सफलता की मंजिल
समस्याएं आती हैं, लेकिन अपने भीतर नए अवसरों को भी छिपाकर लाती हैं। जो लोग समस्याओं के व्यूह को तोड़ते हैं, वे ही अवसरों के मुंहाने तक पहुंचते हैं, जहां से सफलता की मंजिल ज्यादा दूर नहीं होती।और भीऔर भी
समस्याएं आती हैं, लेकिन अपने भीतर नए अवसरों को भी छिपाकर लाती हैं। जो लोग समस्याओं के व्यूह को तोड़ते हैं, वे ही अवसरों के मुंहाने तक पहुंचते हैं, जहां से सफलता की मंजिल ज्यादा दूर नहीं होती।और भीऔर भी
केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि संसदीय समितियों की सिफारिशों को ‘अनिश्चित काल’ तक के लिए देश के नागरिकों की पहुंच से दूर नहीं रखा जा सकता, भले ही उन्हें सदन में पेश नहीं किया गया हो। मुख्य सूचना आयुक्त सत्यानंद मिश्रा ने राज्यसभा सचिवालय को सूचना के अधिकार पर अमल को लेकर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का खुलासा करने का निर्देश देते हुए यह फैसला सुनाया है। इन सिफारिशों को तीन साल बीतनेऔरऔर भी
पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कुर्सी का धर्म निभाते हुए पेट्रोलियम तेल की मार्केटिंग में लगी सरकारी कंपनियों की शिकायत ऊपर तक पहुंचा दी है। उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर डीजल व रसोईं गैस के दाम बढ़ाने का फैसला जल्द करने की मांग की। ये दोनों उत्पाद राजनीतिक व आर्थिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। रेड्डी ने पिछले हफ्ते इसी मामले में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से भी मुलाकात की थी। गौरतलबऔरऔर भी
भारत ने अपने सभी पड़ोसी देशों को 10-10 करोड़ डॉलर का सस्ता कर्ज मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है। इन देशों को ये ऋण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, यानी सड़क, पेयजल व बिजली वगैरह के लिए दिए जाएंगे। मंगलवार को माले (मालदीव) में दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र की मंत्री-स्तरीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि भारत ने दक्षेस क्षेत्र के लिए नया ‘खरीदार ऋण कवच’ बनाया है। उन्होंनेऔरऔर भी
कोई चिंता, फिक्र या परेशानी हो तो सब कुछ भुलाकर एक पल आईने के सामने खड़े होकर मुस्कुराइए। इससे तनाव तो कम होगा ही, चेहरे की रौनक भी बढ़ जाएगी। चेहरे पर आई हल्की-सी मुस्कुराहट में गजब की ताकत होती है और यह बहुत दूर तक असर करती है। यह बात इसलिए भी मायने रखती है कि बुधवार, 15 जून को स्माइल पावर दिवस है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक शोध के अनुसार, मुस्कुराहट सिर्फ दिल को सुकूनऔरऔर भी
हमारे नीति-नियामक कितने मतिअंध हैं, इसका प्रमाण पेश कर दिया मंगलवार को जारी मई माह की मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने। तीन दिन पहले ही वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु कह रहे थे कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर मई में 8.6 फीसदी रह सकती है जो अप्रैल माह के 8.66 फीसदी से कम होगी। लेकिन वास्तव में यह आंकड़ा 9.06 फीसदी का निकला है। सवाल उठता है कि क्या इतने खासऔरऔर भी
बिल गेट्स और वॉरेन बफेट इस समय दुनिया के सबसे बड़े दानवीर बने हुए हैं। जनसेवा और दान पर जगह-जगह भाषण देते फिरते हैं। लेकिन उनकी दानवीरता करुणा नहीं, बल्कि मजबूरी का नतीजा है। दोनों अमेरिकी नागरिक हैं और अमेरिकी कानून के मुताबिक मरने के बाद किसी व्यक्ति की संपत्ति या तो सरकार की हो जाती है या उसे उत्तराधिकार के लिए भारी-भरकम टैक्स भरना पड़ता है। इससे बचने के लिए वहां के अधिकांश अमीर अपनी संपत्तिऔरऔर भी
यह खबर का ही प्रताप है कि कल जब बाजार एकदम फ्लैट रहा, तब भी अतुल ऑटो का शेयर 6.45 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। हालांकि दिन में यह 7.91 फीसदी तक बढ़कर 133.05 रुपए पर पहुंच गया था। लेकिन बंद हुआ 131.25 रुपए पर। यह भी अजब संयोग है कि ठीक साल भर पहले आज ही के दिन 14 जून 2010 को अतुल ऑटो का शेयर अपने न्यूनतम स्तर 70.05 रुपए पर था। मान लें कि किसीऔरऔर भी
हिसाब लगाएं तो पता चलेगा कि हम तीन चौथाई से ज्यादा जीवन प्रतिक्रिया में जीते हैं। लेकिन प्रतिक्रिया नहीं, क्रिया-प्रधान जीवन होना चाहिए हमारा। दूसरे नहीं, हम ही तय करें कि हमें क्या करना है।और भीऔर भी
अगर आम निवेशक पिछले साल आए आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) के ताजा हाल से दुखी हैं तो कंपनियों से सीधे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेटसमेंट या क्यूआईपी में शेयर खरीदने वाले संस्थागत निवेशकों की हालत भी अच्छी नहीं है। साल 2010 में आए 55 में 31 आईपीओ के भाव इश्यू मूल्य से नीचे चल रहे हैं तो इस दौरान हुए 50 क्यूआईपी में से 33 ने अभी तक घाटा दिलाया है। क्रिसिल इक्विटीज के एक अध्ययन के मुताबिक 2010औरऔर भी
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