टीसीएस और इनफोसिस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 की पहली यानी जून तिमाही में कंसोलिडेटेड आधार पर 1334.9 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है जो जून 2010 की तिमाही के शुद्ध लाभ 1318.6 करोड़ रुपए से 1.24 फीसदी ज्यादा है। लेकिन इसी दौरान उसकी आय 18.35 फीसदी बढ़कर 7236.4 करोड़ रुपए से 8564 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। अगर स्टैंड-एलोन नतीजों की बात करें तो जूनऔरऔर भी

ल्यूपिन लिमिटेड नाम से कुछ भी लगे। लेकिन है यह खांटी देसी कंपनी। केमिस्ट्री में एमएससी करनेवाले देशबंधु गुप्ता ने 1968 में इसकी स्थापना की। बताते हैं कि गुप्ता जी शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के जमाने में जाली दवाएं बनाकर बेचते थे। लेकिन 1970 में भारतीय पेटेंट एक्ट आ गया। फिर गुप्ता जी को वाल्मीकि के अंदाज में समझ में आ गया है कि गलत धंधा करने में फायदा नहीं और वे कुशल सारथी व उद्यमी कीऔरऔर भी

खुद कोई अपने संदर्भ में कैसे गलत हो सकता है? नाक कैसे बता सकती है कि वह टेढ़ी है? दूसरों का संदर्भ ही बताता है कि हम सही हैं या गलत। इसलिए, खुद को हमेशा दूसरों के नजरिए से देखना चाहिए।और भीऔर भी

कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2010-11 में देश में खाद्यान्नों का कुल उत्पादन 24.156 करोड़ टन रहा है। यह पिछले साल के उत्पादन 21.811 करोड़ टन से 10.75% अधिक है। खाद्यान्न उत्पादन का पिछला रिकॉर्ड 2008-09 में 23.447 करोड टन का था। इस बार 8.592 करोड़ टन गेहूं और 1.809 करोड़ टन दालों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। इसी तरह मोटे अनाज, मक्का, उड़द, मूंग, चना, तिलहन व सोयाबीन में इस बार सर्वाधिक उत्पादन हुआऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने जापान व चीन से आयात की जानेवाली इनर्ट या अक्रिय गैसों पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिग शुल्क लगा दिया है। ये गैसें आमतौर पर घरेलू रेफ्रीजरेटर या वाहनों के एसी में इस्तेमाल की जाती हैं। इन पर लगाया गया एंडी-डंपिंग शुल्क 0.69 डॉलर से लेकर 1.41 डॉलर प्रति किलो होगा। वित्त मंत्रालय से संबद्ध राजस्व विभाग का कहना है कि यह शुल्क अगर किसी वजह से खत्म नहीं किया गया तो अगले पांचऔरऔर भी

अब लाभ न कमानेवाली या मामूली लाभ कमानेवाली लिस्टेड कंपनी भी प्रबंधन से जुड़े प्रोफेशनल को बेधड़क हर महीने 4 लाख रुपए से ज्यादा का वेतन व भत्ता दे सकती है। इसके लिए उसे केंद्र सरकार से कोई इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी। अभी तक इससे पहले कंपनी को सरकार की मंजूरी लेना जरूरी था। लेकिन कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने कंपनी एक्ट 1956 के संबंधित प्रावधान को ही अब बदल दिया है। कंपनी एक्ट 1956 के अनुच्छेद –औरऔर भी

भारत को परमाणु बिजली के क्षेत्र में झाड़ पर चढ़ाने की कोशिश हो रही है क्योंकि जब बाकी दुनिया परमाणु बिजली को तौबा कर रही है तब भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल हैं जो इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का मंसूबा पाले हुए है और बाहर से परमाणु रिएक्टर आयात कर सकता है। लेकिन भारत में आम राय इसके खिलाफ न जाए, इसलिए ऐसा दिखाने की सायास कोशिश हो रही है कि भारत इसऔरऔर भी

ग्लोडाइन टेक्नोसर्व आईटी सेवाओं में सक्रिय मुंबई की कंपनी है। आनंद सरनायक इसके संस्थापक प्रवर्तक और सीएमडी हैं। सरनायक 1997 में यह कंपनी बनाने से पहले एचसीएल-एचपी में काम करते थे। कंपनी की दो खास सेवाएं हैं टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सर्विसेज (आईएमएस) और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सर्विसेज। आप कहेंगे कि इससे हमको क्या लेना-देना। तो बात यह है कि ठीकठाक धंधा कर रही इस कंपनी का शेयर कल 18 जुलाई 2011 को अपने न्यूनतम स्तर 298 रुपए तकऔरऔर भी

ज्ञान के लिए विनम्रता जरूरी है। तभी आप बच्चों जैसा कुतुहल लेकर ज्ञान की अनंत दुनिया में हतप्रभ रह सकते हैं। लेकिन विनम्रता में खुद को जो कमजोर दिखा दिया तो यह दुनिया आपको खा जाएगी।और भीऔर भी

एक तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयरों में गिरावट के दौर में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) और घरेलू निवेशक संस्थाओं (डीआईआई) ने अप्रैल से जून 2011 के बीच कंपनी में अपना निवेश घटा दिया है, वहीं एलआईसी और फ्रैंकलिन टेम्प्लेटन इनवेस्टमेंट फंड ने धारा के खिलाफ चलते हुए कंपनी में अपना निवेश बढ़ा दिया है। साथ ही इस दौरान कंपनी के साथ करीब 17,000 नए रिटेल निवेशक जुड़ गए हैं। मुकेश अंबानी के मालिकाने और बाजार पूंजीकरणऔरऔर भी