सरकार ने सोने व चांदी की मात्रा के बजाय मूल्य पर आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है। अभी तक 10 ग्राम सोने पर 300 रुपए और एक किलो चांदी पर 1500 रुपए का आयात शुल्क लगा करता था। लेकिन ताजा अधिसूचना के मुताबिक अब सोने के मूल्य का दो फीसदी और चांदी के मूल्य का 6 फीसदी आयात शुल्क लिया जाएगा। हीरे पर भी अब दो फीसदी आयात शुल्क लगेगा। सरकार को नए प्रावधान से इसऔरऔर भी

अभी कुछ दिन पहले तक जो सरकार बढ़ती महंगाई के बीच राजनीतिक बवाल के डर से डीजल के मूल्यों को छेड़ने से डर रही थी, उसे विपक्ष ने ऐसा मौका दे दिया है कि वह बड़े उत्साह से इस पर मूल्य नियंत्रण उठाने की तैयारी में जुट गई है। इसका सबसे पहला वार उन लोगों पर होगा जो डीजल से चलनेवाली कारें इस्तेमाल करते हैं। लोकसभा में महंगाई पर चल रही बहस का जवाब देते हुए वित्तऔरऔर भी

डाक विभाग विदेश भेजे जाने वाले या विदेश से आने वाले पार्सलों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। डाक विभाग में सचिव राधिका दुरईस्वामी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने मेल ट्रैकिंग सिस्टम्स लागू किया था जिसके तहत विभाग अपनी वेबसाइट पर उन पार्सलों की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा जिन्हें सीमा शुल्क विभाग ने रोक रखा है। उन्होंने बताया कि विभाग अंतरराष्ट्रीय सहयोगी फर्मों से मिलने या अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को भेजे जाने वाले पार्सलऔरऔर भी

निर्यात शुल्क बढने से भारत से लौह अयस्क का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2011-12 में करीब 25 फीसदी घटकर नौ करोड़ टन रहने का अनुमान है। यह अनुमान खनन उद्योग ने लगाया है। सरकार ने अब लौह अयस्क पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा इस साल निर्यातकों को कई और बाधाओं का सामना करना पड़ा है। लौह अयस्क का निर्यात कर्नाटक द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण आठ माह सेऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल से अक्टूबर तक के सात महीनों में सरकार का अप्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले साल की समान अवधि से 42.4 फीसदी ज्यादा रहा है। वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक कस्टम, सेंट्रल एक्साइज व सर्विस टैक्स जैसी मदों से सरकार को अप्रैल-अक्टूबर 2010 के दौरान कुल 1,80,261 करोड़ रुपए का कर-राजस्व मिला है। यह रकम इस साल में अप्रत्यक्ष कर संग्रह के बजट अनुमान का 57.5 फीसदी है। पूरे साल मेंऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 44 फीसदी बढ़कर 1,50,686 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। अप्रत्यक्ष कर संग्रह में सीमा शुल्क (कस्टम), केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज) और सेवा कर (सर्विस टैक्स) शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘अप्रैल-सितंबर 2010 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़कर 1,50,686 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में हुए कर संग्रह के मुकाबले 44.4 फीसदीऔरऔर भी