वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दुनिया में एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका जताई है। उन्होंने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में तीसरे भारत-अफ्रीका हाइड्रोकार्बन सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज विश्‍व की अर्थव्यवस्‍था अनिश्चितता का सामना कर रही है। हालांकि इसमें कुछ सुधार के संकेत मिले हैं। लेकिन इसके बावजूद एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका दिख रही है। पश्चिम एशियाई देशों के संकट ने भी अनि‍श्‍चि‍तता में योगदान कि‍‍या है, खासतौर से अंतरराष्‍ट्रीय बाजार मेंऔरऔर भी

एक तो डॉलर के सापेक्ष रुपए के गिर जाने से निर्यातक पहले से ही गदगद थे। ऊपर से सरकार ने उन्हें ठीक दिवाली से पहले 1700 करोड़ रुपए का तोहफा दे दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 900 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया है। इसके एक दिन पहले ही रिजर्व बैंक ने चुनिंदा निर्यातकों में कर्ज पर ब्याज दर में दो फीसदी रियायत देने की घोषणा की है। इन दोनों को मिलाकर निर्यात क्षेत्र को मिलाऔरऔर भी

शेयर बाजार में चल रही मायूसी ने पूंजी बाजार के दूसरे हिस्से प्राइमरी बाजार में भी सन्नाटा फैला दिया है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में पूंजी बाजार में उतरनेवाली 22 कंपनियों ने आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाने का इरादा ही छोड़ दिया है। इसके साथ ही बड़े निवेशकों को सीधे खींचनेवाले क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) बाजार में भी एकदम मुर्दनी छा गई है। ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के ताजा अध्ययन के मुताबिक जिन 22 कंपनियों नेऔरऔर भी