अनिल अंबानी समूह से जुड़ा रिलायंस म्यूचुअल फंड बीते वित्त वर्ष 2010-11 में देश का सबसे ज्यादा मुनाफा कमानेवाला म्यूचुअल फंड बन गया है। अभी तक यह गौरव एचडीएफसी म्यूचुअल फंड को हासिल था। म्यूचुअल फंडों के शीर्ष संगठन एम्फी (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) के आंकड़ों के मुताबिक 2010-11 में रिलायंस म्यूचुअल फंड का शुद्ध लाभ 261 करोड़ रुपए रहा है, जबकि एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का शुद्ध लाभ इससे कम 242 करोड़ रुपए दर्ज कियाऔरऔर भी

करीब दो हफ्ते से देश में छिड़ा 32-26 का विवाद आखिरकार अपना रंग ले आया। तय हुआ है कि अभी गरीबी रेखा का जो भी पैमाना है और योजना आयोग राज्यवार गरीबी का जो भी अनुमान लगाए बैठा है, आगे से उसका कोई इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में गरीबों की आर्थिक मदद के लिए बनी केंद्र सरकार की योजनाओं या कार्यक्रमों में नहीं किया जाएगा। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह अहूवालिया और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयरामऔरऔर भी

यूरोप व अमेरिका में भले ही वित्तीय व आर्थिक संकट चल रहा हो, लेकिन भारत के निर्यात के बढ़ते जाने का कमाल जारी है। देश का निर्यात कारोबार पिछले कई माह से बढ़ता रहा है और अगस्त में भी साल भर पहले की तुलना में 44.25 फीसदी बढ़कर 24.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान आयात भी साल भर पहले मुकाबले 41.82 फीसदी बढकर 38.35 अरब डॉलर रहा। इस तरह अगस्त में व्यापार घाटा (आयात से निर्यातऔरऔर भी

इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल को एक बार फिर नौकरी करने के लिए दुनिया की सबसे अच्छी कंपनी माना गया है। मैनेजमेंट व इंजीनियरिंग छात्रों के बीच किए गए दो अलग-अलग सर्वेक्षण में कंपनी को 2011 की सबसे आकर्षक नियोक्ता बताया गया है। ये सर्वेक्षण दुनिया भर में नियोक्ताओं की ब्रांडिंग से जुड़ी फर्म यूनिवर्सम ने किए हैं। इसके अनुसार गूगल को नौकरी के लिए सर्वश्रेष्ठ 50 कंपनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। लगातार तीसरे साल गूगलऔरऔर भी

स्पीक एशिया अब भी खुद को एशिया में संप्रभु उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा समुदाय बताती है, लेकिन धीरे-धीरे वह खुद को रोजमर्रा के इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बेचनेवाली फर्म के रूप में पेश करने लगी है। इस बीच यह भी खुलासा हुआ है कि घोषित तौर सर्वे के जिस काम से वह कमाई कर रही थी, वह असल में कभी था ही नहीं। वह तो बस लोगों को फंसाने का एक बहाना था और वह मल्टी लेवलऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस नए खान व खनिज विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रावधान है कि कोयला खनन कंपनियों को हर साल अपने शुद्ध लाभ का 26 फीसदी और अन्य खनिज कंपनियों को रॉयल्टी के बराबर रकम जिलास्तरीय खनिज न्यास में डालनी होगी जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोगों के विकास में किया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने के बाद तमाम खनिज व मेटल कंपनियों के शेयर धड़ाधड़ गिर गए। कोल इंडिया 5.2 फीसदी, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 4.1औरऔर भी

अपनी ऑडिट रिपोर्टों से देश की राजनीति में तहलका मचानेवाले कैग (भारत के नियंत्रक व महालेखापरीक्षक) की पहुंच अब संयुक्त राष्ट्र के दो प्रमुख संगठनों तक भी हो गई है। विएना मुख्यालय वाली अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और जेनेवा मुख्यालय वाले विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) ने कैग को अपना बाहरी ऑडिटर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति छह साल के लिए है। इन दोनों ही संगठनों पर अभी तक पारंपरिक रूप से विकसित देशों का कब्जाऔरऔर भी

दुनिया की शीर्ष वित्तीय संस्था, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में बदलते वक्त के हिसाब से जबरदस्त परिवर्तन किए जा रहे हैं। अभी तक आईएमएफ के कुल 187 सदस्य देशों में से पांच बड़े सदस्य – अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस व ब्रिटेन 24 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड में अपने प्रतिनिधियों को सीधे बतौर कार्यकारी निदेशक (ईडी) नियुक्त कर देते हैं, जबकि बाकी का चुनाव होता है। लेकिन अब बोर्ड के सारे सदस्य आईएमएफ की आमसभा में चुने जाएंगे। आईएमएफ काऔरऔर भी

यूरोप का ऋण संकट इस वक्त सबके जेहन पर छाया हुआ है। अमेरिकी सरकार की रेटिंग घटने के बाद उसके भी ऋण पर चिंता जताई जा रही है। लेकिन आईएमएफ के ताजा अध्ययन के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज का बोझ जापान सरकार पर है। साल 2011 में उसका कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 230% रहेगा। ग्रीस सरकार का कर्ज इससे कम, जीडीपी का 165% रहेगा। इसके बाद क्रम से इटली, आयरलैंड, पुर्तगाल औरऔरऔर भी

केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बाजार से 2.20 लाख करोड़ रुपए उधार जुटाएगी। यह बजट में तय की गई रकम से 52,872 करोड़ रुपए ज्यादा है। सरकार के इस फैसने ने बांड बाजार में सिहरन दौड़ा दी है और माना जा रहा है कि इससे निजी क्षेत्र के लिए वित्तीय संसाधन कम पड़ जाएंगे। सरकार का कहना है कि लघु बचत से कम रकम मिलने और केंद्र का कैश बैलेंस कम होने केऔरऔर भी