एक तरफ हमारी सरकार चीन के साथ बढ़ने व्यापार घाटे पर चिंता जता रही है। वहीं दूसरी तरफ हकीकत यह है कि जहां चीन सस्ते व परिष्कृत मैन्यूफैक्चर्ड उत्पादों से भारतीय बाजार को पाटे पड़ा है, वहीं हम चीन को मानव बाल जैसी अपरिष्कृत चीजें निर्यात कर रहे हैं। वाणिज्य राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर चिंतित है। अप्रैल-जुलाई 2011 के चारऔरऔर भी

भारत दुनिया की खबरों पर बार-बार उठ्ठक-बैठक कर रहा है, जबकि सबसे विकट हालत में फंसे देश अमेरिका का शेयर सूचकांक, डाउ जोंस 12,000 के स्तर को कसकर पकड़े बैठा है। जब भी कभी यह 12,000 के नीचे जाता है तो फौरन रॉकेट की तरह खटाक से वापस आ जाता है। इसी तरह एस एंड पी 500 सूचकांक ने भी एक ढर्रा बना रखा है और 1250 के आसपास खुद को जमा रहा है। यह उसका ब्रेक-आउटऔरऔर भी

वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दुनिया में एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका जताई है। उन्होंने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में तीसरे भारत-अफ्रीका हाइड्रोकार्बन सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज विश्‍व की अर्थव्यवस्‍था अनिश्चितता का सामना कर रही है। हालांकि इसमें कुछ सुधार के संकेत मिले हैं। लेकिन इसके बावजूद एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका दिख रही है। पश्चिम एशियाई देशों के संकट ने भी अनि‍श्‍चि‍तता में योगदान कि‍‍या है, खासतौर से अंतरराष्‍ट्रीय बाजार मेंऔरऔर भी

हमारे योजना आयोग ने ग्रामीण इलाकों में 26 रुपए की गरीबी रेखा नहीं बदली। लेकिन चीन ने तय किया है कि उसके गांवों में प्रतिदिन एक डॉलर यानी करीब 50 रुपए से कम कमाने वाले व्यक्ति को गरीब माना जाएगा। अभी तक उसकी गरीबी रेखा 55 सेंट थी जिसे अब 92% बढ़ा दिया गया है। विश्व बैंक ने गरीबी रेखा का अंतरराष्ट्रीय मानक 1.25 डॉलर रखा है और चीन अब इसके बेहद क़रीब है। लेकिन भारत अभीऔरऔर भी

देश का विदेशी मुद्रा भंडार देश पर चढ़े विदेशी ऋण से कम हो गया है। इन हालात में रिजर्व बैंक चाहकर भी रुपए को गिरने से बचाने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। शुक्रवार को वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीणा ने लोकसभा में बताया कि अद्यतन आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी ऋण जून 2011 के अंत तक 316.9 अरब डॉलर का था। वहीं, रिजर्व बैंक की तरफ से दी गई जानकारीऔरऔर भी

अमेरिका में बसने की तमन्ना रखने वाले भारत जैसे देशों के प्रोफेशनल लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अमेरिकी संसद के निचले सदन, प्रतिनिधि सभा ने प्रत्येक देश पर आधारित आव्रजन (इमिग्रेशन) वीज़ा की सीमा को खत्म करने के पक्ष में मतदान किया है। अभी के इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के तहत किसी एक देश के लिए दिए गए वीज़ा की संख्या एक साल में कुल जारी वीज़ा की संख्या के सात फीसदी से ज्यादा नहींऔरऔर भी

भारत में अटकलें चल ही रही हैं कि रिजर्व बैंक सिस्टम में तरलता बढ़ाने की खातिर बैंकों के लिए तय नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती कर सकता है कि चीन के केंद्रीय बैंक ने इससे पहले ही अचानक इस रिजर्व अनुपात (आरआरआर) में कमी कर सारी दुनिया को चौंका दिया। चीन ने दिसंबर 2008 के बाद पहली बार रिजर्व अनुपात में 0.50 फीसदी की कमी की है। बता दें कि चीन भी कम आर्थिक विकास दरऔरऔर भी

भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। लेकिन बीती तिमाही में चीन में सोने के जेवरात की मांग 2009 के शुरूआती दौर के बाद पहली बार भारत से ज्यादा हो गई है। यह बात सामने आई है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट से। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जुलाई से सितंबर की तिमाही में चीन में सोने के जेवरात की खरीद साल भर पहले की समान अवधि की तुलना में 13 फीसदीऔरऔर भी

ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने भारत को यूरेनियम के निर्यात पर लगी रोक हटाने की पेशकश की है। गिलार्ड का कहना है कि अब वक्त आ गया है जब पुरानी स्थिति बदल दी जानी चाहिए। सिडनी में अगले महीने होने जा रहे लेबर पार्टी के सालाना सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नीतियों में बदलाव के लिए सहमति हासिल कर लेंगी। मंगलवार को मेलबर्न पत्रकारों से बातचीत मेंऔरऔर भी

सरकार अंतरराष्ट्रीय एजेंसी मूडीज़ को पटाने में जुट गई है कि वह भारत की संप्रभु रेटिंग बढ़ा दे या न भी बढ़ाए तो उसे कम से कम घटाए नहीं। इस सिलसिले में राजधानी दिल्ली में वित्त मंत्रालय के कई बड़े अधिकारी सोमवार को मूडीज़ इनवेस्टर सर्विस की टीम से मिले। मुलाकात व प्रजेंटेशन का क्रम मंगलवार को भी जारी रहेगा। हालांकि मूडीज़ का कहना कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से मिलना एक रूटीन काऔरऔर भी