पल में तोला, पल में माशा। रिटेल सेक्टर के जो शेयर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले के बाद बल्ले-बल्ले उछल रहे थे, वे इस फैसले को ठंडे बस्ते में डालने की अपुष्ट खबरों के आते ही धड़ाम-धड़ाम गिर गए। आज पैंटालून रिटेल 12.86 फीसदी, कूटोंस रिटेल 6.49 फीसदी और ट्रेंट 3.28 फीसदी गिर गए। शॉपर्स स्टॉप भी एनएसई में दिन के दौरान 9.35 फीसदी गिरने के बाद संभला और आखिर में 4.72 फीसदी के साथ बंदऔरऔर भी

देश के गली-मोहल्लों तक बिखरी 55 लाख किराना दुकानों के व्यापारी सड़कों पर उतरे। उनमें डर समा गया है कि मल्टी-ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आने से उनका वजूद मिट सकता है। दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को बुलाए गए भारत बंद में पांच करोड़ लोगों ने शिरकत की है। दावों की सत्यता नापने का कोई जरिया नहीं है। लेकिन यह सच है किऔरऔर भी

बाजार कमजोरी के साथ खुला और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े आने तक कमजोर ही बना रहा। बाजार में आम धारणा थी कि इसकी विकास दर 6.9 फीसदी रहेगी और सचमुच यह 6.9 फीसदी ही रही। लेकिन बाजार का चाल-चलन इस कदर बदल चुका है कि ट्रेडरों को बहुत सारी सूचनाएं ‘गजब की तेजी’ से मिल जाती हैं और वे उसके हिसाब से बहकने लगते हैं। पहले जीडीपी के 6.2 फीसदी बढ़ने की अफवाह खबर केऔरऔर भी

यूपीए सरकार मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर उसी तरह व्यग्र हो गई है जैसे तीन साल पहले वह जुलाई 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु संधि को लेकर हुई थी। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया है कि सरकार इस फैसले से पीछे नहीं हटेगी, वहीं उनके करीबी और वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने तो यहां तक कह दिया कि अगर विदेशी सुपरमार्केट्स को भारत में आनेऔरऔर भी

रिटेल में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में सोमवार को भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई थी। इस बीच पता चला है कि संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार सर्वदलीय बैठक बुला सकती है। इस सिलसिलेऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कुल मिलाकर 2126 करोड़ रुपए मूल्य के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 18 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। जिन कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है उनमें डिश टीवी व एमसीएक्स शामिल है, जबकि यूनिटेक वायरलेस के आवेदन को कैबिनेट के पास विचार के लिए भेज दिया गया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की सिफारिशों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इसकेऔरऔर भी

फैसला भारत सरकार। देश में सड़क से लेकर संसद तक विरोध। लेकिन अमेरिका में स्वागत। वॉशिंगटन से जारी बयान में आधिकारिक तौर पर दलाली का काम करनेवाली अमेरिका-भारत बिजनेस परिषद ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी किए जाने का स्वागत किया है। उसने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुरुवार रात को लिए गए इस फैसले को ‘साहसिक’ बताया है और कहाऔरऔर भी

सेटलमेट का पहला दिन और इससे ज्यादा सन्निपात से भरा कोई और दिन हो ही नहीं सकता था। वोलैटिलिटी को दिखानेवाला इंडिया वीआईएक्स 4.18 फीसदी बढ़कर 29.12 पर जा पहुंचा। निफ्टी ऊपर में 4767.30 तक तो नीचे में 4693.10 तक। सांसें इतनी ऊपर-नीचे! हालांकि बाजार में थोड़ी-बहुत खरीद चालू हो चुकी है। फिर भी बाजार के उस्तादों ने बीते सेटलमेंट में जो गोटें सेट की हैं, उनके हिसाब से दिसंबर तक की लंबी अवधि के पचड़े मेंऔरऔर भी

जो लोग लाखों-करोड़ों का धंधा करने बैठे हैं, वे खबरें पाने के लिए नहीं, खबरें चलाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए कोई सोचे कि वो बिजनेस चैनल या अखबार से मिली खबरों के दम पर बाजार को मात दे देगा तो वह इस दुनिया में नहीं, मुंगेरीलाल के हसीन सपनों की दुनिया में जी रहा है। हां, हम मीडिया से विश्लेषण का तौर-तरीका जरूर सीख सकते हैं। उन्हें देख-पढ़कर अपनी वित्तीय साक्षरता का स्तरऔरऔर भी

दूसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों का अंतिम दिन। करीब 515 कंपनियों के नतीजे सोमवार को आने हैं। इनमें एबीजी शिपयार्ड, अडानी एंटरप्राइसेज, अमर रेमेडीज, अरेवा टी एंड डी, अवेंतिस फार्मा, बलरामपुर चीनी, बीएचईएल, भूषण स्टील, सिप्ला, कॉक्स एंड किंग्स, डेक्कन क्रोनिकल, धामपुर शुगर, जयप्रकाश एसोसिएट्स, जेके टायर, जेएसडब्ल्यू स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मोनसैंटो इंडिया, नाहर स्पिनिंग, ऑयल इंडिया, पटेल इंजीनियरिंग, राजेश एक्सपोर्ट्स, रुचि सोया, सबेरो ऑर्गेनिक्स, संघवी मूवर्स, टाटा पावर, टाटा मोटर्स, यूनिटेक, विविमेड लैब्स व जुआईऔरऔर भी