गेट्स और बफेट की दरियादिली का राज़

बिल गेट्स और वॉरेन बफेट इस समय दुनिया के सबसे बड़े दानवीर बने हुए हैं। जनसेवा और दान पर जगह-जगह भाषण देते फिरते हैं। लेकिन उनकी दानवीरता करुणा नहीं, बल्कि मजबूरी का नतीजा है। दोनों अमेरिकी नागरिक हैं और अमेरिकी कानून के मुताबिक मरने के बाद किसी व्यक्ति की संपत्ति या तो सरकार की हो जाती है या उसे उत्तराधिकार के लिए भारी-भरकम टैक्स भरना पड़ता है। इससे बचने के लिए वहां के अधिकांश अमीर अपनी संपत्ति कल्याणकारी संस्थाओं, यहां तक कि कुत्तों तक के नाम कर देते हैं।

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  1. मुझे आज तक समझ ना आया कि इनका दान किस पर कितने प्रभाव छोड़ रहा है। गूगल का बिजनेस बिलगेट्स के दान से ज्यादा समाजोपयोगी है। सरकारों और स्कूलों के साथ बिलगेट्स फाउंडेशन की पार्टनरशिप के कई अवसर देखने को मिले। बिलगेट्स अपने प्रोडक्ट्स के सीरियल की दे रहा है प्रोडक्ट्स जन साधारण के काम के नही है। अपने जिन उपयोगी प्रोडक्ट्स की ट्रेनिंग दे रहा है वे प्रोडक्स्ट्स खरीदे बिना आप यूज करते हो तो आप खुद को चोर कहलाते हो। ऑपरेटिंग सिस्टम की ट्रेनिंग और एम एस ऑफिस की ट्रेनिंग दान तो नही कही जा सकती क्यों कि अंतत: आपको ये प्रोडक्ट खरीदने तो होते ही है। ये तो प्रोमोशनल एक्टिविटी हुई ना, …

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