हमारा शेयर बाजार या तो किसी योगी और पहुंचे हुए संत-फकीर की तरह बर्ताव करता है जो दीन-दुनिया से एकदम निर्लिप्त है या उस मूढ़ की तरह जिस पर कोई जगतगति नहीं ब्यापती। नहीं तो क्या वजह है कि बुधवार की शाम मुंबई में आतंकवादियों के सीरियल बम धमाकों के बाद गुरुवार को शेयर बाजार ने ऐसा दिखाया जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। बीएसई सेंसेक्स बुधवार के बंद स्तर 18,596.02 से जरा-सा नीचे 18,563.69 पर खुला।औरऔर भी

शुक्रवार की सुबह-सुबह देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई में कमाल हो गया। टीसीएस का शेयर गुरुवार के बंद भाव 1125.25 रुपए से एकबारगी 20 फीसदी बढ़कर 52 हफ्ते के शिखर 1350.20 रुपए पर जा पहुंचा। फिर अचानक 20 फीसदी का गोता लगाकर 900.25 रुपए पर चला गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) एकबारगी 20 फीसदी गिरकर 693.55 रुपए पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते का उसका न्यूनतम स्तर है। फिर पलक झपकते ही 20 फीसदीऔरऔर भी

यूनिटी इंफ्राप्रोजेक्ट्स का शेयर एक साल एक दिन पहले 16 जुलाई 2010 को 123 रुपए की चोटी पर बैठा हुआ था। एक दिन पहले कल 62.90 रुपए पर था। वो भी 22 मार्च 2011 को 52.60 रुपए तक की खाईं में गिर जाने के बाद। बीएसई सेंसेक्स इसी दौरान 17955.82 से 3.69 फीसदी बढ़कर 18,618.20 पर पहुंच गया, जबकि यह 48.86 फीसदी गिर चुका है। इसीलिए सेंसेक्स को देखकर पूरे बाजार का हाल नहीं जाना जा सकता।औरऔर भी

देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंरनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए हैं। चालू वित्त वर्ष में जून 2011 की पहली तिमाही में उसने समेकित या कंसोलिडेटेड आधार पर 2414.76 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हासिल किया है। यह साल भर पहले जून 2010 की तिमाही के शुद्ध लाभ 1906.07 करोड़ रुपए से 26.69 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान कंपनी की आय 8217.28 करोड़ रुपए से 31.39 फीसदी बढ़कर 10797.02 करोड़ रुपएऔरऔर भी

21 की मौत, 150 से ज्यादा घायल। आज इनसे जुड़े हजार-दो हजार लोगों की ज़िंदगी यकीनन ठहर गई होगी। लेकिन मुंबई के बाकी करीब 205 लाख लोंगों की ज़िंदगी की जंग चलती रहेगी। आतंकवाद की यही सीमा है। यह हमारे जीवन में इतना खलल भी इसीलिए डाल पाता है क्योंकि इसके पीछे खास किस्म की राजनीति काम करती है। इसे सिर्फ खुफिया व सुरक्षा तंत्र की कमजोरी मानना गलत होगा। खैर, इस तरह के पत्थर फेंकने सेऔरऔर भी

इनफोसिस को भाईलोग धुने पड़े हैं। मौका मिला नहीं कि पीट डाला। पिछले महीने 20 जून 2011 को 2660.55 रुपए पर इसने 52 हफ्ते की तलहटी पकड़ी थी। कल नतीजों की घोषणा के बाद इसका पांच रुपए अंकित मूल्य का शेयर बीएसई (कोड – 500209) में 4.27% गिरकर 2794.25 रुपए पर और एनएसई (कोड – INFY) में 4.44% गिरकर 2791.55 रुपए पर बंद हुआ है। लगता है अभी और गिरेगा। [आगे बढ़ूं, इससे पहले एक छोटी-सी बात।औरऔर भी

गोकलदास एक्सपोर्ट्स का शेयर लंबे अरसे से 90-95 कर रहा है। बीच-बीच में कुछ हल्ला मचाकर इसे उठाया जाता है। फिर यह ठंडा पड़ जाता है। चार महीने पहले 10 मार्च को अचानक हल्ला उठा कि ब्लैकस्टोन ग्रुप कंपनी का प्रबंधन अपने हाथ में लेने जा रहा है। शेयर खटाक से उसी दिन 20 फीसदी ऊपरी सर्किट तक बढ़कर 94.95 रुपए से 113.90 रुपए पर पहुंच गया। अगले दिन 11 मार्च को 129.40 रुपए पर जाने केऔरऔर भी

भगवान ने इंसान को बनाया या इंसान ने भगवान को – यह बात मैं दावे के साथ नहीं कह सकता। लेकिन इतना दावे के साथ जरूर कह सकता हूं कि दस के चक्र/क्रम में चलनेवाली गिनतियों को इंसान ने ही बनाया है। इंसान की दस उंगलियां है तो यह चक्र दस का है। उन्नीस होतीं तो यह चक्र उन्नीस का होता। ज्योतिष और अंकों में दिलचस्पी रखनेवाले इस पर सोचें। हम तो फिलहाल यह देखते हैं किऔरऔर भी

विदेशी निवेशक फर्म मॉरगन स्टैनले ने जहां एक तरफ देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को डाउनग्रेड कर दिया है, वहीं सड़क व बांध वगैरह बनाने में लगी और उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार की करीबी मानी जानेवाली कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स का स्तर बढ़ा दिया है। यहीं नहीं, मुंबई की रीयल एस्टेट कंपनी ओबेरॉय रीयल्टी के बारे में भी उसकी राय काफी अच्छी है। मॉरगन स्टैनले ने अपनी ताजा रिपोर्ट में आरआईएल को ओवर-वेट सेऔरऔर भी

सिंडीकेट बैंक का शेयर साल भर पहले आज ही के दिन 7 जुलाई 2010 को 91.65 रुपए की तलहटी पर था। इसके बाद 16 नवंबर 2010 को 164.20 रुपए के शिखर पर पहुंच गया। पिछले एक महीने में 118.60 रुपए से घटकर 115.40 रुपए पर आ गया है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज का कहना है कि अगले दस महीनों में यह 137 रुपए तक जा सकता है। यानी, इसमें 19 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिल सकताऔरऔर भी