नव भारत वेंचर्स का शेयर (बीएसई – 513023, एनएसई – NBVENTURES) कल 295.10 रुपए पर 52 हफ्ते की तलहटी छूने के बाद 302 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 56.64 रुपए है तो निकालिए उसके शेयर का पी/ई अनुपात कितना हुआ? शेयर भाव बटे ईपीएस = 302/56.64 = 5.33। ऊपर से इस शेयर की बुक वैल्यू है 234.06 रुपए। यानी शेयर का भाव बुक वैल्यू से मात्रऔरऔर भी

बाजार के नामी उस्तादों में से शुमार, शंकर शर्मा भी यूको बैंक को खरीदने की सलाह देते सुने गए हैं। वैसे, यूको बैंक (बीएसई कोड – 532505, एनएसई कोड – UCOBANK) में बढ़ने की थोड़ी गुंजाइश भी नजर आ रही है। इस शेयर की बुक वैल्यू 72.65 रुपए है। शुक्रवार को यह 6.79 फीसदी की गिरावट के साथ 131.15 रुपए पर बंद हुआ है। ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 18.29 रुपए है तो पी/ई अनुपात मात्रऔरऔर भी

आम के सीजन में आंधी आने पर हम बाग में दौड़-दौड़ कर जमीन पर गिरे फलों को बोरे में भर लिया करते थे। लेकिन न तो अब वो जमाना रहा और न ही शेयर बाजार किसी गांव के आम के बाग की तरह है जहां आंधी-तूफान में गिरा हर फल मीठा होता है। यहां तो हर हर स्टॉक को आगे-पीछे, ऊपर-नीचे हर तरफ से जांच कर ही उठाया जाना चाहिए। इधर बहुत सारे शेयर खटाखट 52 हफ्तोंऔरऔर भी

बाजार पर आज कम से कम दोपहर तक हाउसिंग लोन घोटाले का असर छाया रहेगा। लेकिन लंबे निवेश की चाह में लगे लोगों के लिए यह घोटाला कोई ऐसा मसला नहीं है जिससे डरकर भाग लिया जाए। गिरावट के ऐसे मौके तो अच्छे शेयरों को सस्ते में पकड़ने के लिए ही होते हैं। ऐसा ही सस्ता शेयर है टेक्नोफैब इंजीनियरिंग का। उसे कल ही 30 करोड़ रुपए का नया ऑर्डर मिला है। इससे ठीक पंद्रह दिन पहलेऔरऔर भी

गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड (बीएसई – 532734, एनएसई – GPIL) बी ग्रुप की कंपनी है। किसी सूचकांक में शामिल नहीं तो शेयर बाजार में मची हायतौबा से बाहर है। बाजार गिरे या बढ़े, उस पर फर्क जरूर पड़ता है, लेकिन ज्यादा नहीं। जैसे कल सेंसेक्स 1.33 फीसदी गिर गया, जबकि उसमें आई गिरावट 0.58 फीसदी ही रही। उसमें सेंसेक्स जैसा भारी उतार-चढ़ाव भी नहीं है। वह 193.25 से 198.95 रुपए के सीमित दायरे में सुकून सेऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की तरफ से भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में गठित समिति ने शेयर बाजार के तंत्र से जुड़ी तीन संस्थाओं – स्टॉक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी और क्लियरिंग कॉरपोरेशन के मालिकाने, स्वरूप और उनके आपसी संबंधों में व्यापक फेरबदल की सिफारिश की है। उसका कहना है कि किसी भी स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी या क्लियरिंग कॉरपोरेशन की लिस्टिंग नहीं होनी चाहिए। समिति ने सोमवार, 22 नवंबर को अपनी रिपोर्ट सेबीऔरऔर भी

अहमदनगर फोर्जिंग्स (बीएसई कोड – 513325, एनएसई कोड – AHMEDFORGE) का शेयर पिछले एक महीने में 18.75 फीसदी बढ़ चुका है। 22 अक्टूबर को यह बंद हुआ था 142.15 रुपए पर और कल 22 नवंबर को इसका बंद भाव रहा है 168.80 रुपए। इस बीच में यह 9 नवंबर को 209.90 रुपए का शिखर भी बना चुका है। सवाल उठता है कि क्या इसमें अब भी उठने की ऊर्जा बची है? जवाब है – हां। कारण, इसकीऔरऔर भी

मंगलम ड्रग्स एंड ऑर्गेनिक्स (बीएसई कोड – 532637, एनएसई कोड – MANGALAM) कोई बड़ी कंपनी नहीं है। कुल बाजार पूंजीकरण अभी (शेयर के भाव और कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल = 20.45 X 1.318 करोड़) 26.953 करोड़ रुपए है। उसकी चुकता शेयर पूंजी 13.18 करोड़ रुपए है जो 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बंटी है। गुरुवार को दुरुस्त नतीजे घोषित करने के बाद शुक्रवार को उसका शेयर 6.23 फीसदी बढ़कर 20.45 रुपए परऔरऔर भी

रॉयल ऑर्किड होटल्स ने अच्छे नतीजे घोषित किए तो क्या? उसकी अच्छी-खासी विस्तार योजनाएं हैं तो क्या? उसकी प्रति शेयर बुक वैल्यू 74.91 रुपए है तो क्या? कोई देखेगा नहीं, पूछेगा नहीं तो शेयर के भाव कैसे बढ़ेंगे! खिलाड़ियों की दिलचस्पी नहीं। रिटेल निवेशक डरे हुए हिरन की तरह बाजार से चौकड़ी मारकर भागे हुए हैं। इसलिए रॉयल ऑर्किड होटल्स में चंद हजार शेयरों का कारोबार होता है और भाव 75 रुपए के आसपास डोल रहा है।औरऔर भी

रामको इंडस्ट्रीज बड़ी पुश्तैनी किस्म की कंपनी है। उसके संस्थापक चंदन का तिलक धारण करनेवाले पीएसी रामासामी राजा है। कंपनी ने अपना पहला एस्बेस्टस शीट प्लांट 1967 में तमिलनाडु के आराक्कोणम में लगाया। दूसरा शीट प्लांट करूर (कर्णाटक) में 1974 में और तीसरा प्लांट माक्सी (मध्य प्रदेश) में 1987 में लगाया। इससे पहले माक्सी में ही उसने 1983 में 5 मीटर लंबी और 80 मिमी से लेकर 1000 मिमी व्यास वाली एस्बेस्टस सीमेंट प्रेशर पाइप बनाने काऔरऔर भी