रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक बोर्ड ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुरूप शुक्रवार को कंपनी के 12 करोड़ शेयर वापस खरीदने का फैसला कर लिया। शेयरों को वापस खरीदने का अधिकतम मूल्य 870 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। यह मूल्य शुक्रवार, 20 जनवरी को एनएसई में शेयर के बंद भाव 792.65 रुपए से 9.76 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने तय किया है कि वह खुले बाजार से अपने शेयरों की इस वापस-खरीद या बायबैक पर ज्यादा सेऔरऔर भी

हॉलैंड की वित्तीय सेवा कंपनी एगॉन बहुत समय से पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी से गुजारिश कर रही थी कि भारत में उसके एगॉन म्यूचुअल फंड का लाइसेंस रद्द कर उसे मुक्ति दे दी जाए। सेबी ने गुरुवार को उसकी यह गुजारिश पूरी कर दी। सेबी ने उनका पंजीकरण रद्द कर दिया है और कहा है कि एगॉन भारत में म्यूचुअल फंड का धंधा अब नहीं कर सकती। हालांकि यह महज एक कागजी खानापूर्ति या औपचारिकता हीऔरऔर भी

सिटी बैंक में 300 करोड़ रुपए की अनुमानित धोखाधड़ी का मुख्य अभियुक्त शिवराज पुरी लोगों व कंपनियों से जुटाई गई ज्यादातर रकम शेयर बाजार के डेरिवेटिव सौदों में लगाता था। गुड़गांव पहुंची सेबी की दो सदस्यीय टीम ने पुरी के निवेश के पैटर्न को जांचने के बाद यह पता लगाया है। इस बीच सोमवार को इस मामले में पुलिस ने हीरो समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। हीरो समूह की इकाई हीरोऔरऔर भी

बाजार में अफवाहों का चक्र घूम रहा है कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी केतन पारेख (केपी) से जुड़े स्टॉक्स के खिलाफ आदेश सुनाने जा रही है। ऐसे स्टॉक्स में रेलिगेयर, सुज़लॉन, डीबी रीयल्टी, गोदरेज प्रॉपर्टीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू पावर, पैंटालून, अडानी एंटरप्राइसेज, बीजीआर एनर्जी और आशापुरा माइनकेम का नाम लिया जा रहा है। बड़ी चालाकी से कोई ये सारी कहानियां प्लांट करा रहा है ताकि बाजार में भागमभाग मचे और वो अपना खेल करऔरऔर भी

हमारे शेयर बाजार में पब्लिक या आम निवेशकों की भागीदारी लगातार घटती जा रही है। दूसरी तरफ विदेशी निवेशक लगातार इस स्थिति में बने हुए हैं कि उनके अकेले की ताकत पब्लिक समेत तमाम भारतीय निवेशकों के लगभग बराबर बैठती है। रेलिगेयर कैपिटल मार्केट्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों की शेयरधारिता में आम निवेशकों का हिस्सा जून 2008 में 9.24 फीसदी था, लेकिन जून 2010 तक यह घटकर 8.16 फीसदी रह गया। इस दौरानऔरऔर भी