तकरीबन सारे अर्थशास्त्री, बैंकर व जानकार यही मानते हैं कि मंगलवार, 25 अक्टूबर को रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा में ब्याज दरों को चौथाई फीसदी और बढ़ा देगा। रेपो दर को 8.50 फीसदी, रिवर्स रेपो दर को 7.50 फीसदी और तदनुसार एमएसएफ की दर को 9.50 फीसदी कर देगा। लेकिन वित्त मंत्रालय के कुछ सूत्रों का कहना है कि इस बार माहौल को खुशगवार बनाने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाने से बाजऔरऔर भी

सरकार चालू वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान छह सरकारी बैंकों को 20,000 करोड़ रुपए की पूंजी मुहैया कराएगी। वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवाओं के सचिव डी के मित्तल का कहना है कि, “वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित एक समिति बैंकों को वित्तीय मदद की जरूरत का आकलन कर रही है। यह समिति इस महीने के अंत तक अपनी रिपोर्ट दे देगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और रिजर्व बैंक के साथ विचार-विमर्श के बाद हम 15 नवंबरऔरऔर भी

अगस्त में स्टैंडर्ड एंड पुअर्स के रेटिंग घटा देने का सीधा असर अमेरिकी बाडों में हुए विदेशी निवेश पर पड़ा है। अमेरिकी सरकार के ट्रेजरी विभाग व फेडरल रिजर्व बोर्ड की तरफ से बुधवार, 18 अक्टूबर को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के देशों ने वहां के ट्रेडरी बांडों में अपना निवेश जुलाई के 2845.3 अरब डॉलर से घटाकर 2835.7 अरब डॉलर कर दिया है। इसमें भी सबसे ज्यादा चौंकानेवाली बात यह है कि अमेरिका कोऔरऔर भी

अमेरिका में श्रीलंकाई मूल के अरबपति धंधेबाज राज राजारत्नम को इनसाइडर ट्रेडिंग का दोषी करार देते हुए अदालत ने जब 11 साल कैद की सजा सुनाई तो उसने राजारत्नम से पूछा कि क्या उसे अपनी सजा पर कुछ कहना है तो उसका जवाब था, “नहीं। शुक्रिया, योर ऑनर।” राजारत्नम अदालत के फैसले से मायूस भी नहीं दिखा। शायद उसे अंदाजा था कि अदालत उसे रियायत नहीं देगी। कोर्ट के बाहर निकलते ही कैमरे उसकी तरफ मुड़ गएऔरऔर भी

पिछले 18 महीनों में रिजर्व बैंक को 12 बार मौका मिला है और बारहों बार उसने ब्याज दरें बढ़ा दीं। मकसद था मुद्रास्फीति को काबू में लाना। लेकिन मुद्रास्फीति तो काबू में आने या पीछे मुड़ने का नाम ही नहीं ले रही। शुक्रवार को सरकार की तरफ से घोषित आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित सकल मुद्रास्फीति की दर सितंबर महीने में 9.72 फीसदी रही है। यह जानकारों के अनुमान 9.70 फीसदी के एकदम करीबऔरऔर भी

रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव का कहना है कि रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था को बढ़ने में मदद देने के लिए ब्याज दरें घटाने की जरूरत को समझता है। वे बुधवार को जयपुर में एक समारोह के दौरान बोल रहे थे। इसी समारोह में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने पहले कहा था कि अगर मुद्रास्फीति नीचे आती है तो केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति पर अपना रवैया बदल सकता है। गोकर्ण का कहना था कि आगेऔरऔर भी

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन (आइबॉक) के आरोपों का ऐसा जबरदस्त असर हुआ कि मंगलवार को निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक के शेयर खाक में मिल गए। दोपहर सवा बजे के आसपास उसके शेयर कल के बंद भाव 71.60 रुपए से 24.23 फीसदी गिरकर 54.25 रुपए पर पहुंच गए, जो पिछले 52 हफ्तों का ही नहीं, मई 2009 के बाद का उसका नया न्यूनतम स्तर है। हालांकि बाद में बैंक प्रबंधन की साफ-सफाई के बाद शेयर थोड़ाऔरऔर भी

पिछले इकत्तीस सालों से किसी न किसी रूप में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से चिपकी रहीं उनकी वर्तमान सलाहकार ओमिता पॉल हर तरफ से उठे विरोध के बावजूद आखिरकार अपने भाई जितेश खोसला को यूटीआई म्यूचुअल फंड का चेयरमैन बनवाने में कामयाब हो ही गईं। खबरों के मुताबिक दो-चार दिन में इसकी औपचारिक घोषणा हो जाएगी। खोसला 1979 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अभी हाल तक कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के तहत आनेवाले संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेटऔरऔर भी

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने ब्रिटेन के दो सरकारी बैंकों समेत 12 वित्तीय संस्थानों और पुर्तगाल के नौ बैंकों की क्रेडिट रेटिंग कम कर दी है। मूडीज का कहना है कि ब्रिटेन के कुछ वित्तीय संस्थान अगर मुसीबत में फंसते हैं तो इसकी संभावना कम है कि सरकार उनकी मदद करेगी। जबकि पुर्तगाल के बैंकों के बारे में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी का कहना है कि वह इन बैंकों की ओर से सरकार को दिए गए भारी भरकमऔरऔर भी

अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्म कार्लाइल ग्रुप ने प्रमुख ब्रोकरेज व वित्तीय सेवा कंपनी इंडिया इनफोलाइन (आईआईएफएल) की 9 फीसदी इक्विटी खरीद ली है। यह खरीद उसने सीधे शेयर बाजार से की है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को यह जानकारी दी है। लेकिन उसने यह नहीं बताया है कि कार्लाइल ने किस भाव पर उसके शेयर खरीदे हैं। वैसे, बुधवार के बंद भाव 71.20 रुपए पर इंडिया इनफोलाइन की 9 फीसदी इक्विटी का मूल्य करीब 185 करोड़औरऔर भी