अमेरिका का डाउ जोंस सूचकांक शुक्रवार को 267.01 अंक बढ़कर 11,808.79 पर पहुंच गया, जबकि इसका अब तक का शिखर 12,876 का है। वैसे, 12,876 का यह स्तर किसी अनार के फूटने की तरह था जो ज्यादा टिका नहीं। इसलिए 12,500 को डाउ का औसत उच्चतम स्तर माना जाता है। इस औसत से अमेरिकी शेयर बाजार गिरकर 10,405 तक चला गया था जो करीब-करीब 17 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। लेकिन नीचे का स्तर भी ज्यादा टिकाऔरऔर भी

इस सेटलमेंट को खत्म होने में बस दो दिन बचे हैं और तेजड़ियों के लिए नए नवंबर के सेटलमेंट की जबरदस्त शुरुआत के लिए शुक्रवार से बेहतर कोई दूसरा दिन हो नहीं सकता। इधर हर बढ़त पर उनका सामना शॉर्ट सौदों से हो रहा है जो उनके लिए दिवाली गिफ्ट साबित हो रहे हैं। अगर सेटलमेंट के अंत में बाजार बढ़कर, मान लीजिए 5250 पर बंद होता है तो सारी कॉल मनी उनकी जेब में चली जाएगीऔरऔर भी

सारा का सारा बाजार कल यह उम्मीद लगा बैठा था कि निफ्टी आज 5200 के ऊपर खुलेगा। यह अलग बात है कि हमने धारा के खिलाफ जाकर खरीदने के बजाय निफ्टी में बेचने की सलाह दे रखी थी। हुआ यह कि प्री-ओपन सत्र में ही निफ्टी कल से 1.02 फीसदी गिरकर 5086.55 पर पहुंच गया। फिर गिरता-गिरता 5033.95 तक जाने के बाद दिन के अंत में थोड़ा सुधरकर 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 5091.90 पर बंदऔरऔर भी

डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की मार के अलावा ऐसा कुछ भी नहीं है जो पिछले दो दिनों में बदला हो। लेकिन बाजार हिचकोले खा रहा है। निफ्टी कल 1.58 फीसदी गिरा तो आज 2.02 फीसदी बढ़ गया। डिश टीवी के नतीजों में ऐसी कुछ भी खराबी नहीं थी। लेकिन चूंकि इसमें बाजार के तमाम ट्रेडर 83 रुपए पर लांग हो गए थे, इसलिए बाजार को खिलानेवालों ने इसे 73.70 रुपए तक तोड़ डाला। इसी तरह क्रॉम्प्टनऔरऔर भी

हमने अपनी सारी लॉन्ग कॉल्स शुक्रवार को ही बंद कर दी थीं क्योंकि हमें पूरा अहसास था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस सितंबर तिमाही के नतीजों से बाजार को निराश करेंगी। इसके ऊपर से दुनिया के बाजारों ने आग में घी डालने का काम कर दिया। कुछ बाजार सूत्रों का कहना है कि आज दो प्रमुख एफआईआई ने निफ्टी में अपनी लांग पोजिशन काटी है। लेकिन मैं पक्की तरह जानता हूं कि यह सब ड्रामा है। गिरावटऔरऔर भी

एक फिर हमारी नजर तमाम बहुराष्ट्रीय ब्रोकिंग फर्मों से तेज व पारखी साबित हुई है। हमने बाजार से आगे निकलकर सबसे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) में खरीद की कॉल पेश की और बेचकर बाजार से पहले ही मुनाफा भी कमा लिया। हमें साफ-साफ लग गया कि आरआईएल के नतीजे उम्मीद से कमतर थे। इसलिए इसमें मुनाफावसूली होनी ही थी। हालांकि बहुत से लोग ने इसे मानने को राजी नहीं थे। रिलायंस का स्टॉक आज करीब 4 फीसदीऔरऔर भी

हमने पिछले हफ्ते जो भी कहा, सच हुआ। पूरा बाजार अक्टूबर को अशुभ महीना बताता रहा। कहता रहा कि निफ्टी 3700 तक गिर जाएगा। लेकिन हमने कहा कि यह राहत का महीना है और निफ्टी 5300 तक चला जाएगा। फिलहाल हम 5140 तक पहुंच चुके हैं और कल सोमवार को बाजार के अच्छी बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हो सकता है बाजार 5200 के ऊपर खुले। मान लीजिए कि अब हमारा 5300 का लक्ष्य ज्यादाऔरऔर भी

एक दिन में सेंसेक्स के 422 अंक और निफ्टी के 125 अंक बढ़ने के बाद बाजार का थोड़ा गम खाना लाजिमी था। फिर भी खुला तेजी के साथ तो बाजार चलानेवालों को थोड़ी मुनाफावसूली का मौका मिल गया। हालांकि सेंसेक्स 74.47 अंक और निफ्टी 21.55 अंक गिरकर बंद हुआ है। लेकिन इससे यह नहीं मान लेना चाहिए कि बाजार का रुख फिर उलट गया है। कल बाजार के बादशाह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का दिन है। वह सितंबरऔरऔर भी

इनफोसिस ने अपेक्षा से बेहतर नतीजे घोषित किए। लेकिन बाकी साल के अनुमान घटा दिए। फिर भी इसके शेयरों में उछाल गया। इसका कारण यह है कि बाजार में हर कोई शॉर्ट हुआ पड़ा है जबकि डाउनग्रेड का दौर अब खत्म हो चुका है और अपग्रेड का क्रम शुरू हो गया है। इससे आपका साबका भले ही न पड़ा हो, लेकिन ऐसा होना आम नियम और व्यवहार है। रुपए का अवमूल्यन सॉफ्टवेयर निर्यात करनेवाली कंपनियों की मददऔरऔर भी

कल निफ्टी में 4990 और 5030 के आसपास किए गए शॉर्ट सौदे अभी तक काटे नहीं गए हैं। कारण, बहुत से मंदड़िए मानते हैं कि बाजार गिरकर 4700 तक जाएगा क्योंकि कल आ रहे इनफोसिस के नतीजे, हो सकता है कि अच्छे न रहें। ब्याज दरों के बढ़ने से मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को तगड़ी चपत लगी है। वहीं रुपए का कमजोर होना इनफोसिस की भावी संभावनाओं के लिए सुखद है। इनफोसिस ने जिस तरह से रुपए की विनिमयऔरऔर भी