ओएनजीसी का इश्यू भले ही पूरा सब्सक्राइब हो गया हो, लेकिन यह साफ तौर पर कई मोर्चों पर नाकाम रहा है। एक यह कि जिन एफआईआई को सरकार भारतीय शेयर बाजार का खुदा मानती है, उन्होंने 290 रुपए पर ओएनजीसी के प्रति कोई भरोसा नहीं जताया। वही एफआईआई, अगर सेंसेक्स 20,000 के ऊपर पहुंच जाए तो ओएनजीसी को 350 रुपए के मूल्य पर भी हाथोंहाथ ले लेंगे। लेकिन सच यही है कि उन्होंने सरकार की पेशकश परऔरऔर भी

जैसी कि उम्मीद थी, निफ्टी फ्यूचर्स गिरते-गिरते 5341 तक चला गया जो सोमवार की भारी गिरावट की तलहटी, 5326 से बस थोड़ा ही ऊपर है। आज का न्यूनतम स्तर उससे ऊंचा 5341 का रहा और यहां से 5277 अब भी काफी दूर है। इसने आज 5400 तक लोगों को शॉर्ट करने के लिए भी उकसाया और बंद हुआ 5381.65 पर। अगर कल यह 5427 को पार कर लेता है तो निश्चित रूप से 5500 के पार जानेऔरऔर भी

निफ्टी व सेंसेक्स भले ही थोड़ा बढ़कर बंद हुए हों, लेकिन बाजार में घबराहट का आलम अब भी बना हुआ है। मुझे तो दिसंबर तिमाही में जीडीपी की 6.1 फीसदी वृद्धि भी जमी नहीं। लगता है कि आंकड़ों में कुछ इधर का उधर हुआ है। निफ्टी फ्यूचर्स आज 5515.95 तक चला गया जो हमारे स्टॉप लॉस 5487 से ऊपर था। लेकिन वह खुद को वहां टिका नहीं सका। अंततः 5435 पर बंद हुआ। बाजार के खिलाड़ी निफ्टीऔरऔर भी

फरवरी सेटलमेंट में बाजार बराबर बढ़ता रहा, जबकि पेट्रोल व डीजल की मूल्यवृद्धि और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की चिंता से हर कोई वाकिफ था। ट्रेडर निफ्टी के 5200 से 5600 तक पहुंचने तक लगातार शॉर्ट करते रहे। फिर आखिरकार उन्होंने हथियार डाल दिया और बाजार धड़ाम हो गया। लगातार चार दिनों तक बाजार गिरता रहा। कल की गिरावट पिछले छह महीनों की सबसे तगड़ी गिरावट थी। इसने न केवल सारे लांग सौदों पर पूर्णविराम लगाऔरऔर भी

डाउ जोन्स में आई 165 अंकों की बढ़त और देश के गृहमंत्री पी चिदंबरम को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में मिली राहत ने आज बाजार के बढ़कर खुलने की जमीन तैयार कर दी थी। लेकिन जैसी कि मुझे उम्मीद थी, वो खुद को टिकाए नहीं रख सका। निफ्टी 5390.05 तक जाकर नीचे उतर आया और 0.67 की बढ़त के साथ 5361.65 पर बंद हुआ। जब हर तरफ से बुरी खबरें आ रही थी, तब बाजार के सारे लोगऔरऔर भी

बाजार हमेशा चौंकाता रहता है। उसका यही स्वभाव है। हर कोई इस समय करेक्शन चाहता है। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। बाजार बढ़ता ही जा रहा है। करीब दो बजे तक मामला थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे चलता रहा। फिर उसके बाजार ने क्या छलांग लगाई। निफ्टी 5334.85 तक पहुंचने के बाद अंत में 1.06 फीसदी की बढ़त लेकर 5325.85 पर बंद हुआ। अब तो यही लगता है कि जब आप सोचते-सोचते थक जाएंगे, तब अचानक धूमधड़ाम करेक्शन हो जाएगा।औरऔर भी

बाजार में ऑपरेटरों का आज जैसा कमाल सर्कस मैंने कभी-कभार ही देखा है। जब बहुत सारे स्टॉक्स गिरते जा रहे थे, तब वे जबरदस्ती के कुछ लांग सौदों के जरिए निफ्टी को संभालने में लगे रहे। फिर भी उनकी पीठ थपथपाई जानी चाहिए क्योंकि वे अपने मकसद में कामयाब रहे। आखिर सेंसेक्स व निफ्टी को मैनेज करना कोई हंसी-मजाक नहीं है! निफ्टी आज 0.65 फीसदी बढ़कर 5269.90 और सेंसेक्स 0.76 फीसदी बढ़कर 17,431.85 पर बंद हुआ है।औरऔर भी

निफ्टी सुबह के सत्र में 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए) को पार नहीं कर पाया तो अधिकांश ट्रेडर शॉर्ट हो गए। लेकिन दो बजते-बजते बाजार ने कल जैसी चाल दिखानी शुरू कर दी और बहुत तेजी से कल के उच्च स्तर को मात देता हुआ 5244.60 तक बढ़ गया। आखिर में 0.70 फीसदी की बढ़त से साथ 5235.70 पर बंद हुआ है। इस बढ़त में ट्रेडरों के रुख बदलने का भी योगदान रहा क्योंकि ढाई बजेऔरऔर भी

ट्रेडर कल छूटते ही शॉर्ट हो गए थे क्योंकि निफ्टी 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए), 5201.15 को पार करने में नाकाम रहा। कल ही साफ हो चला था कि आज बाजार का गलत रुख दिखाया जाएगा ताकि टेक्निकल एनालिसिस व चार्टों के भरोसे शॉर्ट हो गए ट्रेडरों व निवेशकों को कसा जा सके। हम यह अंदेशा भांपकर हम कल ही निफ्टी समेत जहां कहीं भी मुनाफा दिख रहा था, शॉर्ट कॉल्स से बाहर निकल गए औरऔरऔर भी

डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट के चलते बाजार कैसे हिल जाता है, इसके लिए मुझे नहीं लगता कि आपको अब किसी और प्रमाण की जरूरत है। जो बाजार पिछले सेटलमेंट में ज़रा-सा झुकने को तैयार नहीं था, वह नए सेटलमेंट के दूसरे ही दिन ताश के पत्तों की तरह ढह गया। निफ्टी गिरने लगा तो गिरते-गिरते अंत में 2.26 फीसदी की गिरावट के साथ 5087.30 पर बंद हुआ। यूं तो अभी और भी बहुत कुछ होना है।औरऔर भी