मल्टी ब्रांड रिटेल को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोलने पर सचिवों की समिति की बैठक अगले हफ्ते शुक्रवार, 22 जुलाई को होने जा रही है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में होनेवाली इस बैठक में मुख्य रूप से वाणिज्य, उद्योग, वित्त, खाद्य व उपभोक्ता और कृषि मंत्रालय के सचिव भाग लेंगे। यह समिति अपनी सिफारिशें औद्योगिक नीति व संवधर्न विभाग (डीआईपीपी) को सौंप देगी। इसके बाद डीआईपीपी इस मसले पर कैबिनेट तैयार करके सरकार को सौंपेगा।औरऔर भी

जयराम रमेश ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का पदभार संभालते ही जमीन के विस्फोटक मुद्दे को हाथ लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक का मसौदा अगले हफ्ते के मध्य तक बहस के लिए पेश कर दिया जाएगा और इसके बाद 1 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र में इसे संसद के पटल पर रख दिया जाएगा। सारा देश इस बात से वाकिफ है कि जमीन का मसला उड़ीसा से लेकर पश्चिम बंगाल औरऔरऔर भी

दुनिया भर में मांग में जबरदस्त तेजी के चलते भारत का कॉफी निर्यात जून में 55 फीसदी बढ़कर 40,000 टन पर पहुंच गया। यह बीते साल की इसी अवधि में 25,710 टन का था। कॉफी बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि जून के महीने में कॉफी का निर्यात करीब 40,000 टन रहा। हालांकि अप्रैल और मई के निर्यात के मुकाबले यह कम है। भारत से मई 2011 में 80,367 टन कॉफी का निर्यात किया गया जोऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम जैसे घोटालों पर सीएजी की रिपोर्टों ने बवाल मचा रखा है। लेकिन देश की यह शीर्ष ऑडिट संस्था हमारे रक्षा तंत्र पर भी ऐसी तमाम रिपोर्ट जारी करती रहती है जिनमें रक्षा खरीद में हो रही धांधलियों को उजागर किया जाता है। लेकिन उन पर कोई चर्चा नहीं करता। ऊपर से तुर्रा यह कि रक्षा मंत्री ए के एंटनी कहते हैं कि रक्षा खरीद में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रक्षा मंत्री ने मंगलवार कोऔरऔर भी

आयकर विभाग द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में धन की प्रवाह की जांच अब कोलकाता की उन 19 ‘संदिग्ध’ कंपनियों पर आकर टिक गई है, जिनका कलैगनर टीवी ने कथित रूप से सिनेयुग के 230 करोड़ रुपए के लौटाने के लिए इस्तेमाल किया है। यह राशि कलैगनर टीवी ने कर्थित तौर पर ‘कर्ज’ के रूप में ली थी। स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की अपनी जांच के दौरान आयकर विभाग ने कोलकाता की 19 कंपनियों पर शिकंजा कसा है, जिनकाऔरऔर भी

मई में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर पिछले नौ महीनों में सबसे कम रही है। सांख्‍यिकी व कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय के केन्‍द्रीय सांख्‍यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मई 2011 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) साल भर पहले की तुलना में महज 5.6 फीसदी बढ़ा है। मई 2010 में आईआईपी में 8.5 फीसदी बढ़ा था। मंगलवार को इन आंकड़ों के जारी होने के बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि मई माहऔरऔर भी

जयराम रमेश को पर्यावरण मंत्रालय से हटाकर ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दे दी गई। लेकिन रमेश के इस तरह चले जाने पर पर्यावरणविदों की भावनाएं काफी आहत हुई हैं। इसे जताते हुए प्रोजेक्ट टाइगर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे कहा, ‘‘सर, बाघों को आपकी कमी खलेगी।’’ मंगलवार को कैबिनेट मंत्री के तौर पर पदोन्नत किए गए रमेश ने इस पर प्रतिक्रिया दी, ‘‘मस्त रहो, मैं मंगल पर नहीं जा रहा।’’ बाघों के हितैषी मंत्री समझेऔरऔर भी

एक तरफ भारतीय दवा कंपनियां कह रही हैं कि उन्हें विदेशी अधिग्रहण से बचाया जाए। अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) तक ने सिफारिश की है कि दवा उद्यमों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 100 फीसदी से घटाकर 49 फीसदी कर दी जाए। दूसरी तरफ योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और दवा उद्योग में 100 फीसदी एफडीआई को कहीं से कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। आहलूवालियाऔरऔर भी

लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) फर्म स्टॉक एक्सचेंजों की सदस्य बन सकती है और स्टॉक एक्सचेंज उसे स्टॉक ब्रोकर के रूप में पंजीकृत कर सकते हैं। यह साफ किया गया है पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने आज सोमवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे सर्कुलर में। सेबी ने कहा है कि सिक्यूरिटीज कांट्रैक्ट रेगुलेशन नियम, 1956 (एससीआरआर) में अलग से एलएलपी का जिक्र नहीं है क्योंकि लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट तो उसके बाद साल 2008 में बनाऔरऔर भी

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने देश की 1,55,392 कंपनियों को ब्लैक-लिस्ट कर दिया है। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों ने 2006-07 से लेकर अब तक किसी साल की बैलेंस शीट दाखिल नहीं की है। सरकार के इस कदम के बाद ये कंपनियां न तो बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के कोई ऋण ले पाएंगी और न ही किसी के साथ कोई नया अनुबंध कर पाएंगी। यह जानकारी खुद कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के सचिव डी के मित्तल नेऔरऔर भी