साल 2010 पब्लिक इश्यू से जुटाई गई राशि के मामले में भारतीय कॉरपोरेट जगत में नया इतिहास बनाकर विदा हो रहा है। लेकिन नया साल 2011 इसको भी मात देने को तैयार दिख रहा है। कैलेंडर वर्ष 2010 में भारतीय कॉरपोरेट जगत ने पब्लिक इश्यू के जरिए 59,523 करोड़ रुपए जुटाए हैं। लेकिन कैलेंडर वर्ष 2011 में अगर सेबी के पास दाखिल निजी कंपनियों के प्रॉस्पेक्टस और सरकारी कंपनियों के विनिवेश को आधार बनाएं तो पब्लिक इश्यूऔरऔर भी

बाजार अब भी विश्वास के संकट से गुजर रहा है। इसलिए भावों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। लोग निफ्टी के ऑप्शन सौदों में 5600 व 5400 पर सक्रिय हैं जो साफ दिखाता है कि हर बढ़त का इस्तेमाल बिकवाली के लिए किया जा रहा है। दूसरे तमाम भूत धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं तो अब नई अफवाह फैलाई जा रही है कि डीएमके केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। यह एकदम बकवास है क्योंकि इस समयऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी के शासन वाली एनडीए सरकार को भी घसीट लिया है और 2001 से ही जांच कराने की बात की है। इसके बाद लगता है कि राजनीतिक गतिरोध आखिरकार अब खत्म हो जाएगा। घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की विपक्ष की मांग ठंडी पड़ जाएगी। थोड़ी आस बनने लगी है कि संसद में कामकाज शुरू हो जाएगा और इस मसले पर बहस हो सकेगी। लेकिन बाजारऔरऔर भी

बाजार (निफ्टी) जब 6300 अंक पर पहुंच गया हो, तब स्टॉक्स को चुनकर खरीदने के लिए ज्यादा हौसले और भरोसे की दरकार होती है। टेक्निकल एनालिस्टों के चार्ट आपको आसानी से दिखा सकते हैं कि इधर या उधर, नीचे या ऊपर स्टॉप लॉस लगाकर कैसे नोट बनाए जा सकते हैं। ऐसे में फैसला आपको ही करना है कि आप चार्टों के आधार पर ट्रेड करना चाहते हैं कि कंपनी के मूलभूत आर्थिक पहलुओं यानी फंडामेंटल्स के आधारऔरऔर भी

कोल इंडिया भारतीय पूंजी बाजार के लिए बहुत कुछ नया लेकर आई है। वह लिस्टिंग के बाद देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। पहले दिन उसके शेयरों में आईपीओ के कुल आकार की 1.44 गुना ट्रेडिंग हुई। एनएसई और बीएसई के कैश सेमगेंट में इसके कुल 22,024.02 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। इसमें से एनएसई में हुआ कारोबार 15,699.92 करोड़ रुपए और बीएसई में 6324.10 करोड़ रुपए काऔरऔर भी

मैंने कहा था कि बाजार में रौनक बनी रहेगी और अमेरिका को भी अर्थव्यवस्था को आवेग देने का पैकेज जारी रखना प़ड़ेगा। ऐसा ही हुआ और बाजार (बीएसई सेंसेक्स) नई ऊंचाई के पार जाकर खुला। आखिर में सेंसेक्स 427.83 अंकों की बढ़त के साथ 20,893.57 पर बंद हुआ है। यानी 21,000 के ऐतिहासिक स्तर से महज 106.43 अंक के फासले पर। और, मुझे पूरा यकीन है कि कल मुहूर्त ट्रेडिंग में यह स्तर हासिल कर लिया जाएगा।औरऔर भी

कोल इंडिया का आईपीओ 15.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। उसने भारतीय पूंजी बाजार का नया इतिहास रच दिया है। नया रिकॉर्ड बना दिया है। इश्यू से जुटाए जाने थे करीब 15,500 करोड़ रुपए, लेकिन निवेशकों ने लगा दिए हैं 2.37 लाख करोड़ रुपए। सभी ने इसमें बढ-चढ़कर निवेश किया। क्यूआईबी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल खरीदार) का हिस्सा 24.7 गुना तो एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) का हिस्सा 25.4 गुना सब्सक्राइब हुआ। यहां तक कि रिटेल निवेशकों के लिए रखा गयाऔरऔर भी

रिटेल निवेशक कब तक टेक्निकल एनालिस्टों के चार्टों की धुन पर, सपेरों की बीन पर सांप की तरह नाचते रहेंगे? यह एक बड़ा सवाल है और इसका जवाब रिटेल निवेशक ही दे सकते हैं। अभी तक वे ब्रांड-भक्त बने हुए हैं और अपने ही ब्रोकरों का कहा सुनते हैं। लेकिन इन ब्रोकरों का सरोकार तो अपने धंधे-पानी से ज्यादा और रिटेल निवेशकों की जेब से कम होता है। जैसी कि उम्मीद थी, चार्टवाले राग अलापने लगे किऔरऔर भी

ट्रेडरों के लिए आज का दिन बड़ा दुखदायी रहा। उनमें से ज्यादातर निराशा की गर्त में चले गए। उनकी निराशा की वजह वो खीझ है जो उन्हें विशेषज्ञों की इस राय पर भरोसा करने से हुई है कि निफ्टी अब बेरोकटोक 5800 तक गिरने जा रहा है, जबकि बाजार में ऐसा नहीं हुआ। शुरू में गिरावट आई जरूर। लेकिन बाद में बाजार संभल गया। मैंने तो यहां तक सुना कि टेक्निकल एनालिसिस के एक धुरंधर ने खुदऔरऔर भी

अडानी समूह ने ऑस्ट्रेलिया में हासिल कोयला खदानों को मिलकर विकसित करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया के साथ बातचीत शुरू की है। अडानी समूह ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में 12,600 करोड रुपए की कोयला खदानों का अधिग्रहण किया है। समाचार एजेंसी पेस ट्रस्ट ने सूत्रों के हवाले खबर दी है कि अडानी समूह की एक कंपनी और कोल इंडिया लिमिटेड के बीच बातचीत चल रही है। अडानी समूह कोयला खदानों को विकसितऔरऔर भी