातार घटने के अप्रैल 2011 में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 43 फीसदी बढकर 3.12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पिछले साल इसी माह देश में कुल 2.17 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि एफडीआई के मौजूदा आंकड़े वैश्विक और विशेष रूप से यूरोपीय अर्थव्यवस्था में सुधार को दर्शाते हैं। इस दौरान देश में मुख्य रूप से मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी औरऔरऔर भी

शनिवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के नए चेयरमैन प्रकाश चंद्रा ने दिल्ली में बयान दिया कि मॉरीशस भारत के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) में संशोधन पर विचार कर रहा है और दोनों पक्षों में जल्दी ही इसे ठोस रूप देने पर बैठक हो सकती है। रविवार को उनका यह बयान टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कई अखबारों में छपा। हालांकि इसमें यह भी जोड़ दिया गया कि भारत अपने यहां लाभ कमानेवाली कंपनियों परऔरऔर भी

किशोर बियानी के फ्यूचर समूह ने दावा किया है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक वह अपने ऑनलाइन पोर्टल फ्यूचर बाजार से रोजाना कम से कम एक करोड़ रुपए की बिक्री हासिल कर सकता है। फ्यूचरबाजार डॉट काम के अध्यक्ष कश्यप देवरा ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया, “हमने चालू वित्त वर्ष के अंत तक फ्यूचरबाजार डॉट काम पर रोजाना एक करोड़ रुपए का बिक्री ऑर्डर का लक्ष्य रखा है।” उन्होंने कहा कि कंपनी कोऔरऔर भी

एक तरफ उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती कह रही हैं कि भूमि अधिग्रहण पर उनकी नीति हरियाणा सरकार से भी अच्छी है और केंद्र सरकार तक को इसे अपना लेना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ किसानों को इससे अपनी सांसत बढ़ने का अंदेशा है। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस रामचंद्रन पिल्लई ने कहा है कि माया सरकार द्वारा भट्टा-परसौल काण्ड के बाद अपनाए गए निदान से किसान खुश नहीं हैं। वे इसे भी सरकार द्वाराऔरऔर भी

मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पिछले डेढ़ साल में दस बार नीतिगत दरों में वृद्धि करने के बाद रिजर्व बैंक ने कहा है कि महंगाई थामने के लिये उसके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। शुक्रवार को दिल्ली में उद्योग संगठन एसोचैम के एक कार्यक्रम में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के सी चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘आप सभी चाहते हैं कि मुद्रास्फीति नीचे आनी चाहिए। न तो वित्त मंत्रालय और न ही रिजर्व बैंक केऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन संबंधी मामले में रुइया की अगुवाई वाले एस्सार समूह के लिए बड़ी राहत की बात है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने भी दूरसंचार मंत्रालय के इस निष्कर्ष की पुष्टि कर दी है कि 2जी मोबाइल सेवाओं के लिए लाइसेंस हासिल करते समय एस्सार समूह की लूप टेलिकॉम कंपनी में कोई सीधी हिस्सेदारी नहीं थी। दूरसंचार विभाग (डॉट) के अनुरोध पर इस मामले की विस्तार से जांच के बाद एमसीए ने हाल में अपने निष्कर्षऔरऔर भी

वैश्विक कृषि उत्पादन की वृद्धि दर पिछले दशक के 2.6 फीसदी के मुकाबले चालू दशक में घटकर 1.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। तिलहन व अनाज के उत्पादन में कमी के चलते वैश्विक खाद्यान्न उत्पादन घटने की आशंका है। आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा जारी एक संयुक्त कृषि परिदृश्य के मुताबिक, अल्पकाल में हालांकि कृषि उत्पादन बढ़ेगा। ओईसीडी-एफएओ की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘वैश्विक कृषि उत्पादनऔरऔर भी

आईपीएस अधिकारी से सामाजिक कार्यकर्ता बनी किरण बेदी का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण भारत को हर साल 16 अरब डॉलर का नुकसान होता है। शिकागो में वैश्विक मामलों पर आयोजित एक कार्यक्रम में किरण ने कहा, ‘‘सामाजिक योजनाओं व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दिए जा रहे हर 100 रुपए में से सिर्फ 16 रुपये का ही इस्तेमाल हो पाता है और 84 रुपये व्यर्थ चले जाते हैं।’’ उन्होंने कहा कि अगर भारत भ्रष्टाचार मुक्त होऔरऔर भी

देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के मुताबिक शनिवार से उसके मानेसर संयंत्र में सामान्य उत्पादन शुरू हो जाएगा। मारुति के कर्मचारियों की 13 दिन से चली आ रही हड़ताल अब समाप्त हो गई है। लेकिन इसके बावजूद मारुति के शेयर में शुक्रवार को 1.85 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कल रात हड़ताल समाप्त होने के बाद शनिवार से मानसेर में फिर से सामान्य उत्पादन शुरू होगा।’’ कंपनी प्रबंधनऔरऔर भी