अगर आपको लगता है कि रुपए के कमज़ोर होने और ब्याज दर बढ़ने से रिजर्व बैंक और सरकार की सेहत पर बुरा असर पड़ता है तो आप बहुत बड़ी गफलत में हैं। दरअसल, इनसे रिजर्व बैंक का मुनाफा जमकर बढ़ता है, जिसका 99.99% हिस्सा केंद्र सरकार को मिल जाता है। रिजर्व बैंक ने बीते वित्त वर्ष 2025-26 में ब्याज से ही ₹2,25,419 करोड़ कमाए हैं। वहीं, रुपए को ज्यादा गिरने से रोकने के लिए रिजर्व बैंक बाज़ार में विदेशी मुद्रा या मुख्य रूप से डॉलर बेचता है। उसके पास जो डॉलर रखे हैं, उन्हें उसने सस्ते भाव पर खरीदा था। अब उन्हें महंगे भाव पर बेचने पर उसे जमकर फायदा होता है। इस बार रिजर्व बैंक की कुल आय ₹4,27,684 करोड़ रही है। इसमें से ₹1,68,906 करोड़ या 39.49% हिस्सा उसने रुपए को बचाने के लिए सिस्टम में डाले गए डॉलर बेचकर कमाए है। बता दें कि 2017-18 में रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप से 7139 करोड़ का नुकसान हुआ था। उसके बाद 2018-19 में इसी काम से उसे ₹29,143 करोड़ का लाभ हुआ। तब से लेकर 2025-26 तक के सात सालों में विदेशी मुद्रा बाज़ार में दखल या कहें तो डॉलर बेचने से उसका लाभ सीधे-सीधे 579.58% बढ़ा है। इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) 28.53% निकलती है जो जबरदस्त शानदार है। अब बुधवार की बुद्धि…
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