पहले औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के बढ़ने की दर दिसंबर में घटकर 1.8 फीसदी रह जाने की खबर आई। फिर यह खबर आ गई कि मॉरगन स्टैनली कैपिटल इंटरनेशनल (एमएससीआई) ने उभरते बाज़ारों में कैश होल्डिंग शून्य से बढ़ाकर दो फीसदी कर ली है। इन दो खबरों ने बाजार में घबराहट फैला दी। सभी लोग खटाखट लांग सौदे काटकर शॉर्ट सौदे करने में जुट गए। पंटर भाई लोग तो 5200 से ही शॉर्ट हुए पड़े हैं जिनमेंऔरऔर भी

हमें अपने निवेश के प्रति बड़ा निर्मम होना चाहिए। लक्ष्य पूरा हुआ, खटाक से कमाकर निकल लिए। कोई स्टॉक खरीद मूल्य से 25 फीसदी नीचे चला गया तो बिना मोह पाले उसे नमस्कार बोल डाला। डिवीज़ लैब में निवेश की सलाह हमारे चक्री महाशय ने सबसे पहले 27 अप्रैल 2011 को दी थी। तब इसका दो रुपए अंकित मूल्य का शेयर 715 रुपए पर था। तीन महीने में ही यह करीब 18 फीसदी बढ़कर 28 जुलाई 2011औरऔर भी

भारत सरकार आखिरकार सैन्य मामलों में घरेलू आधार को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। हम अभी तक विदेशी सैनिक हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर पर बहुत ज्यादा निर्भर है। खबरों के मुताबिक सरकार अब रक्षा से जुड़े सार्वजनिक उद्यमों (पीएसयू) और निजी कंपनियों के बीच संयुक्त उद्यम बनाने के नए दिशानिर्देशों को मंजूर करने जा रही है। मज़गांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) देश के चार डिफेंस शिपयार्ड में सबसे बड़ा है। उसके पास करीब 1,00,000 करोड़ रुपए केऔरऔर भी

जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज़ के दिसंबर तिमाही के नतीजे बड़े खराब रहे हैं। चाय और चीनी के दोनों ही धंधों में उसका मुनाफा घटा है। चाय सेगमेंट से बिक्री साल भर पहले की समान तिमाही से मात्र 5.7 फीसदी बढ़कर 104.93 करोड़ से 110.91 करोड़ रुपए हुई, पर यहां से हुआ शुद्ध लाभ 22.6 करोड़ से घटकर 9.33 करोड़ रुपए पर आ गया। चीनी में कंपनी ने देरी से पेराई शुरू की तो इस सेगमेंट की बिक्रीऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की संभावनाएं बेहतर दिखने लगीं तो अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनियों के शेयर चमाचम हो उठे। बाजार भी नई ऊंचाई पर बंद हुआ। लेकिन मैं ही नहीं, समूचा बाजार इस तेजी को लेकर आश्वस्त नहीं है। इसी आश्वस्त न होने के चक्कर में वो तमाम ट्रेडर जो निफ्टी के 5200 के स्तर से ही शॉर्ट हुए पड़े हैं, अब भारी दबाव महसूस करने लगे हैं। हमारी टीमऔरऔर भी

सरकार ने सीधे बाहर से एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) आयात करने की इजाजत दे दी और निजी एयरलाइन कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे छलांग लगा गए जैसे उन्हें कोई कारूं का खज़ाना मिल गया हो। स्पाइसजेट 10.98 फीसदी, किंगफिशर 13.20 फीसदी तो जेट एयरवेज 14.48 फीसदी बढ़ गया। मैं आपको पहले ही बता चुका हूं कि इस बार 30 फीसदी बढ़ने की बारी इन्हीं स्टॉक्स की है। इनके मूल्यांकन इतने नीचे आ चुके हैं कि मुझे पेशकश कीऔरऔर भी

जो लोग भी शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं, वे एस पी तुलसियान को पहचानते जरूर होंगे क्योंकि तुलसियान जी दूसरे चैनलों पर तो नहीं, लेकिन सीएनबीसी टीवी-18 और आवाज़ पर बराबर दिखते रहते हैं। एनालिस्ट हैं। शेयरों को चुनकर निवेश की सलाह भी देते रहते हैं। उन्होंने करीब ढाई महीने पहले 21 नवंबर 2011 को तमाम तथ्य व तर्कों के आधार पर टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनी में निवेश की सलाह दी थी। उसके नौ दिनऔरऔर भी

डाउ जोन्स में आई 165 अंकों की बढ़त और देश के गृहमंत्री पी चिदंबरम को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में मिली राहत ने आज बाजार के बढ़कर खुलने की जमीन तैयार कर दी थी। लेकिन जैसी कि मुझे उम्मीद थी, वो खुद को टिकाए नहीं रख सका। निफ्टी 5390.05 तक जाकर नीचे उतर आया और 0.67 की बढ़त के साथ 5361.65 पर बंद हुआ। जब हर तरफ से बुरी खबरें आ रही थी, तब बाजार के सारे लोगऔरऔर भी

बाजार हमेशा चौंकाता रहता है। उसका यही स्वभाव है। हर कोई इस समय करेक्शन चाहता है। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। बाजार बढ़ता ही जा रहा है। करीब दो बजे तक मामला थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे चलता रहा। फिर उसके बाजार ने क्या छलांग लगाई। निफ्टी 5334.85 तक पहुंचने के बाद अंत में 1.06 फीसदी की बढ़त लेकर 5325.85 पर बंद हुआ। अब तो यही लगता है कि जब आप सोचते-सोचते थक जाएंगे, तब अचानक धूमधड़ाम करेक्शन हो जाएगा।औरऔर भी

चीनी देश का इकलौता उद्योग है जहां बीस साल पहले उठी उदारीकरण की बयार अभी तक नहीं पहुंची है। कच्चे माल, गन्ने की कीमत सरकार तय करती है। केंद्र ही नहीं, राज्य सरकारों तक का इसमें दखल रहता है। फिर अंतिम उत्पाद, चीनी का एक हिस्सा लेवी के बतौर सरकार खुद तय की गई कीमत पर ले लेती है। सरकार के इतने अंकुश के बावजूद हालात दुरुस्त नहीं हैं और किसानों व चीनी मिलों में ठनी रहतीऔरऔर भी