केंद्र सरकार ने 19 राज्‍यों में 152 लाख टन अतिरिक्‍त अनाज रखने के लिए गोदाम बनाने की इजाजत दे दी है। इसमें से 72.65 लाख टन भंडारण क्षमता का निर्माण निजी उद्यमियों, केन्‍द्रीय भंडारण निगम (सीडब्‍ल्‍यूसी) और राज्‍य भंडारण निगमों (एसडब्ल्यूसी) द्वारा किया जाएगा। इस भंडारण क्षमता का निर्माण अगले एक साल में कर लिया जाएगा। बाकी 79.35 लाख टन क्षमता के गोदाम बनाने का काम भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) करेगा। अब तक निजी निवेशकों के लिएऔरऔर भी

जयराम रमेश ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का पदभार संभालते ही जमीन के विस्फोटक मुद्दे को हाथ लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक का मसौदा अगले हफ्ते के मध्य तक बहस के लिए पेश कर दिया जाएगा और इसके बाद 1 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र में इसे संसद के पटल पर रख दिया जाएगा। सारा देश इस बात से वाकिफ है कि जमीन का मसला उड़ीसा से लेकर पश्चिम बंगाल औरऔरऔर भी

दुनिया भर में मांग में जबरदस्त तेजी के चलते भारत का कॉफी निर्यात जून में 55 फीसदी बढ़कर 40,000 टन पर पहुंच गया। यह बीते साल की इसी अवधि में 25,710 टन का था। कॉफी बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि जून के महीने में कॉफी का निर्यात करीब 40,000 टन रहा। हालांकि अप्रैल और मई के निर्यात के मुकाबले यह कम है। भारत से मई 2011 में 80,367 टन कॉफी का निर्यात किया गया जोऔरऔर भी

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों से मिले आंकड़ों के आधार पर बताया है कि इस साल 8 जुलाई तक धान की बुआई 74.31 लाख हेक्टेयर में की जा चुकी है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश से मिले आंकड़ो के अनुसार बुआई बेहतर स्थिति में हैं। मोटे अनाज की बुआई 52.03 लाख हेक्टेयर में की गयी है। यह पिछले साल की तुलना में 2.35 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। गन्ने की बुआई 51.38 लाख हेक्टेयर मेंऔरऔर भी

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री के वी थॉमस ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आवंटित खाद्यान्न के उठाव और इनके सुरक्षित भंडारण की समीक्षा करने के लिए अपने मंत्रालय के अधिकारियों को अगले दो-तीन हफ्तों में राज्यों का दौरा करने का निर्देश दिया है। अपर सचिव और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को राज्यवार जिम्मेदारी दी गई है और उनसे जिलेवार समीक्षा करने को कहा गया है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है किऔरऔर भी

अमेरिका ने अपने यहां चीनी की किल्लत और बढ़ते भावों को देखते चीनी आयात कोटा 1.20 लाख टन बढ़ा दिया है। इसमें से 1421 टन कच्ची चीनी का अतिरिक्त आयात भारत से किया जाएगा। अमेरिकी कृषि विभाग ने टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) योजना के तहत भारत से कच्ची चीनी के आयात के लिए यह अतिरिक्त कोटा तय किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक बयान में कहा कि कृषि विभाग ने टीआरक्यू के तहत आयात कोटा बढ़ानेऔरऔर भी

देश की अर्थव्यवस्था में 14.36 फीसदी, लेकिन रोजगार में 60 फीसदी से ज्यादा योगदान देनेवाली कृषि की किस्मत मानसून पर निर्भर है। साल भर की कुल बरसात का 80 फीसदी हिस्सा जून से सितंबर तक मानसून के चार महीनों में बरसता है। मानसून खराब तो कृषि खराब। कृषि खराब तो मांग का टोंटा और खाद्य पदार्थों की कीमत में आग। फिर उसे थामने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने का चक्र। मानसून से अनाज व नकदी फसलों केऔरऔर भी

चालू सीजन के दौरान सामान्य से कम मानसून के अनुमान पर आशंकाओं को खारिज करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि ये अनुमान केवल एक आभास भर हैं। मुखर्जी ने बुधवार को मानसून से जुड़े सवाल पर संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमें कुछ समय और इंतजार करना चाहिए।’’ भारतीय मौसम विभाग ने कल कहा था कि मानसून दीर्घकालिक अवधि के औसत का 95 फीसदी रहने की संभावना है जो सामान्य से कम है। सामान्य सेऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 के पहले दो महीनों में दलहन की खेती करने वाले 60,000 वर्षा आधारित गांवों को प्रोत्‍साहित करने के लिए विभिन्‍न राज्‍यों को 109.9 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। इसमें गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु को कोई रकम नहीं दी गई गै। यह कार्यक्रम राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) का हिस्‍सा है, जिसके लिए 300 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। आवंटित और जारी की गई रकम (करोड़ रुपए में)औरऔर भी

एक तरफ उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती कह रही हैं कि भूमि अधिग्रहण पर उनकी नीति हरियाणा सरकार से भी अच्छी है और केंद्र सरकार तक को इसे अपना लेना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ किसानों को इससे अपनी सांसत बढ़ने का अंदेशा है। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस रामचंद्रन पिल्लई ने कहा है कि माया सरकार द्वारा भट्टा-परसौल काण्ड के बाद अपनाए गए निदान से किसान खुश नहीं हैं। वे इसे भी सरकार द्वाराऔरऔर भी