कहते हैं कि दूध का जला, छाछ भी फूंक कर पीता है। पिछले दिनों पेंशन बिल और कंपनी बिल को राजनीतिक विरोध के चलते वापस लेने पर मजबूर हुई सरकार अब आर्थिक सुधार संबंधी विधेयकों पर आम सहमति बनाने की वकालत करने लगी है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि सरकार आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के प्रति वचनबद्ध है और आर्थिक महत्व के विधेयकों पर राजनीतिक आम सहमति बनाने में लगी है। लेकिन उन्होंनेऔरऔर भी

हर कोई अक्सर अपने कर्मं की सार्थकता के बारे में सोचता है। मैं भी कभी-कभी सोचता हूं कि जो काम कर रहा हूं, उसकी सार्थकता क्या है। नोट बनाने का लालच तो सब में है। लेकिन इस देश में बचानेवाले कितने हैं और इन बचानेवालों में भी अपने धन को जोखिम में डालने की जुर्रत कितने लोग कर सकते हैं? फिर आखिर मैं किसकी सेवा में लगा हूं? इन लोगों की हालत तो वही है कि गंजेड़ीऔरऔर भी

बीज अगर फलियों की खोल तोड़कर बाहर न निकलें तो सृजन का सिलसिला ही रुक जाए। इसी तरह मानव समाज को आगे बढ़ाने के लिए कुछ लोगों को सुरक्षा का कवच तोड़कर बाहर निकलना ही पड़ता है।और भीऔर भी

दुनिया में साल 2020 तक हीरे की मांग हर साल 6 फीसदी की दर से बढ़ती जाएगी और बढ़ती मांग में सबसे ज्यादा योगदान भारत और चीन का होगा। दुबई से मिली एक ख़बर के अनुसार अगले नौ सालों में दुनिया में हीरे की आपूर्ति जहां सालाना 2.8 फीसदी की दर से बढ़ेगी, वहीं हीरे की मांग में छह फीसदी सालाना का इजाफा होगा। बेन एंड कंपनी द्वारा जारी 2011 वैश्विक हीरा उद्योग रिपोर्ट में कहा गयाऔरऔर भी

आपको याद होगा कि ठीक एक हफ्ते पहले 15 दिसंबर को वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने दावा किया था कि जनवरी के पहले हफ्ते तक खाद्य मुद्रास्फीति तीन फीसदी से नीचे आ जाएगी। लेकिन ये तो कमाल ही हो गया! दिसंबर के दूसरे हफ्ते में ही यह दो फीसदी से नीचे आ गई। गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 दिसंबर को खत्म हफ्ते में खाद्य मुद्रास्फीति कीऔरऔर भी

देश की आवाज़ बन चुके गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ललकारा है कि अगर उन्हें लगता कि सरकार द्वारा तैयार लोकपाल विधेयक इतना अच्छा है तो खुली बहस में सबसे सामने इसे साबित करके दिखाएं। वैसे, सरकार लोकपाल विधेयक संसद में पेश कर रही है, जिस पर पूरी बहस की तैयारी है। बहस के लिए संसद का शीतसत्र 27 से 29 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के अपनेऔरऔर भी

जैन इरिगेशन सिस्टम्स ड्रिप व स्प्रिंकल सिंचाई उपकरणों के अलावा पीवीसी, पोलि इथिलीन व पॉलि प्रोपिलीन पाइप सिस्टम, प्लास्टिक शीट, डिहाइड्रेटेड प्याज व सब्जियां, टिश्यू कल्चर, बायो फर्टिलाइजर, सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम और सोलर फोटो वोल्टिक उपकरण भी बनाती है। वह फसलों के चयन से लेकर बंजर व असिंचित भूमि के समुचित उपयोग से जुड़ी सलाहकार सेवाएं भी देती है। राजस्थान से निकलकर महाराष्ट्र के जलगांव में बसे जैन परिवार ने व्यापार से शुरू कर ईंट-दर-ईंट इसऔरऔर भी

वो सभा, सभा नहीं जिसमें गुरुजन न हों। वे गुरुजन, गुरुजन नहीं जिनकी वाणी में सदाचार न हो। वह सदाचार, सदाचार नहीं जिसमें सत्य न हो। वो सत्य, सत्य नहीं जो किसी को कपट के लिए उकसाता हो।  और भीऔर भी

एक तरफ खाद्य सुरक्षा विधेयक को संसद में रखने की तैयारी हो चुकी है, दूसरी तरफ खाद्यान्नों की खरीद व रखरखाव की सबसे बड़ी सरकारी एजेंसी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने स्वीकार किया है कि अप्रैल 2000 से लेकर मार्च 2011 तक के दस सालों में विभिन्न वजहों से 7.42 लाख टन अनाज बरबाद हो गया है। इस अनाज की कीमत 330.71 करोड़ रुपए आंकी गई है। एफसीआई ने सूचना का अधिकार कानून के तहत सामाजिक कार्यकर्ताऔरऔर भी