इस समय जो-जो चीजें किसानों के पास बहुतायत में हैं, उन सभी की कीमत में भारी गिरावट के कारण खाद्य मुद्रास्फीति की दर शून्य से नीचे पहुंच गई है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 24 दिसंबर 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्यों पर आधारिक खाद्य मुद्रास्फीति की दर (-) 3.36 फीसदी रही है। लेकिन किसानों के पास जो चीजें नहीं हैं, मसलन दूध, फल, दाल व मांस-मछली व अंडे, उनऔरऔर भी

उड़ीसा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी (ओएमडीसी) सार्वजिनक क्षेत्र की कंपनी है। देश भर में इसकी छह खदानें हैं जिनमें 20.6 करोड़ टन लौह अयस्क और 4.4 करोड़ टन मैंगनीज अयस्क का भंडार है। माना जाता है कि इन खदानों का फिर से आकलन किया जाए तो भंडारों की मात्रा दोगुनी हो सकती है। फिलहाल कंपनी पिछले तीन-चार साल से ठंडी पड़ी थी। लेकिन उड़ीसा के क्योंझर जिले में बरबिल के आसपास स्थित उसकी दो खदानों – कोल्हा रोएडाऔरऔर भी

ये सरकार भी बड़ी जालिम चीज़ है! कहने को सबकी संरक्षक है, पालनहार है। मगर जब कंगाली में फंसते हो तो पूछती तक नहीं और जैसे ही आप कहीं से कमाई कर लेते हो, फौरन टैक्स वसूलने आ जाती है।और भीऔर भी

कोई भी उपभोक्ता अब किसी सामान या सेवा में खामी पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण कानून में ऐसे कई संशोधनों वाला विधेयक पिछले महाने लोकसभा में पेश किया है। इसमें जिला उपभोक्ता अदालतों की ताकत बढ़ाना भी शामिल है। इन संशोधन का मकसद उपभोक्ता विवादों को जल्द से जल्द निपटाने की स्थितियां पैदा करनी है। नए विधेयक के अनुसार कोई भी ग्राहक अपनी शिकायत से लेकर निर्धारित फीस तक ऑनलाइनऔरऔर भी

वित्‍त मंत्रालय ने साफ किया है कि भले ही लघु बचत स्कीमों की ब्‍याज दर को हर साल समतुल्य परिपक्‍वता वाली सरकारी प्रतिभूतियों के साथ जोड़ दिया गया है, लेकिन पीपीएफ (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) को छोड़कर बाकी सभी स्कीमों में निवेश पर ब्याज दरें फिक्‍स रहेंगी, फ्लोटिंग नहीं। सरकारी प्रतिभूतियों की ब्याज दर को बस एक संदर्भ के रूप में लिया जाएगा। असल में मीडिया में इस तरह की खबरें आई थीं कि पहली दिसम्‍बर 2011 सेऔरऔर भी

देश में सोने के जेवरों की हॉलमार्किंग जल्दी ही अनिवार्य कर दी जाएगी। फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कानून में इसके लिए जरूरी संशोधन को मंजूरी दे दी। अब यह संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद कानून बन जाएगा। सरकार के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, इस काम में कम से कम सात से आठ महीने लग सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इससे सबसे बड़ी बात यह होगी कि देश भरऔरऔर भी

साल भर में करीब 25,500 करोड़ रुपए का धंधा। करीब डेढ़ लाख लोगों को सीधा रोजगार। अभी सितंबर तिमाही में करीब 7500 करोड़ रुपए की आय पर 1822 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ। मौजूदा बाजार पूंजीकरण 1.65 लाख करोड़ रुपए। इनफोसिस है तो देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी। उसका नंबर टाटा समूह की कंपनी टीसीएस के बाद आता है जिसकी सालाना आय करीब 30,000 करोड़ और मौजूदा बाजार पूंजीकरण 2.34 लाख करोड़ रुपए है।औरऔर भी

वे रेखाएं या आहट देखकर भविष्य बांचने का काम औरों का नहीं, अपना भविष्य संवारने के लिए करते हैं। भविष्यवाणी करना उनके पापी पेट का सवाल है। इससे हमें ढाढस के सिवा कुछ नहीं मिलता।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की बड़ी मुश्किल आसान कर दी है। अब शेयर बाजारों में लिस्टेड कोई भी कंपनी न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक शेयरधारिता हासिल करने के लिए सीधे अपने शेयर बेच सकती है। इसके लिए उसे कोई पब्लिक इश्यू लाने की जरूरत नहीं होगी। वह ऐसा इंस्टीट्यूशन प्लेसमेंट प्रोग्राम (आईपीपी) या स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए ब्रिकी प्रस्ताव लाकर कर सकती है। सेबी के बोर्ड ने मंगलवार को अपनी बैठक मेंऔरऔर भी

सरकार की योजना है कि डाकखानों का इस्तेमाल उन इलाकों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की है, जो अभी तक इससे वंचित हैं। नए साल में इस योजना को अमली जामा पहनाए जाने की उम्मीद है। संचार मंत्रालय ने इस आशय का प्रस्ताव मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है। इस योजना के तहत 1.55 लाख डाकखानों से बैंकों का काम लेने का भी प्रस्ताव है ताकि ग्रामीण इलाकों में सरकार के वित्तीय समावेशऔरऔर भी