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निफ्टी की दशा-दिशा: 27 अक्टूबर 2026 मंगलवार, सुबह 8.15 बजे शुरुआती रुख↓

शुक्र का बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद वास्तविक दायरा
22600.00 22753.20 22387.35 22753.20 22635-22825

 

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fear (Page 10)

soul conscious

देहभाव बनाम आत्मभाव

2017-05-20
By: अनिल रघुराज
On: May 20, 2017
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

all powerful

नीचेवालों का झांसा

2017-05-11
By: अनिल रघुराज
On: May 11, 2017
In: ऋद्धि-सिद्धि

 और भीऔर भी

vices

पांच विकारों की दसियों औलादें

2017-04-23
By: अनिल रघुराज
On: April 23, 2017
In: ऋद्धि-सिद्धि

 और भीऔर भी

brave to braver

अभय से निर्भय

2017-01-31
By: अनिल रघुराज
On: January 31, 2017
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

connected every moment

सच कहीं तो सोच कहीं

2016-12-23
By: अनिल रघुराज
On: December 23, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

lethargy

मोह से डर और पस्ती

2016-11-26
By: अनिल रघुराज
On: November 26, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

a pinch of humour

गंभीर बहस में हंसी-ठट्ठा

2016-10-04
By: अनिल रघुराज
On: October 4, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

learning and fear

कमाना है तो डरना कैसा!

2016-08-25
By: अनिल रघुराज
On: August 25, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

whatever wil be, will be

जो होगा, सो होगा

2016-08-09
By: अनिल रघुराज
On: August 9, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

fight

संघर्ष बेधड़क

2016-07-24
By: अनिल रघुराज
On: July 24, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

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निवेश – तथास्तु

  • अफरातफरी भागमभाग, रुको तो सही!
    25 Oct 2026

    जबरदस्त हताशा व निराशा का आलम है। वजह चाहे जो भी हो, कच्चे तेल का 114 प्रति डॉलर पर पहुंच जाना, भारतीय शेयर बाज़ार का मूल्यांकन या मार्जिन ट्रेड के सौदों को समेटने का दबाव। अब तो लार्जकैप से कहीं ज्यादा मार स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स पर पड़ रही है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को निफ्टी-50 सूचकांक 0.39% ही घटा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 2.94% और मिडकैप-100 सूचकांक 2.21% गिर गया। अभी तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक ही […]

October 2026
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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • विदेशी भागते समझके, रिटेल घबराके
    27 Oct 2026

    दो साल से भारतीय शेयर बाज़ार की वाट लगी हुई है। जिन दो सालों में दक्षिण कोरिया का कम्पोजिट सूचकांक 114.9%, ब्राज़ील का बोवेस्पा सूचकांक 57.9%, अमेरिका का एस एंड पी 500 सूचकांक 31.3%, लंदन का फुटसी सूचकांक 29.3% और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक 12.2% बढ़ा है, उन्हीं दो सालों में हमारा निफ्टी-50 सूचकांक 6.3% गिरा है। इस साल हैंगसेंग सूचकांक 12.3% गिरा है, जबकि बाकी चार सूचकांक 7.4% से 28.8% तक बढ़े हैं। मगर इस साल अब तक अपना निफ्टी-50 सूचकांक 12.98% गिर चुका है। कारण बड़ा साफ है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) अप्रैल 2024 से अब तक हमारे शेयर बाज़ार से शुद्ध रूप से ₹4.83 लाख करोड़ निकाल चुके हैं। हमारा बाज़ार बेहद खतरनाक हद तक गिर गया होता, अगर इसी दौरान घरेलू निवेशक संस्थाओं (डीआईआई) ने ₹15.96 लाख करोड़ की भारी भरकम खरीद न की होती। अब तो बाज़ार से विदेशी ही नहीं, रिटेल निवेशक भी घबराकर भाग रहे हैं। जून 2026 तक निफ्टी-50 स्टॉक्स में एफपीआई का निवेश घटकर 14.5 साल के न्यूनतम स्तर 21.1% पर आ चुका है। वहीं, एनएसई की लिस्टेड कंपनियों में रिटेल निवेशकों का निवेश जून 2024 के 7.66% (₹33.16 लाख करोड़) से घटते-घटते मार्च 2026 तक 7.12% (₹28.97 लाख करोड़) पर पहुंच गया। अब मंगलवार की दृष्टि…

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
  • इश्यू मूल्य और बुक बिल्डिंग
  • गुत्थी ऋण बाजार की
  • यह कासा बला क्या है?

आज़माइए

  • मोटामोटी दस बातें शेयरों की
  • गोल्ड ईटीएफ एक, दाम अनेक
  • न करें कम एनएवी का लालच
  • फायदे म्यूचुअल फंड निवेश के

क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

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