76% भारतीय कंपनियां रिश्वत व भ्रष्टाचार की परवाह नहीं करतीं और उन्हें लगता है कि अपना काम चलाने व वजूद बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है। वैश्विक सलाहकार फर्म प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स के वैश्विक आर्थिक अपराध सर्वे 2011 में यह बात उजागर हुई है। सर्वे के अनुसार भारत में आर्थिक अपराधों की सूचना देने वाली कंपनियों की संख्या केवल 24% है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 34% का है। इससे लगता है कि 76%औरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने यह तो माना है कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन उनका कहना है कि अब भी हालत इतनी खराब नहीं है कि हमारे सामने ‘छिपकली खाने’ की नौबत आ गई हो। वित्त मंत्री अंग्रेजी में ही बोलते हैं तो उनका असली कहा पेश है। उन्होंने बुधवार को लोकसभा में 2011-12 के बजट की अनूपूरक मांगों का प्रस्ताव पेश करते हुए लोकसभा में कहा: The economy is inऔरऔर भी

देश में दो साल के अंदर हर ग्राम पंचायत में ब्रॉडबैंड कनेक्शन लग जाएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को राजधानी दि‍ल्‍ली में इंडि‍या टेलिकॉम 2011 सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह बात दावा किया। उन्होंने कहा कि इसके लि‍ए सरकार ने हाल ही में नेशनल ऑप्‍टि‍कल फाइबर नेटवर्क तैयार करने की एक स्‍कीम का अनुमोदन कि‍या है। इसके शुरूआती चरण पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है। लगभग इतनी ही रकम निजीऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि देश में प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) अप्रैल 2012 से अमल में आ जाएगी। आयकर की यह नई व्यवस्था 1961 के आयकर कानून का स्थान लेगी। बुधवार को राजधानी दिल्ली में ‘कर व विषमता’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता से प्रत्यक्ष करों के संबंध में नीतिगत बदलाव आएगा। इसे अगले वित्त वर्ष से अमल में लाया जाना है।औरऔर भी

ऑडिट क्षेत्र की नियामक संस्था, आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) ने लवलॉक एवं लेवेस के दो चार्टर्ड अकाउन्टेंटों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है और करीब 14,000 करोड़ रुपए के सत्यम घोटाले में उनकी भूमिका को देखते हुए दोनों पर पांच-पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। आईसीएआई ने एक बयान में कहा, “आईसीएआई की अनुशासन समिति ने जांच में लवलॉक एवं लेविस के चार्टर्ड अकाउंटेंट पुलावर्ती शिव प्रसाद और चिंतापटला रवींद्रनाथ कोऔरऔर भी

सरकार ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का फैसला तब तक टाल दिया है, जब तक इससे जुड़े सभी पक्षों में सहमति नहीं बन जाती। सरकार ने बुधवार को सुबह सर्वदलीय बैठक के बाद यह घोषणा की। इसके बाद नौ दिन से हंगामे की शिकार संसद की कार्यवाही सामान्य तरीके से चल पड़ी। सीपीआई नेता गुरुदास दासगुप्ता ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “यह रिटेल व्यापार में एफडीआई कोऔरऔर भी

शेयर बाजार ही वह ठौर है जहां पहुंचाकर अपनी बचत को हम मुद्रास्फीति के क्षयकारी असर से बचा सकते हैं। चूंकि भारत सरकार की तरफ से सरकारी दामादों को छोड़कर किसी भी भारतीय को सामाजिक सुरक्षा नहीं मिली है, इसलिए हारी-बीमारी से लेकर बच्चो की पढ़ाई-लिखाई, शादी-ब्याज व अपने रिटायरमेंट तक के लिए हमें खुद ही बचाना पड़ता है। लेकिन सरकार शायद लंबे समय तक सामाजिक सुरक्षा दे भी नहीं सकती। यूरोप में तो थी व्यक्ति कोऔरऔर भी

विचार उस टॉर्च की तरह हैं जो हर अंधेरे मोड़ पर आपको दस गज दूर तक का ही रास्ता दिखाते हैं। इसलिए सफर में निरंतर आगे बढ़ने के लिए हर मोड़ पर विचारों को नई दिशा, नई रौशनी देनी जरूरी है।और भीऔर भी

सरहद और सरकारों के तंत्र से राष्ट्र नहीं बना करते। बहुमत का हुंकार भी राष्ट्र नहीं बनाता। इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। राष्ट्र बनता है दिल से, भरोसे से और साझा समस्याओं की साझा समझ से।और भीऔर भी

हमारे योजना आयोग ने ग्रामीण इलाकों में 26 रुपए की गरीबी रेखा नहीं बदली। लेकिन चीन ने तय किया है कि उसके गांवों में प्रतिदिन एक डॉलर यानी करीब 50 रुपए से कम कमाने वाले व्यक्ति को गरीब माना जाएगा। अभी तक उसकी गरीबी रेखा 55 सेंट थी जिसे अब 92% बढ़ा दिया गया है। विश्व बैंक ने गरीबी रेखा का अंतरराष्ट्रीय मानक 1.25 डॉलर रखा है और चीन अब इसके बेहद क़रीब है। लेकिन भारत अभीऔरऔर भी