वैश्विक वित्तीय फर्म सिटी ने कहा है कि कर से बचने के लिए विदेश में अवैध रूप से पैसा जमा करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार को अभी बहुत कुछ करना होगा। इसके अनुसार सरकार ने हाल ही में जो कदम उठाए, उनका कुछ असर जरूर हुआ है। सिटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘सरकारी प्रयासों के कुछ परिणाम आ रहे हैं। लेकिन विदेश में काले धन के जमा होने सेऔरऔर भी

कौशल या स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के 8.7 फीसदी सालाना की दर से बढ़ने की संभावना है और वर्ष 2020 तक यहां 3.75 करोड़ रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा। कंसल्टेंसी फर्म एक्सेंचर ने दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के समारोह में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन जैसी चार प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का योगदान विश्व अर्थव्यवस्था में करीब 40 फीसदी के बराबरऔरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2011-12 के बजट की तैयारियां जोरों पर हैं। वित्त मंत्रालय के दफ्तर नॉर्थ ब्लॉक में इस समय पत्रकार-परिंदे तक पर नहीं मार सकते। बजट को इतना टॉप सीक्रेट मुख्यतः एक्साइज व कस्टम ड्यूटी जैसे अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों की वजह से रखा जाता है क्योंकि पता लगने पर व्यापार व उद्योग जगत इनका बेजा इस्तेमाल कर सकता है। आयकर या कॉरपोरेट कर जैसे प्रत्यक्ष करों या रक्षा, शिक्षा व ग्रामीण विकास जैसी मदों का आवंटनऔरऔर भी

देश में पहला बजट करीब 151 साल पहले 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था। तब दो साल पहले ही देश का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से सीधे ब्रिटिश राज के हाथ में आया था। बजट पेश करनेवाले पहले वित्त मंत्री थे अंग्रेजों के भारतीय शासन के प्रतिनिधि जेम्स विलसन। 1947-48 की अंतरिम सरकार का बजट लियाक़त अली खान ने पेश किया था। लेकिन ब्रिटिश शासन से आजाद भारत का पहला बजट आर के शणमुखम चेट्टीऔरऔर भी

मध्य प्रदेश में अब पंचायत खातों से कैश विदड्रावल या नकद आहरण नहीं किया जा सकेगा। इन खातों में कोई भी भुगतान बैंक ड्राफ्ट, क्रॉस चेक या खाते से खाते में ट्रांसफर के माध्यम से ही होगा। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि इससे फर्जी आहरण और भुगतान में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लगाई जा सकेगी उन्होंने बताया कि इस आशय के निर्देश पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियोंऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है और 8 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 15.52 फीसदी पर आ गई है। हालांकि सब्जियों विशेषकर प्याज के दाम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दाल, गेहूं व आलू के दाम में कमी की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 1 जनवरी को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 16.91 फीसदी थी,औरऔर भी

दाल, गेहूं और आलू के दाम गिरने से खाद्य मुद्रास्फीति में पिछले पांच सप्ताह से जारी तेजी पर विराम लग गया। एक जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 1.41 फीसदी घटकर 16.91 फीसदी रही है। यह दीगर बात है कि सब्जी, प्याज और प्रोटीन आधारित खाद्य वस्तुओं के दाम में पहले जैसी तेजी बनी हुई है। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 18.32 फीसदी पर पहुंच गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य मुद्रास्फीति मेंऔरऔर भी

राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत देश भर में व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हम इसके जरिए साल 2022 तक 50 करोड़ कुशल कामगार तैयार कर लेंगे। इससे जहां उद्योगों की आवश्‍यकता पूरी होगी, वहीं युवाओं में रोजगार पाने की काबिलियत बढ़ेगी। वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को विभिन्‍न ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में यह बात कही। यह बजट-पूर्व विचार-विमर्श के लिए हुई तीसरी बैठक थी। प्रथमऔरऔर भी

सरकार जल्दी ही विदेश में धन छिपाकर रखनेवाले भारतीयों पर निगाह रखने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और साइप्रस जैसे देशों में आयकर कार्यालय खोलने जा रही है। ये कार्यालय संबंधित देश के कर अधिकारियों के साथ बराबर संपर्क में रहेंगे और किसी भी संदेहास्पद लेन-देन की खोज-खबर रखेंगे। इससे सरकार को कर चोरों के पनाहगार समेत अन्य देशों से गोपनीय वित्तीय सूचनाएं हासिल करने में मदद मिल सकती है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन,औरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दावा है कि वैश्विक परिदृश्य की अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तीय वर्ष में 8.5 फीसदी बढेगी, जबकि अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान सकल आर्थिक उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 9 से 10 फीसदी तक पहुंच सकती है। प्रधानमंत्री शनिवार को राजधानी दिल्ली में नौवें प्रवासी-भारतीय दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक विकास योजनाओं के लिएऔरऔर भी