डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की मार के अलावा ऐसा कुछ भी नहीं है जो पिछले दो दिनों में बदला हो। लेकिन बाजार हिचकोले खा रहा है। निफ्टी कल 1.58 फीसदी गिरा तो आज 2.02 फीसदी बढ़ गया। डिश टीवी के नतीजों में ऐसी कुछ भी खराबी नहीं थी। लेकिन चूंकि इसमें बाजार के तमाम ट्रेडर 83 रुपए पर लांग हो गए थे, इसलिए बाजार को खिलानेवालों ने इसे 73.70 रुपए तक तोड़ डाला। इसी तरह क्रॉम्प्टनऔरऔर भी

हमने अपनी सारी लॉन्ग कॉल्स शुक्रवार को ही बंद कर दी थीं क्योंकि हमें पूरा अहसास था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस सितंबर तिमाही के नतीजों से बाजार को निराश करेंगी। इसके ऊपर से दुनिया के बाजारों ने आग में घी डालने का काम कर दिया। कुछ बाजार सूत्रों का कहना है कि आज दो प्रमुख एफआईआई ने निफ्टी में अपनी लांग पोजिशन काटी है। लेकिन मैं पक्की तरह जानता हूं कि यह सब ड्रामा है। गिरावटऔरऔर भी

एक फिर हमारी नजर तमाम बहुराष्ट्रीय ब्रोकिंग फर्मों से तेज व पारखी साबित हुई है। हमने बाजार से आगे निकलकर सबसे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) में खरीद की कॉल पेश की और बेचकर बाजार से पहले ही मुनाफा भी कमा लिया। हमें साफ-साफ लग गया कि आरआईएल के नतीजे उम्मीद से कमतर थे। इसलिए इसमें मुनाफावसूली होनी ही थी। हालांकि बहुत से लोग ने इसे मानने को राजी नहीं थे। रिलायंस का स्टॉक आज करीब 4 फीसदीऔरऔर भी

निफ्टी या तो आज ही, नहीं तो सोमवार को 5170 के पार जा सकता है और फिर 5350 की मंजिल की तरफ बढ़ सकता है। फिलहाल वह 5114.35 तक जाने के बाद नीचे उतरा है। सेंच्रुरी टेक्सटाइल्स सीमेंट व्यवसाय को अलग करने की खबर जाहिर होने के बाद आज 4 फीसदी तक बढ़ गया। हमें कल ही आपको इसकी सूचना दे दी थी। बीईएमएल को ऑर्डर मिलने की बात हमने तब लिखी थी जब वह 465 रुपएऔरऔर भी

एक दिन में सेंसेक्स के 422 अंक और निफ्टी के 125 अंक बढ़ने के बाद बाजार का थोड़ा गम खाना लाजिमी था। फिर भी खुला तेजी के साथ तो बाजार चलानेवालों को थोड़ी मुनाफावसूली का मौका मिल गया। हालांकि सेंसेक्स 74.47 अंक और निफ्टी 21.55 अंक गिरकर बंद हुआ है। लेकिन इससे यह नहीं मान लेना चाहिए कि बाजार का रुख फिर उलट गया है। कल बाजार के बादशाह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का दिन है। वह सितंबरऔरऔर भी

इनफोसिस ने अपेक्षा से बेहतर नतीजे घोषित किए। लेकिन बाकी साल के अनुमान घटा दिए। फिर भी इसके शेयरों में उछाल गया। इसका कारण यह है कि बाजार में हर कोई शॉर्ट हुआ पड़ा है जबकि डाउनग्रेड का दौर अब खत्म हो चुका है और अपग्रेड का क्रम शुरू हो गया है। इससे आपका साबका भले ही न पड़ा हो, लेकिन ऐसा होना आम नियम और व्यवहार है। रुपए का अवमूल्यन सॉफ्टवेयर निर्यात करनेवाली कंपनियों की मददऔरऔर भी

कल निफ्टी में 4990 और 5030 के आसपास किए गए शॉर्ट सौदे अभी तक काटे नहीं गए हैं। कारण, बहुत से मंदड़िए मानते हैं कि बाजार गिरकर 4700 तक जाएगा क्योंकि कल आ रहे इनफोसिस के नतीजे, हो सकता है कि अच्छे न रहें। ब्याज दरों के बढ़ने से मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को तगड़ी चपत लगी है। वहीं रुपए का कमजोर होना इनफोसिस की भावी संभावनाओं के लिए सुखद है। इनफोसिस ने जिस तरह से रुपए की विनिमयऔरऔर भी

दुनिया के बाजारों के बढ़ने कारण अपना शेयर बाजार भी भारी अंतर के साथ खुला। निफ्टी 2.79 फीसदी बढ़कर 4883.65 पर तो सेंसेक्स 2.72 फीसदी बढ़कर 16,222.49 पर। शाम होते-होते निफ्टी 136.75 अंकों की बढ़त के साथ 4888.05 और सेंसेक्स 440.13 अंकों की बढ़त के साथ 16,232.54 पर बंद हुआ। इस बीच खाद्य मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों से जाहिर हुआ कि इस पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है तो दोपहर बाद थोड़ी मुनाफावसूली देखी गई।औरऔर भी

मैं यह कॉलम दशहरे की छुट्टी के दिन भी लिख रहा हूं तो इसकी दो वजहें हैं। एक तो यह कि मैं आपको दशहरे और आनेवाले त्योहारों की शुभकामनाएं देना चाहता हूं। दूसरा यह कि आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भले ही पूरा बाजार बेचने पर उतारू हो, मैं अब भी खरीद के पक्ष में मुस्तैदी से डटा हूं और मेरी रणनीति बदस्तूर हर गिरावट पर खरीदने की है। मैं अब भी मानता हूं कि बहुतऔरऔर भी

बाजार के हालात सचमुच खराब हों या न हों, लेकिन भाई लोगों ने अफवाहों का चक्रवात चलाकर पूरे माहौल को बहुत भयावह बना दिया है। वे बता रहे हैं कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने 3 अक्टूबर 2008 को क्या आंकड़े पेश किए थे और अब उसी ने 3 अक्टूबर 2011 को क्या आंकड़े पेश किए हैं। संयोग से दोनों आंकड़े कमोबेश एक जैसे हैं और लेहमान संकट के समय आए ध्वंस की याद दिला रहे हैं। एकऔरऔर भी