केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों – एनटीपीसी, स्टील अथॉरिटी (सेल), इंडियन ऑयल और ओएनजीसी को महारत्न का ओहदा दे दिया है। महारत्न का दर्जा सरकार की उन लिस्टेड कंपनियों को दिया जाता है जिनका औसत सालाना टर्नओवर पिछले तीन सालों के दौरान 25,000 करोड़, शुद्ध लाभ 5000 करोड़ और नेटवर्थ (इक्विटी + फ्री रिजर्व) 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो। बता दें कि केंद्र सरकार मार्च 2011 से पहले सावर्जनिक क्षेत्र की कई कंपनियोंऔरऔर भी

कुछ भी स्थाई नहीं। न दुख, न सुख। पौधे पर एक पत्ती इधर तो एक पत्ती उधर। छोटा से छोटा कण भी अपनी धुरी पर अनवरत घूम रहा है। इसलिए अभी कृष्ण पक्ष है तो शुक्ल पक्ष अगला है। यह लीला नहीं, नियम है।और भीऔर भी

नवनीत पब्लिकेशंस का उस नवनीत पत्रिका से कोई वास्ता नहीं है जिसके संपादक विश्वनाथ सचदेवा हैं। यह कंपनी तो स्कूली बच्चों की किताबों के प्रकाशन और स्टेशनरी का व्यवसाय करती है। और, क्या खूब करती है। नवनीत पब्लिकेशंस ने मार्च 2010 में खत्म हुए वित्त वर्ष 2009-10 में 523.31 करोड़ रुपए की बिक्री पर 68.47 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। केवल मार्च 2010 की तिमाही की बात करें तो उसकी बिक्री 100.61 करोड़ व शुद्धऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए ओपन ऑफर की सीमा को न्यूनतम 20 फीसदी के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 25 फीसदी कर सकती है। वह यह फैसला पिछले साल बनाई गई टेकओवर रेगुलेशंस एडवाइजरी कमिटी (टीआरएसी) की सिफारिशों के आधार पर करेगी। साथ ही यह भी संभव है कि ओपन ऑफर लाने की ट्रिगर लिमिट 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक सेबी जल्दी ही अपने टेकओवर कोडऔरऔर भी

आप अपनी बनाई चीज पर फिदा हैं। आपकी निगाह में बहुत कीमत है उसकी। लेकिन इससे क्या होता है? कीमत तो दूसरे की निगाह में होनी चाहिए। दूसरा ही तय करेगा कि आपकी चीज की औकात क्या है, आप नहीं।और भीऔर भी

यूं तो हमारे शेयर बाजारों में जिन 2500 से ज्यादा कंपनियों में रोज ट्रेडिग होती है, उसमें से मुझे लगता है कि तीन चौथाई निवेश के काबिल हैं। अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त रही तो लंबे समय में ये सभी अपने शेयरधारकों को फायदा देंगी। लेकिन कभी-कभी कुछ अच्छी खबरें शेयरों को हवा दे देती हैं। जैसे, हमने ठीक सात दिन पहले बर्जर पेंट्स को कुछ सकारात्मक खबरों के आधार पर खरीदने की सिफारिश की थी। तब इसकाऔरऔर भी

पूरे 34 दिन। ताबड़तोड़ बोलियों के 183 दौर। और, आखिरकार मोबाइल की दुनिया की सबसे चकाचौंध सेवाएं देनेवाले 3 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी बुधवार को पूरी हो गई। अगर सरकारी कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल द्वारा दी जाने वाली रकम को मिला दिया जाए तो केंद्र सरकार को 3 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से कुल 67,718.95 करोड़ रुपए मिलेंगे। बजट में 3 जी स्पेक्ट्रम और ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) से कुल 35,000 करोड़ रुपए हासिल करने का लक्ष्यऔरऔर भी

अमेरिका में कंपनियों के नतीजे आने का दौर बीत गया और एस एंड पी इंडेक्स में शामिल कंपनियों की आय 17 फीसदी बढ़ी है, जबकि उम्मीद 14 फीसदी की ही थी। वहां बेरोजगारी की दर घटना शुरू हो गई है और हाउसिंग क्षेत्र में मांग बढ़ रही है। इस तरह अमेरिकी अर्थव्यवस्था उठान पर है और ग्रीस का संकट अमेरिका को आगे बढ़ने में मददगार होगा। भारतीय कंपनियों की भी आय अभी तक उम्मीद से बेहतर रहीऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के जीवन अक्षय-VI प्लान  को केंद्र सरकार ने आयकर कानून की धारा 80-सी तहत कर छूट देने का फैसला किया है। यह छूट उसे 80 सी की उपधारा-2 के अनुच्छेद (xii) के तहत एन्यूटी प्लान मानकर दी जा रही है। जिन भी लोगों ने इस प्लान में वित्त वर्ष 2007-08 या उसके बाद निवेश किया है, वे इसमें दिए गए प्रीमियम पर कर छूट ले सकते हैं। लेकिन यह छूट 80 सीऔरऔर भी

ऋण संकट से जूझ रहा ग्रीस साल 2013 इससे निजात पा लेगा और उनकी राजकोषीय व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। वह यूरोप की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से पहले ऐसा करने में कामयाब होगा। दूसरी तरफ जापान में 2084 तक और इटली में 2060 तक सरकारी ऋण बड़ी समस्या बना रहेगा। यह निष्कर्ष है स्विटजरलैंड के मशहूर बिजनेस स्कूल आईएमडी की तरफ से आज, बुधवार को जारी की गई अध्ययन रिपोर्ट का। रिपोर्ट का आकलन है कि अमेरिका 2033औरऔर भी