ईक्लर्क्स सर्विसेज (बीएसई कोड – 532927, एनएसई कोड – ECLERX) की बुक वैल्यू अभी 82.83 रुपए है। वित्त वर्ष 2009-10 में ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 38.23 रुपए रहा है। उसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 31.10 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 600.05 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह वह 19.29 (600.25/31.10) के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। जाहिर है, यह शेयर कहीं से भी सस्ता नजर नहीं आ रहा। लेकिन एचडीएफसीऔरऔर भी

हमने इसी कॉलम में 6 अगस्त की सुबह बाजार खुलने से पहले जब बिलकेयर लिमिटेड (बीएसई कोड – 526853) के बारे में लिखा था, तब पिछली शाम 5 अगस्त, गुरुवार को उसका बंद भाव 474.30 रुपए था। तब तक उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 600 रुपए था और एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट के हवाले हमने बताया था कि यह शेयर एक साल के भीतर 615 रुपए तक जा सकता है। लेकिन इसमें तो कमाल होऔरऔर भी

एमको इंडिया केवल बीएसई (कोड – 530133) में लिस्टेड है। दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर कल 2.99 फीसदी गिरकर 43.85 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले 52 हफ्तों में इसका उच्चतम स्तर 47.75 रुपए (5 मई 2010) और न्यूनतम स्तर 21.10 रुपए (4 नवंबर 2009) रहा है। उसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 4.87 रुपए है और उसका शेयर 8.98 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। लेकिन इसकी बुकऔरऔर भी

प्रेसिजन वायर्स (बीएसई कोड – 523539, एनएसई कोड – PRECWIRE) देश में कॉपर वाइंडिंग वायर बनाने की सबसे बड़ी कंपनी है। पंखे से लेकर तमाम बिजली के उपकरणों के भीतर चुंबक पर तांबे के जो लिपटे तार आप ने देखे होंगे, वही कॉपर वाइंडिंग वायर हैं। कंपनी दो दशक पुरानी है, जबकि उसके प्रवर्तक तीन दशक से इस धंधे में हैं। उनके ग्राहकों में बड़े व मध्यम स्तर की इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रकिल कंपनियां शामिल हैं। वह अपनीऔरऔर भी

डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स का शेयर पिछले एक महीने के दौरान ऊपर में 84 और नीचे में 71.10 रुपए तक गया है। थोड़ा और पीछे जाएं तो करीब पौने दो महीने पहले 23 अगस्त को उसने 91.10 रुपए पर पिछले 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर हासिल किया है। उसका सबसे कम भाव 60 रुपए का रहा है जो उसने इसी साल 31 मार्च को हासिल किया था। लेकिन जानते हैं इस शेयर की बुक वैल्यू कितनी है? 174.70औरऔर भी

सरकार कोल इंडिया में अपनी दस फीसदी हिस्सेदारी बेचकर पूंजी बाजार से लगभग 15,500 करोड़ रुपए जुटाएगी। उसका आईपीओ 18 अक्टूबर को खुलेगा और 21 अक्टूबर तक खुला रहेगा। आईपीओ में मूल्य का दायरा 225 रुपए से 245 रुपए तय किया गया है। केंद्र सरकार इस आईपीओ के जरिए कोल इंडिया के कुल 63.16 करोड़ शेयर बेचेगी। इस तरह मूल्य दायरे के हिसाब से उसे 14,211 करोड़ रुपए से लेकर 15,474 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। यहऔरऔर भी

कभी हिंदुस्तान यूनिलीवर की किरकिरी बन चुके कर्सनभाई पटेल ने अपनी कंपनी निरमा लिमिटेड (बीएसई कोड – 500308, एनएसई कोड – NIRMA) को शेयर बाजार से डीलिस्ट कराने का फैसला कर लिया है। कंपनी की तरफ से आधिकारिक सूचना मिलते ही यह शेयर कल 52 हफ्ते के शिखर 264.85 रुपए पर जा पहुंचा। हालांकि बंद हुआ 7.15 फीसदी की बढ़त के साथ 240.50 रुपए पर। तेजी के पीछे भागनेवाले निवेशक हो सकता है इसे लपकने की कोशिशऔरऔर भी

मार्क मोबियस का कहना है कि हमें बाजार में करेक्शन के लिए तैयार रहना चाहिए। राकेश झुनझुनवाला भी इसी तरह की बात कह चुके हैं। इसलिए आपके लिए बड़ा सवाल यह है कि बाजार किस दिशा में जा रहा है। आपको जगह-जगह से सूचनाएं जुटाकर तय करना होगा कि आप खरीद की तरफ हैं या बिकवाली की तरफ या आपको झूलेलाल बना रहना है। एकदम सही कहा गया है कि बाजार सब कुछ जानता है और उसेऔरऔर भी

ऑनमोबाइल ग्लोबल लिमिटेड (ओजीएल) का शेयर 30 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच 16.28 फीसदी ऊपर चढ़ने के बाद 8.5 फीसदी नीचे उतर चुका है। 30 सितंबर को बीएसई में इसका बंद भाव 344 रुपए था। 6 अक्टूबर को ऊपर में 400 रुपए तक चला गया। शुक्रवार, 8 अक्टूबर को 366 रुपए तक गिरने के बाद 371.50 रुपए पर बंद हुआ है। इसी साल 4 जनवरी को इसने 52 हफ्ते का शिखर 543.30 रुपए और 7 जूनऔरऔर भी

ग्रेन्यूल्स इंडिया के बारे में तकनीकी विश्लेषक बताते हैं कि उसमें लंबी व मध्यम अवधि (तीन महीने से लेकर साल भर) का ‘बुलिश’ रुख है और यह बढ़कर 121 रुपए तक जा सकता है। कल यह 1.97 फीसदी बढ़कर 103.30 रुपए पर बंद हुआ है। ग्रेन्यूल्स इंडिया हैदराबाद स्थित दवा कंपनी है। पहले कंपनियों को दवाओं के अवयव (एपीआई) और फॉर्मूलेशन के मध्यवर्ती उत्पाद (पीएफआई) ही बनाकर सप्लाई करती थी। अब पूरी तरह तैयार दवाएं भी बनानेऔरऔर भी