मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी का मानना है कि देश में निर्वाचित सांसदों को वापस बुलाने के अधिकार पर अमल संभव नहीं है। बता दें कि हाल ही में गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने मांग की थी कि चुने हुए जन प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार जनता को मिलना चाहिए। इससे पहले 1974 में जयप्रकाश आंदोलन के दौरान भी जन प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के अधिकार की मांग उठ चुकी है। मध्य प्रदेश में करीबऔरऔर भी

केंद्रीय उच्चाधिकार-प्राप्त समिति (सीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी ताजा रिपोर्ट में कर्नाटक हो रहे अवैध खनन की भयावह सच्चाई बताते हुए कहा कि इससे सरकारी खजाने को 2003 के बाद से 15,245 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का तैयार नहीं है। गौरतलब है कि सीईसी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने ही किया है। उसने कल,औरऔर भी

चुनाव भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है – यह कहना है खुद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी का। हालांकि यह सच देश का हर नागरिक जानता है। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के मुंह से इस बात के निकलने का अलग महत्व है। वैसे यह उनकी विवशता को भी दिखाता है कि सब कुछ जानते हुए की वे कुछ नहीं कर सकते। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्लीऔरऔर भी