वाणिज्य मंत्रालय की पहल के चलते निर्यातकों को अपने धंधे की लागत 45 करोड़ डॉलर कम करने में मदद मिली है। वाणिज्‍य व उद्योग राज्‍यमंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने दावोस में बुधवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक पैनल चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रालय के कदमों से निर्यातकों के लिए लेन-देन की कीमत कम हुई है और उन्हेँ लगभग 45 करोड़ डॉलर का फायदा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत उदारीकरणऔरऔर भी

देश की आर्थिक विकास दर जून तिमाही में पिछली छह तिमाहियों में सबसे कम रही है। फिर भी यह सबसे ज्यादा आशावादी अनुमान से भी बेहतर है। इसीलिए शेयर बाजार पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर कम रहने का असर नहीं पड़ा और वह करीब 1.6 फीसदी बढ़ गया। हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने जून तिमाही की विकास दर को निराशाजनक करार दिया है। मंगलवार को सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिकऔरऔर भी

देश भर में कुल 2,40,634 ग्राम पंचायतें हैं। इतनी बड़ी संख्‍या और मानव संसाधनों की कमी को देखते हुए पंचायतों में रोजगार सृजन की संभावनाएं बहुत हैं। पंचायती राज राज्‍य सूची का विषय है। यह राज्‍यों का दायित्‍व है कि वे पंचायती राज संस्‍थाओं (पीआरआई) में कर्मचारियों की व्‍यवस्‍था करें। केन्‍द्र सरकार इस संबंध में कोई खर्च नहीं उठाती। हालांकि पंचायतों के बेहतर कामकाज और नरेगा व पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष जैसी योजनाओं पर अमल के लिएऔरऔर भी