10% ऊपर तो 10% नीचे का पैटर्न!

बाजार में ऑपरेटरों का आज जैसा कमाल सर्कस मैंने कभी-कभार ही देखा है। जब बहुत सारे स्टॉक्स गिरते जा रहे थे, तब वे जबरदस्ती के कुछ लांग सौदों के जरिए निफ्टी को संभालने में लगे रहे। फिर भी उनकी पीठ थपथपाई जानी चाहिए क्योंकि वे अपने मकसद में कामयाब रहे। आखिर सेंसेक्स व निफ्टी को मैनेज करना कोई हंसी-मजाक नहीं है! निफ्टी आज 0.65 फीसदी बढ़कर 5269.90 और सेंसेक्स 0.76 फीसदी बढ़कर 17,431.85 पर बंद हुआ है।

वैसे तो एफआईआई व ऑपरेटर मिलकर काम करते हैं। लेकिन हम यह बात नहीं भूल सकते कि घरेलू वित्तीय संस्थाएं (डीआईआई) और केवल लांग रहनेवाले कुछ एफआईआई भारी बिकवाली कर सकते हैं। अंततः आपको सारा खेल चलाने के लिए नकदी की जरूरत होती है। इसलिए यहां बड़े करीने से काम लगाया जाता है। टाटा स्टील व एसबीआई में लांग पोजिशन ज्यादा रही है। उस्ताद लोग अब तक किनारे-किनारे के सारे स्टॉक्स बेच चुके हैं। यह शेयरों को फैलाने का खास अंदाज है। अब टाटा स्टील और एसबीआई को बेचने या दूसरे शब्दों में गिराने की बारी है।

मैं साफ-साफ कहूं तो मुझे बाजार में चल रही रैली पर भरोसा नहीं है। आपने कभी मुझे इस कदर मंदड़ियों की तरह बात करने हुए नहीं देखा होगा। लेकिन यह सच है कि इस समय मेरी सोच यही है। बाजार का 4531 से 5300 तक बिना किसी करेक्शन के बढ़ जाना कुछ ज्यादा ही हो गया। ट्रेडर हर दिन शॉर्ट सौदे कर रहे हैं और फंसे जा रहे हैं। यह बाजार में चल रही तेजी की मुख्य वजह है। हम अब भी मौकापरस्ती पर डटे रहेंगे। 4600 पर कोई मेरे साथ नहीं था और अब हम 5200 का स्तर देख चुके हैं। एक बार 5200 का स्तर टूट गया तो लोग फिर मेरे पीछे-पीछे चलेंगे। लेकिन साफतौर पर जोखिम व उपबल्धि का अनुपात फिलहाल अनुकूल नहीं है और इस माहौल में नोट बनाने का कोई भी लालच आपकी जेब सफाचट्ट कर सकता है।

आज निफ्टी 5289.95 और निफ्टी फ्यूचर्स 5299.90 की एक और ऊंचाई पर चला गया। इस बात की पूरी संभावना है कि वे इसे पिछले उच्च स्तर 5400 तक खींचकर ले जाने की कोशिश करेंगे। फिर भी इस रैली को टिकाए रखना संभव नहीं है। कृपया पिछले चार महीनों के दौरान निफ्टी की चाल पर गौर करें। आपको स्पष्ट तौर पर निफ्टी में 10 फीसदी नीचे, फिर 10 फीसदी ऊपर और फिर 10 फीसदी नीचे का पैटर्न नज़र आएगा। यह हमारे कैश सेटलमेंट की व्यवस्था का नाजायज नतीजा है।

अगर हम 5400 तक चले गए तो 4800 तक गिरना अपरिहार्य है। लेकिन अगर हम यहां से पलटते हैं तो बाजार 5080 पर समर्थन हासिल करने के बाद फिर से उठने लगेगा। हालांकि, केवल बाजार के तोप-तमंचे ही असली रुख का फैसला करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया, 122 लाइसेंस रद्द कर दिए और तमाम टेलिकॉम स्टॉक्स धूम-धड़ाम हो गए। ध्यान दें कि केवल लाइसेंस खारिज किए गए हैं, स्पेक्ट्रम नहीं। अब तक हासिल आस्तियां कंपनियों के पास ही रहेंगी। नई नीलामी में लाइसेंस फिर से हासिल किए जा सकते हैं जिसमें ज्यादा से ज्यादा 15,000 से 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा जो अपने-आप में कोई बड़ा बोझ नहीं है। कंपनियां यह बोझ उपभोक्ताओं पर आसानी डाल लेंगी। बल्कि इस चक्कर में उनका लाभ मार्जिन सुधर जाएगा।

तथ्य और सच का वास्तव में एक-दूसरे से बहुत कुछ लेना-देना नहीं होता।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं पड़ना चाहता। इसलिए अनाम है। वह अंदर की बातें आपके सामने रखता है। लेकिन उसमें बड़बोलापन हो सकता है। आपके निवेश फैसलों के लिए अर्थकाम किसी भी हाल में जिम्मेदार नहीं होगा। यह मूलत: सीएनआई रिसर्च का कॉलम है, जिसे हम यहां आपकी शिक्षा के लिए पेश कर रहे हैं)

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