सरकार चालू वित्त वर्ष 2011-12 के लिए सभी उद्योगों की ड्यूटी ड्रॉबैक दरों (एआईआर) की अधिसूचना जल्दी ही जारी कर देगी। इन दरों की सूची तैयार करने का जिम्मा सरकार ने इस साल जनवरी में ही योजना आयोग के सदस्य सौमित्र चौधरी की अध्‍यक्षता में बनी एक समिति को सौंप दिया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जिसकी सिफारिशों पर गौर किया जा रहा है। इस साल 30 सितंबर तक डीईपीबी (शुल्‍क हकनामाऔरऔर भी

कृषि मंत्रालय के अनुसार इस बार धान और तिलहन के बोवाई रकबे में काफी वृद्धि हुई है। इससे लगता है कि चावल व खाद्य तेलों की सप्लाई ज्यादा रहेगी जिससे इनके दाम नीचे आ सकते हैं। कृषि मंत्रालय ने बताया है कि राज्‍यों से प्राप्‍त आंकड़ों के अनुसार 16 सितंबर ‍तक 376.77 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र में धान की बोवाई हुई है। यह पिछले साल के मुकाबले 33.55 लाख हेक्‍टेयर अधि‍क है। पश्‍चि‍म बंगाल, बि‍हार, झारखंड, उत्‍तर प्रदेश,औरऔर भी

भारत के फाइनेंस जगत की सबसे बड़ी खबर। लेकिन निकली एकदम ठंडी। पिछली बार 26 जुलाई को अपेक्षा के विपरीत ब्याज दर को 0.50 फीसदी बढ़ाकर सबको चौंका देना एक अपवाद था। अन्यथा रिजर्व बैंक गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव का एक खास अंदाज है। वे नीतिगत उपायों से चौंकानेवाला तत्व एकदम खत्म कर देना चाहते हैं। यह देश के केंद्रीय बैंक के कामकाज में पारदर्शिता लाने के उनके प्रयास का हिस्सा है। आज सुबह तक सबको पक्काऔरऔर भी

एक तो इसका नाम ही बड़ा विचित्र है। समझ में नहीं आता कि कैसे उच्चारण करें। एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स। कंपनी के प्रवर्तक अग्रवाल बंधु हैं तो ए शायद वहां से आया होगा। राजेश अग्रवाल प्रबंध निदेशक हैं तो आर वहां से आया होगा, सुबाष अग्रवाल चेयरमैन हैं तो एक एस वहां से आया होगा। सौमेंद्र पटनायक निदेशक (वित्त) हैं और कंपनी से शुरू से जुड़े हैं तो हो सकता है दूसरा एस वहां से आ गया हो।औरऔर भी

इंसान की कोई भी रचना तब तक निष्प्राण रहती है जब तक उसे व्यापक समाज स्वीकार नहीं करता। लेकिन स्वीकृत होते ही वह रचनाकार की मंशा से अलग एक स्वतंत्र सत्ता हासिल कर लेती है।और भीऔर भी

दाल व गेहूं की कीमतों में क्रमशः 2.45 फीसदी व 2.03 फीसदी की कमी आने से तीन सितंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 9.47 फीसदी  पर आ गई। हालांकि इस दौरान अन्य खाद्य वस्तुएं महंगी हुईं। इससे पहले 27 अगस्त को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति 9.55 फीसदी  थी, जबकि साल भर पहले 2010 की समान अवधि में यह 15.16 फीसदी  थी। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों केऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दृष्टिकोण पत्र को मंजूरी दे दी। इसमें अगले साल मार्च से शुरू हो रहे पांच वित्तीय वर्षों के दौरान सालाना 9 फीसदी की आर्थिक वृद्धि हासिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अभी चल रही 11वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना औसत आर्थिक वृद्धि 8.2 फीसदी रहने का अनुमान है। बैठक के बाद केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने संवाददाताओं से कहा, “मंत्रिमंडल ने दृष्टिकोण पत्रऔरऔर भी

डॉलर के सापेक्ष रुपए की गिरावट ने अपना असर दिखा ही दिया। सरकारी तेल कंपनियों ने कमजोर रुपए से बढ़ी आयात की लागत की भरपाई के लिए गुरुवार-शुक्रवार की मध्य-रात्रि से पेट्रोल का दाम 3.14 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला कर लिया है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम वन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अफसरों ने पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ बैठक के बाद पेट्रोल के मूल्य बढ़ाने की घोषणा की। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल के दामऔरऔर भी

केंद्र सरकार दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिशों के अनुरूप देश में व्यापक चुनाव सुधार के लिए विधेयक लाएगी। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन मामलों और प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री वी नारायणसामी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। नारायणसामी ने पटना में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि चुनावों में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को कम करने और अपराधियों को चुनाव प्रक्रिया से दूर करने के लिए केंद्र सरकार जल्द एक विधेयक लाने कीऔरऔर भी

सरकारी कर्मचारियों की मौज है क्योंकि उन्हें मुद्रास्फीति के असर को खत्म करने के लिए यहां-वहां निवेश करने की मगजमारी नहीं करनी पड़ती। सरकार खुद ही मुद्रास्फीति के असर को महंगाई भत्ता बढ़ाकर बराबर कर देती है। केंद्र सरकार ने इसी क्रम में शुक्रवार को अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 7 फीसदी बढ़ा दिया। यह वृद्धि 1 जुलाई 2011 से लागू होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले की सूचना देते हुए सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनीऔरऔर भी