राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल पुणे के खडकी कंटोनमेंट इलाके में सेना की 2.61 लाख वर्गफुट जमीन पर अपना निजी महलनुमा घर बनवा रही हैं। इसमें उनका बंगला 4500 वर्गफुट क्षेत्रफल में है। बाकी इलाके को घेरकर किलेबंदी कर दी गई है। पूरा भवन लगभग बनकर तैयार हो गया है। यह पूरी की पूरी जमीन भारतीय सेना की है जिसे पाने का हक राष्ट्रपति का नहीं है। कानूनन भारत का राष्ट्रपति रिटायर होने के बाद सरकार सेऔरऔर भी

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे सिर्फ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद ही 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मुद्दे पर वित्त मंत्रालय के नोट पर कुछ बोलेंगे। वित्त मंत्री कल बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलनेवाले हैं। प्रणब ने मंगलवार को कोलकाता में अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं वही दोहरा रहा हूं जो मैंने न्यूयॉर्क और दिल्ली में कहा। यदि आरटीआई आवेदन के जरिए हासिल किएऔरऔर भी

केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि संसदीय समितियों की सिफारिशों को ‘अनिश्चित काल’ तक के लिए देश के नागरिकों की पहुंच से दूर नहीं रखा जा सकता, भले ही उन्हें सदन में पेश नहीं किया गया हो। मुख्य सूचना आयुक्त सत्यानंद मिश्रा ने राज्यसभा सचिवालय को सूचना के अधिकार पर अमल को लेकर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का खुलासा करने का निर्देश देते हुए यह फैसला सुनाया है। इन सिफारिशों को तीन साल बीतनेऔरऔर भी

बिहार पूरे देश का इकलौता राज्य है जहां सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। वहां कोई भी कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान से 155311 पर फोन करके आवेदन लिखवा सकता है जिसे संबंधित कार्यालय के पीआईओ को डाक/ई-मेल द्वारा भेज दिया जाता है। इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए अब आम आदमी को ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दर्ज कराने की सुविधा दे दी गई है। इस तरह की सुविधा न तो महाराष्ट्रऔरऔर भी

जो बात आप में से बहुतों ने नोट करने के बावजूद अनदेखी कर दी होगी, वो अब केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की भी नजर में आ गई है और वह इसके प्रति काफी गंभीर है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बहुतेरी शाखाओं में तय सीमा वाले प्रीमियम की रसीदों पर रेवेन्यू स्टैम्प या रसीदी टिकट नहीं लगाया जाता जिससे सरकारी खजाने को हर साल भारी नुकसान हो रहा है। बताऔरऔर भी

संसद की उच्च सदन की आचार समिति ने कहा है कि राज्यसभा के सदस्यों की आस्तियों और धन का ब्यौरा वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। समिति ने हालांकि कहा है कि कोई भी व्यक्ति संसद सदस्यों की परिसम्पत्तियों और देनदारियों के बारे में सम्पत्ति और देनदारी नियम, 2004 के तहत राज्यसभा के सभापति से लिखित में अनुमति लेकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दी गई जानकारी में राज्यसभाऔरऔर भी

सरकारी बैंकों में कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामले में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगी गई सूचना का विभिन्न बैंकों ने अलग अलग नजरिया अपनाते हुए जबाव दिया। कुछ बैंकों ने तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मांगी गई सूचना बैंकों में तैयार नहीं की जाती है। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट की एक खबर के अनुसार, कुछ बैंकों ने कहा है कि धोखाधडी से जुड़े आईपीसी की धारा 420 के तहत आनेवालेऔरऔर भी

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) राजधानी दिल्ली में होनेवाले संपत्ति के लेन-देन संबंधी सभी मामलों को सार्वजनिक करने पर विचार कर रहा है। इस बारे में उसने दिल्ली सरकार से उसकी राय पूछी है। मामला आरटीआई एक्ट (सूचना अधिकार कानून) के तहत दाखिल एस पी मनचंदा के आवेदन से जुड़ा है। उन्होंने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से 2000 में उसकी संपत्ति के व्यापार से जुड़ी पंजीकरण जानकारी मांगी थी। लेकिन उन्हें बताया गया कि विभाग संपत्ति केऔरऔर भी