अपने अलग विचारों के लिए अक्सर विवादों में घिरे रहनेवाले पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने एक नया विवादास्पद बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर आर्थिक तरक्की के कारण पर्यावरण को पहुंचे नुकसान को गिना जाए तो देश की आर्थिक वृद्धि दर आठ या नौ फीसदी नहीं, बल्कि साढ़े पांच से छह फीसदी के बीच आंकी जाएगी। रमेश की इस टिप्पणी से पहले वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बीते सोमवार कहा था कि वित्त वर्ष 2009-10औरऔर भी

कृषि उत्पादन बढ़ने से उत्साहित सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे पिछले साल देश की आर्थिक वृद्धि दर आठ फीसदी थी। केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) की तरफ से सोमवार को जारी अग्रिम आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2010-11 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 5.4 फीसदी रहने की संभावना है, जबकि इससे पिछले साल यह मात्र 0.4 फीसदी रही थी। सीएसओ ने इसके आधार पर देशऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि सरकार ने स्विस बैंक में जमा काले धन से जुड़े 18 में से 17 व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है, लेकिन उनके नाम सार्वजनिक करना संभव नहीं है। इनमें से एक व्यक्ति का निधन हो चुका है। उन्होंने शनिवार को कोलकाता में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘हमें काले धन से जुड़े कुछ व्यक्तियों का पता चला है और उन सभी 17 लोगों को नोटिस भेज दिया गयाऔरऔर भी

महंगाई खासकर खाद्य मुद्रास्फीति ने सरकार को परेशान करके रख दिया है। इतना परेशान कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी झल्लाकर बोले कि मुद्रास्फीति को वश में करने के उपाय किए गए हैं, लेकिन सरकार के पास कोई जादुई चिराग नहीं है कि वह इसे फौरन नीचे ले आए। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसकी जिम्मेदारी केंद्र से हटाकर राज्यों पर डालने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि महंगाई को काबू में रखने के लिए राज्योंऔरऔर भी

प्याज के साथ-साथ अब फाइबर, खनिज, पेट्रोल, एलपीजी और डीजल भी महंगाई में पलीता लगाने लग गए हैं। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 जनवरी 2011 को समाप्त सप्ताह में प्याज की थोक कीमतें साल भर पहले की तुलना में जहां 130.41 फीसदी बढ़ी हैं, वहीं फाइबर 47.13 फीसदी, खनिज 16.70 फीसदी, पेट्रोल 30.75 फीसदी, एलपीजी 14.99 फीसदी और डीजल के दाम 14.71 फीसदी बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर 22 जनवरी को खत्म हफ्ते में खाद्यऔरऔर भी

सरकार पश्चिम एशिया, विशेषकर मिस्र की घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई तेजी पर नजर रखे हुए है और उसे विश्वास है कि वह तेल बाजार में उछाल से उत्पन्न स्थिति संभाल लेगी। यह आश्वासन दिया है वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने। बुधवार को वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम स्थिति को संभाल लेंगे। पहले भी जब कच्चे तेल के दाम काफी बढ़करऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा नीतिगत कदमों का स्वागत करते हुए कहा है कि ये कदम सरकार की नीतियों के अनुकूल हैं और इससे महंगाई के दबाव से लड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही बैंकों से बाजार में काम धंधे के लिए कर्ज भी सुलभ बना रहेगा। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें 0.25 प्रतिशत बढा दी हैं। पर बैंकों पर लागू नकद आरक्षित अनुपातऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है और 8 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 15.52 फीसदी पर आ गई है। हालांकि सब्जियों विशेषकर प्याज के दाम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दाल, गेहूं व आलू के दाम में कमी की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 1 जनवरी को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 16.91 फीसदी थी,औरऔर भी

राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत देश भर में व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हम इसके जरिए साल 2022 तक 50 करोड़ कुशल कामगार तैयार कर लेंगे। इससे जहां उद्योगों की आवश्‍यकता पूरी होगी, वहीं युवाओं में रोजगार पाने की काबिलियत बढ़ेगी। वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को विभिन्‍न ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में यह बात कही। यह बजट-पूर्व विचार-विमर्श के लिए हुई तीसरी बैठक थी। प्रथमऔरऔर भी

औद्योगिक विकास की दर अक्टूबर के 11.3 फीसदी से अचानक झटका खाकर नवंबर में 2.7 फीसदी पर आ गई है। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा बुधवार को जारी आकंड़ों के अनुसार नवंबर 2010 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) साल भर पहले की तुलना में 2.7 फीसदी बढ़ा है, जबकि इससे पिछले महीने अक्टूबर 2010 में यह वृद्धि दर 11.3 फीसदी दर्ज की गई थी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इन आंकड़ों के जारी होने के बाद कहाऔरऔर भी