भारती एयरटेल ने अफ्रीका में 5 करोड़ से ज्यादा मोबाइल ग्राहक हासिल कर लिए हैं। कंपनी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी। बता दें कि अफ्रीका में ग्राहकों को यह आधार उसे कुवैती टेलिकॉम कंपनी ज़ैन के अफ्रीकी कारोबार के अधिग्रहण से हासिल हुआ है। जून 2010 में उससे यह सौदा करीब 900 करोड़ डॉलर में किया था जिससे अफ्रीका के 15 देशों में उसकी पहुंच बन गई है। भारती एयरटेल इस समय एशियाऔरऔर भी

यूपीए सरकार मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर उसी तरह व्यग्र हो गई है जैसे तीन साल पहले वह जुलाई 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु संधि को लेकर हुई थी। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया है कि सरकार इस फैसले से पीछे नहीं हटेगी, वहीं उनके करीबी और वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने तो यहां तक कह दिया कि अगर विदेशी सुपरमार्केट्स को भारत में आनेऔरऔर भी

रिटेल में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में सोमवार को भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई थी। इस बीच पता चला है कि संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार सर्वदलीय बैठक बुला सकती है। इस सिलसिलेऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कुल मिलाकर 2126 करोड़ रुपए मूल्य के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 18 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। जिन कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है उनमें डिश टीवी व एमसीएक्स शामिल है, जबकि यूनिटेक वायरलेस के आवेदन को कैबिनेट के पास विचार के लिए भेज दिया गया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की सिफारिशों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इसकेऔरऔर भी

फैसला भारत सरकार। देश में सड़क से लेकर संसद तक विरोध। लेकिन अमेरिका में स्वागत। वॉशिंगटन से जारी बयान में आधिकारिक तौर पर दलाली का काम करनेवाली अमेरिका-भारत बिजनेस परिषद ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी किए जाने का स्वागत किया है। उसने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुरुवार रात को लिए गए इस फैसले को ‘साहसिक’ बताया है और कहाऔरऔर भी

टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा के उत्तराधिकारी का फैसला हो गया है। पहले कयास लगाया जा रहा था कि यह जिम्मा रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को सौंपा जाएगा। नोएल और रतन टाटा के पिता नवल टाटा हैं, लेकिन उनकी माताएं भिन्न हैं। टाटा समूह ने तय किया है कि करीब 4.32 लाख करोड़ रुपए के कारोबार वाले समूह की बागडोर सायरस मिस्त्री को सौंपी जाएगी। 43 साल के सायरस मिस्त्री को अभी समूहऔरऔर भी

अमेरिका में शेल गैस की खोज और दोहन में मिली सफलता के बाद दुनिया के तमाम देशों की तरह भारत ने भी अपनी पथरीली घाटियों में शेल गैस के भंडारों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक कोई शेल गैस ब्लॉक आवंटित नहीं किया गया है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने बुधवार को राज्‍यसभा में एक लिखित उत्‍तर में यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि परम्‍परागत तेल औरऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में फंसी पांच कॉरपोरेट हस्तियों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत मिल गई है। बुधवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने पांच-पांच लाख रुपये के दो मुचलकों पर इन आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। जमानत पानेवाले पांच आरोपी अधिकारी हैं – स्‍वान टेलिकॉम के विनोद गोयनका, यूनिटेक वायरलेस के संजय चंद्रा और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के गौतम दोशी, सुरेंद्र पिपारा और हरि नायर। ये आरोपी पिछले सात महीनेऔरऔर भी

भारतीय कंपनियों ने इस कैलेंडर वर्ष 2011 में अब तक करीब 30 अरब डॉलर विदेशी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) से जुटाए हैं। भारतीय मुद्रा में यह कर्ज लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपए का बैठता है। लेकिन जनवरी से अब तक डॉलर के सापेक्ष रुपए के 18 फीसदी कमजोर हो जाने से कंपनियों पर इस कर्ज का बोझ 5.40 अरब डॉलर या 27,000 करोड़ रुपए बढ़ गया है। ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के रिसर्च प्रमुख व रणनीतिकार जगन्नाधमऔरऔर भी

केंद्र सरकार भले ही पेट्रोल की तरह सारे पेट्रोलियम उत्पादों के दाम को आखिरकार बाजार के हवाले कर देना चाहती है। लेकिन फिलहाल वह डीजल, मिट्टी के तेल और रसोई गैस के दाम बढ़ाने के बारे में नहीं सोच रही है। हालांकि, इन तीनों उत्पादों को बाजार मूल्य से कम दाम पर बेचने से तेल कंपनियों को रोजाना 360 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार इस समयऔरऔर भी