तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड का शेयर (बीएसई – 531426, एनएसई – TNPL) साल भर पहले 8 फरवरी 2010 को 83.30 रुपए पर था। अब 4 फरवरी 2011 को 131.70 रुपए पर बंद हुआ है। इस दरमियान यह ऊपर में 163.30 रुपए (28 अक्टूबर 2010) और नीचे में 77.05 रुपए (24 फरवरी 2010) पर जा चुका है। इस तरह इसमें निवेश पर साल भर में 58.1 फीसदी से लेकर 96.03 फीसदी कमाया जा सकता था। इसमें भीऔरऔर भी

किस-किसकी बात करूं! हर कोई तो यही करता है। खरीदो, बेचो, होल्ड करो, निकल जाओ स्टॉप लॉस लगाकर, जैसे चाय पी लो मलाई मारकर। जो पारंगत है उनके लिए इस तरह की टिप्स सही हो सकती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे-आप जैसे सामान्य नौसिखिया निवेशकों के लिए शेयरों में निवेश बेटी की शादी की तरह है। दस जगह से लोग बताते हैं कि ये रिश्ता अच्छा है, वो रिश्ता अच्छा है। लेकिन हम खुद खोज-परखऔरऔर भी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस (एचएफसीएल) को बीएसई-500 और बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक से निकाल बाहर किया है। लेकिन खुद को ज्यादा तेजतर्रार व प्रोफेशनल बतानेवाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इस कंपनी को अब भी एस एंड पी सीएनएक्स-500 जैसे सम्मानित सूचकांक में शामिल कर रखा है, जबकि करीब दो हफ्ते पहले उसे उसकी इस ‘लापरवाही’ की सूचना मीडिया की तरफ से दी जा चुकी है। हालांकि एनएसई ने तब इस बाबत पूछे गए सवालऔरऔर भी

जब हर तरफ कोहराम मचा हो, सेंसेक्स 18,000 के अंक के नीचे तक डुबकी लगा रहा हो, तब भी कोई स्टॉक चमक जाए तो समझिए कि उसमें दमखम जरूर होगा। नाल्को (नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड) का शेयर कल बीएसई (कोड – 532234) में 2.09 फीसदी और एनएसई में (कोड – NATIONALUM) में 2.28 फीसदी बढ़ा है। नाल्को बीएसई-100 सूचकांक में शामिल है। वैसे, कल सेंसेक्स के 30 शेयरों में से जो तीन शेयर बढ़े हैं, उनमें सेऔरऔर भी

कितनी अजीब बात है कि हम आम डिस्काउंट सेल में तो सपरिवार दौड़े चले जाते हैं। लेकिन जब शेयर बाजार में डिस्काउंट पर माल मिल रहा हो तो उसकी तरफ झांकते ही नहीं। उलटे डरे रहते हैं कि गिरा हुआ स्टॉक है, जरूर कोई गड़बड़ होगी। हां, वही शेयर जब बढ़ जाता है तो जरूर पछताते हैं कि यह लड्डू हमसे छूट क्यों गया। ऐसा ही एक लड्डू है एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड। रेटिंग एजेंसी केयर कीऔरऔर भी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने आज 1 फरवरी से स्टॉक फ्यूचर्स व ऑप्शंस में डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग शुरू करने का फैसला किया है। इसका सीधा-सा मतलब है कि एक्सचेंज ने स्टॉक्स डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था लागू कर दी है। बता दें कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने 15 जुलाई 2010 को ही एक सर्कुलर जारी कर स्टॉक एक्सचेंजों को डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था लागू करने की इजाजत दे रखी है।औरऔर भी

ज़ेनसार टेक्नोलॉजीज आरपीजी समूह की आईटी सलाह व सॉफ्टवेयर और बीपीओ सेवाओं से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के चेयरमैन हर्ष गोयनका हैं। लेकिन उसका प्रबंधन वाइस चेयरमैन व सीईओ गणेश नटराजन के नेतृत्व में बनी बारह सदस्यों की टीम देखती है। इसके नीचे ग्यारह सदस्यों की प्रबंधन परिषद है। कंपनी ने अलग-अलग उद्योगों को दी जा रही सेवाओं के मुताबिक अपने कामकाज को पांच वर्टिकल सेगमेंट में बांटा है। नए वर्टिकल अप्रैल 2011 से काम करना शुरूऔरऔर भी

मित्रों! मैं जीवन में जबरदस्त जोखिम उठाने का आदी हो चुका हूं। लेकिन शेयर बाजार में जोखिम उठाने से ज़रा घबराता हूं, वह भी तब दूसरों का पैसा दांव पर लगा हो। इसलिए शुक्रवार 28 जनवरी को जब मैंने देखा कि टीसीआई फाइनेंस सुबह 111.85 रुपए पर ऊपरी सर्किट छूने के बाद दोपहर बारह-एक बजे तक 101.25 रुपए के निचले सर्किट पर पहुंच गया तो मुझे डर लगा कि जिन लोगों ने टीसीआई फाइनेंस में निवेश कियाऔरऔर भी

पिछले चार दिनों से बाजार में बराबर यह खबर उड़ रही थी कि सेबी ने रिलायंस पेट्रोलियम (आरपीएल) में एसएएसटी (सब्सटैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर) रेगुलेशन के उल्लंघन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) पर 400 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोंक दिया है। आज एक प्रमुख बिजनेस चैनल ने भी यह ‘खबर’ फ्लैश कर दी। अंदरूनी व भेदिया कारोबार के माहिर खिलाड़ी निफ्टी और आरआईएल में पिछले हफ्ते से ही शॉर्ट चल रहे हैं। यही वजह हैऔरऔर भी

यूटीवी सॉफ्टवेयर कम्युनिकेशंस में कल अचानक बीएसई (कोड – 532619) में औसत से छह गुना ज्यादा 49,699 शेयरों का कारोबार हुआ। हालांकि इसमें से 16.99 फीसदी ही डिलीवरी के लिए थे। इसी तरह एनएसई (कोड – UTVSOF) में हुआ कारोबार 1,39,994 शेयरों का रहा जिसमें से 21.56 फीसदी डिलीवरी के लिए थे। हालांकि कंपनी ने कल ही दिसंबर 2010 तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। लेकिन शेयरों में बढ़े वोल्यूम से एक बात साफ होती है किऔरऔर भी