वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार देश में आदिवासियों की आबादी आठ करोड़ से अधिक है जिनमें से 7.73 करोड़ ग्रामीण इलाकों में और केवल 70 लाख शहरी इलाकों में रहते हैं। 12 राज्यों में आदिवासियों के 2474 गांव हैं और इनमें असम के वनों में बसे गांवों की संख्या सबसे ज्यादा है। असम में आदिवासियों के 499 गांव हैं जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे कम 12 गांव हैं। केंद्र सरकार ने अभी तक राष्ट्रीय आदिवासी नीतिऔरऔर भी

जापान में 8.9 तीव्रता के भूकंप और सुनामी के बाद दुनिया भर के समुद्रतटीय इलाकों में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। लेकिन इससे न तो भारत को कोई खतरा है और न ही इससे भारतीय शेयर पर नकारात्मक असर पड़ने वाला है। फिलहाल जापान के पूरे प्रशांत महासागर के तट के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। गुआम, ताइवान, फिलीपींस, इंडोनेशिया और अमेरिकी राज्य हवाई को सुनामी पर नजर रखने को कहा गया है। इंडोनेशिया,औरऔर भी

बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंता और पश्चिम एशिया में राजनीतिक उथलपुथल के बीच वैश्विक निवेशकों ने उभरते बाजारों से साल 2011 में अब तक 21 अरब डॉलर (94,485 करोड़ रुपए) निकाल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश फंड्स पर नजर रखने वाली कंपनी ईपीएफआर ग्लोबल के आंकड़ों के मुताबिक उभरते बाजारों से निवेशक इस साल अब तक 21 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। वर्ष 2008 की तीसरी तिमाही के बाद यह सबसे बड़ी निकासी है। रिपोर्ट के अनुसार,औरऔर भी

भारत के 55 अरबपति (डॉलर में) विश्व प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया के सबसे अमीरों की ताजा सूची में शामिल हो गए हैं। भारत में सबसे आखिरी पायदान पर एक अरब डॉलर की बराबर संपत्ति के साथ चार लोग हैं – रमेश चंद्रा (रीयल एस्टेट), अनु आगा (इंजीनियरिंग), आश्विन दानी (पेंट), हरिंदर पाल बग्गा (जिंस) और मोफतराज मुनोत (रीयल एस्टेट)। ये चारों दुनिया के अमीरतम लोगों में 1040वें नंबर पर हैं। इस बार सबसे अमीर भारतीयोंऔरऔर भी

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में कर्मचारियों की कुल संख्या में 2010 में छह फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली और 32 में से 19 बैंकों के कुल कर्मचारी घट गए। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2010 में भारत में कार्यरत विदेशी बैंकों के कुल कर्मचारियों की संख्या 6.22 फीसदी घटकर 27,742 रह गई जो इससे पहले वर्ष में 29,582 थी। हालांकि इसी दौरान प्रमुख विदेशी बैंकों में स्टैंडर्ड चार्टर्ड मेंऔरऔर भी

देश में प्रति व्यक्ति आय 2009-10 में 46,492 रुपए रही है। यह साल भर पहले 2008-09 की प्रति व्यक्ति आय 40,605 रुपए से 14.5 फीसदी अधिक है। यह जानकारी सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री एम एस गिल ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। लेकिन यह जानकारी पुरानी है क्योंकि उन्हीं का मंत्रालय चालू वित्त वर्ष 2010-11 का भी अनुमान महीने भर पहले 7 फरवरी को जारी कर चुका है। उस समय बताया गयाऔरऔर भी

देश में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाए जाने के साथ ही यह बात भी सामने आई कि भारत राजनीति में महिलाओं की भागीदारी के मामले में अपने पड़ोसी पाकिस्तान व नेपाल समेत बहुत से देशों से पीछे है। इस मामले में यह दुनिया में 98वें नंबर पर है। विश्व में लोकतंत्र शांति और सहयोग को बढ़ावा देने के काम में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह इंटर पार्लियामेंटरी यूनियन (आईपीयू) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार इस मामले मेंऔरऔर भी

देश में हर 1700 लोगों पर एक डॉक्टर है, जबकि दुनिया का औसत 1000 लोगों पर डेढ़ डॉक्टर का है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने लक्ष्य बनाया है कि 2031 तक हर 1000 भारतीय पर एक डॉक्टर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस समय जर्मनी में 296 पर एक, अमेरिका में 350 पर एक, ब्रिटेन में 469 पर एक, ब्राजील में 844 पर एक, चीन में 1063 पर एक और पाकिस्तान में 1923 लोगों पर एक डॉक्टरऔरऔर भी

अमेरिका की एक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत नकली मुद्रा के बढ़ते प्रवाह से जूझ रहा है जिसका प्रमुख स्रोत पाकिस्तान है और इस मुद्रा का इस्तेमाल आतंकवाद व आपराधिक नेटवर्क अपनी गतिविधियां चलाने के लिए करते हैं। इस स्थिति पर चिंता जताते हुए अमेरिकी विदेश विभाग की वर्ष 2011 की अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत बड़े पैमाने पर नकली मुद्रा के बढ़ते प्रवाह से जूझ रहा है जोऔरऔर भी

।।प्रणव मुखर्जी।। भारत आज उस मुकाम पर है जहां कुछ भी करना या पाना असंभव नहीं लगता। साथ ही बहुत सारी चुनौतियां भी हमारे सामने हैं जिन्हें सुलझाकर ही हमने इस दशक के अंत तक विकसित देश के रूप में उभर सकते हैं। इसमें सबसे बड़ी चुनौती है युवा भारत की बढ़ती अपेक्षाएं। यह आबादी का वो हिस्सा है जो बेचैन है। फिर भी डटा हुआ है और सामने आनेवाले हर अवसर को पकड़ने को तैयार है।औरऔर भी